NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
सीताराम येचुरी फिर से चुने गए माकपा के महासचिव
23वीं पार्टी कांग्रेस ने केरल से केंद्रीय समिति सदस्य एम सी जोसेफिन की मृत्यु पर भी गहरा शोक व्यक्त किया है, जिनकी कांग्रेस में भाग लेने के दौरान हृदय गति रुकने से मृत्यु हो गई।
अभिवाद
11 Apr 2022
Translated by महेश कुमार
yechuri
कन्नूर में माकपा की 23वीं पार्टी कांग्रेस में सीताराम येचुरी।

कन्नूर: कन्नूर में आयोजित की गई सीपीआई (एम) की 23 वीं पार्टी कांग्रेस ने अगले तीन साल तक कम्युनिस्ट पार्टी का नेतृत्व करने के लिए सीताराम येचुरी को फिर से अपना महासचिव चुन लिया है। भारत में मजदूर वर्ग की अगुआ पार्टी ने राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी का नेतृत्व करने के लिए 85 सदस्यीय केंद्रीय समिति और 17 सदस्यीय पोलित ब्यूरो का भी चुनाव किया है।

येचुरी, जो माकपा के महासचिव के रूप में अपने तीसरे कार्यकाल में प्रवेश कर रहे हैं, 2015 से पार्टी का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्हें पहली बार 2015 में विशाखापत्तनम में आयोजित 21वीं पार्टी कांग्रेस में पार्टी के कमांडर इन चीफ के रूप में चुना गया था। जेएनयू के पूर्व छात्र नेता येचूरी ने 2005 से 2017 तक राज्यसभा के सदस्य के रूप में, संसद में पार्टी का नेतृत्व किया है। येचूरी, देश में जनविरोधी, मजदूर विरोधी नीतियों और भाजपा-आरएसएस के हिंदुत्ववादी सांप्रदायिक आक्रमण के खिलाफ संघर्षों में सबसे आगे एक प्रमुख चेहरा रहे हैं, उन्होने राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी दलों को एक साथ लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

येचुरी के अलावा वरिष्ठ नेता प्रकाश करात, माणिक सरकार, पिनाराई विजयन, बीवी राघवुलु, वृंदा करात, कोडियेरी बालकृष्णन, एमए बेबी, सुरजाकांत मिश्रा, मुहम्मद सलीम, सुभाषिनी अली, जी रामकृष्णन, तपन सेन, नीलोत्पल बसु, ए॰ विजयराघवन, रामचंद्र डोम और अशोक धवले पोलित ब्यूरो के सदस्य चुने गए हैं। इनमें ए॰ विजयराघवन, रामचंद्र डोम, और अशोक धवले पोलित ब्यूरो के नए सदस्य हैं; जबकि, वरिष्ठ नेता एस रामचंद्रन पिल्लई, बिमान बोस और हनान मुल्ला को पॉलिट ब्यूरो से मुक्त कर दिया गया है। तीनों दिग्गज नेताओं को केंद्रीय समिति में विशेष आमंत्रित सदस्य के तौर पर शामिल किया गया है।

पोलित ब्यूरो के लिए नव निर्वाचित सदस्य ए॰ विजयराघवन और अशोक धवले, क्रमशः अखिल  भारतीय खेतिहर मजदूर यूनियन और अखिल भारतीय किसान सभा के अखिल भारतीय अध्यक्ष के रूप में काम कर रहे हैं। विजयराघवन, माकपा की केंद्रीय समिति के सदस्य और केरल में वाम लोकतांत्रिक मोर्चे के संयोजक के रूप में भी कार्यरत हैं। उन्होंने एक संक्षिप्त समय के लिए केरल माकपा के राज्य सचिव प्रभारी के रूप में भी काम किया है, तब, जब सीपीआई (एम) के केरल राज्य सचिव कोडियेरी बालकृष्णन चिकित्सा उपचार के लिए छुट्टी पर गए थे। 1998 और 2004 में राज्य सभा के सदस्य के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, वह संसद में विभिन्न संसदीय समितियों के सदस्य भी रहे हैं। विजयराघवन, 80 के दशक में एसएफआई के अखिल भारतीय अध्यक्ष भी रहे हैं।   

दिल्ली में ऐतिहासिक किसान आंदोलन का नेतृत्व करने वाले किसान संगठनों को एक साथ लाने में अशोक धवले का योगदान महत्वपूर्ण रहा है। महाराष्ट्र के रहने वाले धवले ने महाराष्ट्र में किसान लॉन्ग मार्च के आयोजन में अग्रणी भूमिका निभाई थी, जिसने देश में किसान आंदोलन की मजबूती की नींव रखी थी। एमबीबीएस क्वालिफाइड डॉक्टर धवले, ने राजनीति विज्ञान में एमए करने और पार्टी में पूर्णकालिक कार्यकर्ता बनने से पहले 1976 से 1983 तक मरीजों का इलाज़ भी किया है। उन्होंने स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के अखिल भारतीय उपाध्यक्ष, डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया के राज्य अध्यक्ष और महाराष्ट्र में सीपीआई (एम) के राज्य सचिव के रूप में भी काम किया है।

पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के रहने वाले डॉ. रामचंद्र डोम भी कोलकाता के एनआरएस मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस स्नातक हैं। दलित समुदाय के एक प्रगतिशील नेता, डोम अपने प्रारंभिक वर्षों में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, पीपुल्स साइंस फोरम से जुड़े रहे थे। उन्होंने 1989 से 2009 तक लोकसभा के सदस्य के रूप में कार्य किया है। उन्होंने सार्वजनिक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण पर संसदीय समितियों के सदस्य के रूप में भी काम किया है। वह 1989, 1991, 1996, 1998, 1999 और 2004 में पश्चिम बंगाल के बीरभूम निर्वाचन क्षेत्र से और 2009 में बोलपुर निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा के लिए चुने गए थे। वह लोकसभा में माकपा के मुख्य सचेतक भी रहे थे। वर्तमान में रामचन्द्र डोम, दलित शोषण मुक्ति मंच के राष्ट्रीय महासचिव हैं। 

85 सदस्यीय केंद्रीय समिति में 17 नए चेहरे हैं। पंद्रह महिलाओं को केंद्रीय समिति में चुना गया है। राजेंद्र सिंह नेगी और संजय पराते को समिति के स्थायी आमंत्रित सदस्य के रूप में चुना गया है। 

पार्टी कांग्रेस ने केरल से केंद्रीय समिति सदस्य एम सी जोसेफिन की मृत्यु पर भी शोक व्यक्त किया, जिनकी कांग्रेस में भाग लेने के दौरान हृदय गति रुकने से मृत्यु हो गई थी। जोसफीन को शनिवार को दिल का दौरा पड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रविवार दोपहर उसकी मौत हो गई। उन्होंने 2017 से 2021 तक केरल राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष के रूप में कार्य किया है। वे अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की उपाध्यक्ष भी रही हैं। 

विशाल रैली से कुछ घंटे पहले खचाखच भरे जवाहर स्टेडियम का नज़ारा।

कन्नूर में जवाहर स्टेडियम में एक विशाल रैली और सभा के लिए मंच तैयार किया गया है। माकपा के जिला सचिव एम वी जयराजन ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि समापन समारोह में करीब दो लाख लोगों के शामिल होने की संभावना है। पार्टी के महासचिव येचुरी और अन्य पोलित ब्यूरो के सदस्यों को रेड वोलिंटियर परेड में गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा, जहां 2,000 रेड वोलिंटियर परेड लाल वर्दी में मार्च करेंगे। कन्नूर शहर, राज्य भर से आए वामपंथी कार्यकर्ताओं और सहानुभूति रखने वालों लोगों से भरा हुआ है, जो पार्टी की बढ़ती संगठनात्मक ताकत को दिखाता है।

अंग्रेज़ी में प्रकाशित मूल आलेख को पढ़ने के लिए नीचे दिये गये लिंक पर क्लिक करें

Yechury Re-elected as General Secretary, CPI(M) 23rd Party Congress Concludes

CPI-M Party Congress
Sitaram yechury
Kannur
Kerala
M C Josephine
Ashok Dhawale
Ramachandra Dom
A Vijayaraghavan
Pinarayi Vijayan

Related Stories

केरल उप-चुनाव: एलडीएफ़ की नज़र 100वीं सीट पर, यूडीएफ़ के लिए चुनौती 

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

जहाँगीरपुरी हिंसा : "हिंदुस्तान के भाईचारे पर बुलडोज़र" के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

केरल: RSS और PFI की दुश्मनी के चलते पिछले 6 महीने में 5 लोगों ने गंवाई जान

सांप्रदायिक ताकतों से लड़ने के लिए आंबेडकर के संघर्षों से प्रेरणा लें : विजयन

सीपीआईएम पार्टी कांग्रेस में स्टालिन ने कहा, 'एंटी फ़ेडरल दृष्टिकोण का विरोध करने के लिए दक्षिणी राज्यों का साथ आना ज़रूरी'

हिंदुत्व एजेंडे से उत्पन्न चुनौती का मुकाबला करने को तैयार है वाम: येचुरी

केजरीवाल का पाखंड: अनुच्छेद 370 हटाए जाने का समर्थन किया, अब एमसीडी चुनाव पर हायतौबा मचा रहे हैं

केरल में दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल के तहत लगभग सभी संस्थान बंद रहे

केरल: एचएलएल के निजीकरण के ख़िलाफ़ युवाओं की रैली


बाकी खबरें

  • जोश क्लेम, यूजीन सिमोनोव
    जलविद्युत बांध जलवायु संकट का हल नहीं होने के 10 कारण 
    09 Apr 2022
    जलविद्युत परियोजना विनाशकारी जलवायु परिवर्तन को रोकने में न केवल विफल है, बल्कि यह उन देशों में मीथेन गैस की खास मात्रा का उत्सर्जन करते हुए जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न संकट को बढ़ा देता है। 
  • Abhay Kumar Dubey
    न्यूज़क्लिक टीम
    हिंदुत्व की गोलबंदी बनाम सामाजिक न्याय की गोलबंदी
    09 Apr 2022
    पिछले तीन दशकों में जातिगत अस्मिता और धर्मगत अस्मिता के इर्द गिर्द नाचती उत्तर भारत की राजनीति किस तरह से बदल रही है? सामाजिक न्याय की राजनीति का क्या हाल है?
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहारः प्राइवेट स्कूलों और प्राइवेट आईटीआई में शिक्षा महंगी, अभिभावकों को ख़र्च करने होंगे ज़्यादा पैसे
    09 Apr 2022
    एक तरफ लोगों को जहां बढ़ती महंगाई के चलते रोज़मर्रा की बुनियादी ज़रूरतों के लिए अधिक पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उन्हें अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए भी अब ज़्यादा से ज़्यादा पैसे खर्च…
  • आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: इमरान को हिन्दुस्तान पसंद है...
    09 Apr 2022
    अविश्वास प्रस्ताव से एक दिन पहले देश के नाम अपने संबोधन में इमरान ख़ान ने दो-तीन बार भारत की तारीफ़ की। हालांकि इसमें भी उन्होंने सच और झूठ का घालमेल किया, ताकि उनका हित सध सके। लेकिन यह दिलचस्प है…
  • ऋचा चिंतन
    डब्ल्यूएचओ द्वारा कोवैक्सिन का निलंबन भारत के टीका कार्यक्रम के लिए अवरोधक बन सकता है
    09 Apr 2022
    चूँकि डब्ल्यूएचओ के द्वारा कोवैक्सिन के निलंबन के संदर्भ में विवरण सार्वजनिक क्षेत्र में उपलब्ध नहीं हैं, ऐसे में यह इसकी प्रभावकारिता एवं सुरक्षा पर संदेह उत्पन्न कर सकता है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License