कोविड को लेकर अभी तक हाहाकार है, लेकिन भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारने से ज़्यादा अपनी छवि की चिंता सता रही है, क्योंकि अगले बरस देश के सबसे बड़े राज्य यूपी में चुनाव होने हैं।
प्रतिरोध का तरीका सार्वजनिक हो या न हो, श्रमिक आंदोलन विभिन्न रूपों में अपनी राह व संतुलन तलाश ही लेता है, भले ही कितनी ही असाधारण कठिन परिस्थिति क्यों न हो।