आखिर बीजेपी सरकार को कोरोना के बीच भी सिर्फ अपनी छवि सुधारने की क्यों पड़ी है ? आज बोल में अभिसार शर्मा सुप्रीम कोर्ट के आदेश की चर्चा कर रहे हैं और बता रहे हैं के एक साल बाद भी अदालत सरकार को फटकार…
माकपा ने राज्य सरकार से मांग की है कि कोरोना अभियान में लगे अन्य कर्मचारियों की तरह शिक्षकों को भी कोरोना वॉरियर माना जायेे। इसके तहत मृतक शिक्षकों के परिवारों को 50-50 लाख रुपये की मुआवजा राशि दी…
सरकार के शीर्ष पर बैठे दो लोग ही सारे फैसले ले रहे हैं और कोई नहीं जानता है कि ये फैसले किस आधार पर लिए जा रहे हैं। यह महाविनाश का ही नुस्खा है और सभी भारतीय इस सच्चाई को अब आसानी से देख पा रहे हैं।