डॉक्टर डोभाल कहते हैं कि यह बर्फ़बारी असमय और भारी हो रही है। तीन दिन पहले केदारनाथ में तीन फ़ीट तक बर्फ़ गिरी थी। सुमना में दो दिन से बर्फ़ गिर रही थी। पहाड़ अभी पूरी तरह नंगे थे यानी कि उन पर…
‘क्या होगा जब वर्तमान में स्थापित एक दो लाख मीट्रिक टन की क्षमता वाले विशालकाय साइलोज की तरह ही राज्य भर के विभिन्न स्थानों पर अचानक से नजर आने लगेंगे?’
कटाक्ष: क्या हुआ कि हमारे पास अस्पतालों में बेड नहीं हैं। क्या हुआ कि हमारे पास बेड पर ऑक्सीजन, वेंटीलेटर नहीं है। हमारे पास प्रोटोकॉल है! है किसी और के पास ऐसे वक्त में भी इतना सही-सलामत प्रोटोकॉल?
आंध्र प्रदेश और तेलंगाना की मौजूदा तैयारियों को देखते हुए यही कहा जा सकता है कि अगर कोविड-19 से संक्रमण का ग्राफ इसी तरह से लगातार बढ़ता रहा तो दोनों राज्यों की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं चरमरा सकती हैं।