25 मई 2020 को हुई जॉर्ज फ़्लॉइड की हत्या के बाद अमेरिका की सड़कों पर लाखों लोग जमा हुए थे और फ़्लॉइड के साथ रंगभेद का शिकार हुए हर इंसान के लिए न्याय की मांग की थी।
कहा जाता है कि सत्रहवी शताब्दी की अंग्रेज़ क्रांति क्रामवेल के बगैर, अठारहवीं सदी की फ्रांसीसी क्रांति रॉब्सपीयर के बगैर भी संपन्न होती लेकिन बीसवीं शताब्दी की विश्व्यापी प्रभावों वाली रूसी क्रांति…
बाइडेन का पैकेज बेशक सदाशयतापूर्ण है और उसे विकसित देशों के वामपंथ का समर्थन हासिल है। लेकिन, इस वामपंथ को तीसरी दुनिया के देशों की दुर्दशा के प्रति कहीं ज्यादा संवेदनशील होने की भी जरूरत है।
लखनऊ में रिफ़िल को लेकर भी लंबी-लंबी क़तारें इसलिए देखी जा रही हैं क्योंकि लोग अपने परिजनों को बचाने की कोशिश में लगे हुए हैं। आपूर्तिकर्ता का कहना है कि उन्हें ये सिलेंडर बहुत ही ज़्यादा क़ीमत पर…
आपको यह जानकर हैरत होगी कि इस साल जब राज्य एक बार फिर भीषण कोरोना की वजह से हांफ रहा है, तो महज आठ-नौ महीने पहले बने ये अस्पताल मरीजों की कोई मदद नहीं कर पा रहे, क्योंकि इन्हें बंद किया जा चुका है।