अदालत ने यह भी कहा कि सरकार रेमडेसिमिर इंजेक्शन और अन्य जीवन रक्षक दवाओं की आपूर्ति को नियंत्रित कर सकती है, लेकिन प्रक्रिया परेशानी मुक्त होना चाहिए और दवा की आपूर्ति समयबद्ध होनी चाहिए।
मीडियापार्ट की नयी रिपोर्ट बाद, कोई भी विवेकवान व्यक्ति यही कहेगा कि जब इतना सारा धुआं है, तो कहीं न कहीं तो आग होगी ही और तब क्या यही बेहतर नहीं होगा कि कम से कम इस आग का पता लगाया जाए।