किसानों का जत्था पदयात्रा के दूसरे दिन पानीपत, करनाल होते हुए समालखा पहुँचा। यात्रा के दौरान अप्रत्यक्ष दबाव डाल कर एक सभा रद्द करवा दी गई। तमाम मुश्किलों के बावजूद जत्था अपना प्रचार करता रहा।
छात्रों ने अपने बयान में कहा कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय का अपने छात्रों के प्रति इस तरह का रवैया बहुत ही निंदनीय है, इससे यही पता चलता है कि विश्वविद्यालय कैंपस में लोकतांत्रिक मूल्य पूरी तरह नष्ट हो…
इस प्रदर्शन कि मुख्य मांग है कि रोज़गार के अधिकार को मौलिक अधिकार बनाया जाए, बेरोज़गारों को 5000 रुपये मासिक का बेरोज़गारी भत्ता दिया जाए और ग्रामीण इलाकों में लागू मनरेगा की तर्ज़ पर शहरों में भगत…
पार्टी कई जगह अपने कार्यकर्ताओं-नेताओं को छोड़कर सीट जिताने वाले ऐसे लोगों पर दांव चल रही है जो ख़ुद चुनावी मैदान में उतरना ही नहीं चाहते। पार्टी उम्मीदवार घोषित होने के बावजूद कुछ लोग ऐसे भी हैं जो…