पटना के गेट पब्लिक लाइब्रेरी में भाकपा-माले, अखिल भारतीय किसान महासभा व खेग्रामस के संयुक्त बैनर तले एक महापंचायत हुई जिसमें हजारों किसान-मज़दूरों ने भागीदारी निभाई।
यह कहानी उस इलाके के किसानों की है, जहां एक ज़माने में बड़ी संख्या में चीनी मिल हुआ करते थे। आज़ादी से पहले बिहार में चीनी मिलों की संख्या 33 थी और राज्य के देश के कुल चीनी का 40 फीसदी उत्पादित करता…