एक ओर शाहीन बाग़ से लेकर किसान आंदोलन तक नारे लगाती औरतों ने सत्ता की नींद उड़ा दी है, तो वहीं दूसरी ओर प्रिया रमानी की जीत ने सत्ता में बैठे ताक़तवर लोगों के खिलाफ महिलाओं को खुलकर बोलने का हौसला…
किसान आंदोलन के आज सौ दिन पूरे हो गये. दूसरी तरफ पांच राज्यों में चुनाव का बिगुल बज गया. बंगाल, केरल, तमिलनाडु, असम और पुड्डुचेरी के इन लोकतांत्रिक चुनावों को भाजपा ने सचमुच किसी छद्म-युद्ध जैसा बना…
100 दिनों के लंबे संघर्ष ने किसानों को और तपा दिया है। किसानों ने शनिवार को पांच घंटे का जाम केएमपी एक्सप्रेस-वे पर किया और इस तरह से आंदोलन को अलग वेग के साथ जिंदा रखने का ऐलान किया।
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर आज किसानों ने कुंडली मानेसर हाईवे पाँच घंटों के लिए जाम रखा. उन्होंने यह भी याद दिलाया कि भाजपा को किसान आने वाले चुनावों में सबक़ सिखाएँगे.