ऐसे समय में जब पेट्रोल - डीज़ल के दाम आसमान छू रहे हैं, प्रधानमंत्री मोदी अपने कार्यक्रम मन की बात में सिर्फ अपने चुनाव अभियानों की बात कर रहे हैं. जनता के मुद्दों को छोड़कर प्रधानमंत्री ने इस…
आज राष्ट्रीय विज्ञान दिवस है और इतवार भी तो क्यों न आज ‘इतवार की कविता’ में विज्ञान से ही जुड़ी कविताओं के बारे में बात की जाए। ऐसा सोचते ही मुझे सबसे पहले चकबस्त याद आए।
अपभ्रंश चित्रकला शैली में भी मानवाकृतियां अजंता के चित्रण जैसी परिपक्व या वैभवशाली नहीं है। रेखाएं बौद्ध चित्रकला जैसी सरल और गतिशील नहीं थीं। आकृतियाँ सवा चश्म हैं…
अब आप स्वयं ही सोचिये कि क्या देश की जनता को इतना अधिक विकास होने के बाद भी इतना सस्ता पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस खरीदने में शर्म नहीं आती? आती ना! तो देश की आम जनता को शर्मिंदगी से बचाने के लिए ही…
इस चुनाव कार्यक्रम से न सिर्फ़ चुनाव आयोग की क्षमता पर प्रश्नचिह्न लगता है, बल्कि इन आरोपों को भी बल मिलता है कि केंद्र सरकार ने अन्य संवैधानिक संस्थाओं की तरह चुनाव आयोग की स्वायत्तता का भी अपहरण कर…