वित्तीय वर्ष 2017-18 और वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त दलों में से केवल 0.96% ने ही इलेक्शन कमिशन ऑफ़ इंडिया में अपने चंदे या दान से जुड़ी जानकारी दर्ज की हैं।
इस चक्का जाम मे महिला, नौजवान और बुज़ुर्ग किसानों की अच्छी खासी संख्या थी। चक्का जाम के दौरान सड़कों का नज़ारा पूरी तरह बदला हुआ था। जिन सड़कों और हाईवे पर गाड़ियां बुलेट की गति से दौड़ती थी वहां…
पीएमके के पास विधानसभा और लोकसभा में कोई सीट नहीं है। प्रभुत्वशाली वन्नियार जाति का प्रतिनिधित्व करने वाली पीएमके अब सरकारी नौकरियों में 20 फ़ीसदी आरक्षण के लिए जोर लगा रही है।