युगांडा के राष्ट्रपति और संसद के लिए चुनाव 14 जनवरी को हुए थे। इस चुनाव में लंबे समय तक राष्ट्रपति रहे योवेरी मुसेवेनी और उनके नेशनल रेसिस्टेंस मूवमेंट को विजयी घोषित किया गया।
आंध्रप्रदेश के एक किसान का कहना था कि ये कानून सारे देश भर पर लागू होंगे और केंद्र की इन कारगुजारियों का असर हम सभी को झेलना पड़ेगा। सिवाय अडानी-अंबानी गठजोड़ के इन कानूनों का किसी को भी कोई फायदा नहीं…
इंडियन अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल (आईएएमसी) और ‘हिंदूज फॉर ह्यूमन राइट्स’ द्वारा आयोजित एक ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन में संगठनों और कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि हत्या के एक मामले में ‘‘भट्ट की दोषसिद्धि…