जब तारीख़ ही देनी है तो एक बार में ही अगली सारी तारीख़ें दे दो। सरकार को अगली सारी की सारी तारीख़ें एकमुश्त ही दे देनी चाहिएं। उन्नीस के बाद फिर बाईस को, बाईस के बाद अट्ठाइस को।
एक व्यक्ति के तौर पर रामनाथ कोविंद अयोध्या में मंदिर निर्माण के लिए चाहे पांच रुपये दें या पांच लाख रुपये। यह सब उनका व्यक्तिगत मामला है। सवाल यहां है कि राष्ट्रपति होने के नाते क्या उन्हें मंदिर…
कोरोना टीकाकरण शनिवार से शुरू हो गया. काफी समय से इसका जोर-शोर से प्रचार हो रहा था. कोविड हो या कोई और मेडिकल इमरजेन्सी, उसका मुकाबला बेहतर और सक्षम लोक स्वास्थ्य सेवा-संरचना से ही संभव है. लेकिन…