उत्तर प्रदेश में बसपा का जनाधार लगातार खिसकता जा रहा है, उसके कई क़द्दावर नेता पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टियों में चले गए। ऐसे में क्या मायावती के अलग चुनाव लड़ने का दांव क्या उनकी नैया पार लगा पाएगा।
दशकों तक रिपब्लिकन ने रिपब्लिकन पार्टी के उस आधार को सोच-समझकर 'बेज़ुबान' बनाने का काम किया, ताकि रिपब्लिकन अभिजात वर्ग अपनी मनपसंद नीतियों के साथ बिना किसी रुकावट के कार्य कर सके। इस वजह से जो…
देश के पढ़े लिखे लेकिन तथ्य, तर्क और विवेक से हटकर सोचने वाले मध्यवर्ग के बीच बेसिरपैर की कहानियां घूम रही हैं, वे नहीं समझ पा रहे कि इस आंदोलन का उद्देश्य सरकार के रास्ते को बदलना और नीतियों में…