कृषि में निजी पूंजी किसानों की मौत का ऐलान है, लेकिन अब पीएम फंस गए हैं। अब या तो वे एक 'मज़बूत नेता' की छवि को बचा सकते हैं या फिर इस त्रासदी को रोक सकते हैं।
समुद्र की लहर किसी भी शाही हुक्मनामे से ज्यादा ताक़तवर होती है। इस सहज सी सच्चाई को समझाना उस समय का विवेक था। हमारे समय का विवेक आज कह रहा है कि किसानों का उमड़ा सैलाब संसद द्वारा पास किसी भी कानून…
कृषि उपज की ऑनलाइन बिक्री का काम केंद्र द्वारा तीन कृषि क़ानूनों को अधिनियमित किये जाने से पहले भी संभव था। इसलिए यह पूरी तरफ से स्पष्ट है कि इन क़ानूनों का ओम प्रकाश यादव द्वारा उपजाई गई फूलगोभी की…
विश्व हिन्दू परिषद ने पूरे देश में 1990 के दशक जैसा जहरीला और तनावभरा माहौल बनाने की योजना बनाई है। इसकी शुरुआत मध्य प्रदेश के मालवा क्षेत्र में हो चुकी है, जहां कुछ कस्बों में सांप्रदायिक झडपें हुई…
2020 कई तरीक़ों से यादगार रहा है। क़ानूनी बिरादरी के लिए यह साल कई हक़ीक़तों से पर्दा उठाने वाला और सीख देने वाला रहा, क्योंकि कोविड-19 पूरे देश को अपनी चपेट में लेता चला गया, जिससे अदालतों के कामकाज़…