आरोपियों के वकील ने अदालत के बाहर संवाददाताओं को बताया कि सीबीआई ने संदीप, लवकुश, रवि और रामू के खिलाफ सामूहिक बलात्कार एवं हत्या के आरोप लगाए हैं तथा हाथरस में स्थानीय अदालत ने संज्ञान लिया है।
एनएसए के तहत डॉक्टर कफ़ील ख़ान को जेल में बंद करने के फ़ैसले को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निरस्त कर दिया था। हाईकोर्ट के इसी फ़ैसले के ख़िलाफ़ उत्तर प्रदेश सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी।
आंदोलनों से भाजपा सतर्क है कि कहीं इस देश में कोई नये ढंग का विपक्ष न पैदा हो जाय! मौजूदा किसान आंदोलन से भी इसीलिए उसे डर लग रहा है क्योंकि यहां उसकी कोई पसंदीदा विपक्षी पार्टी नहीं।