प्रसिद्ध अर्थशास्त्री अमित भादुड़ी का आलेख: कृषि कानूनों के ख़िलाफ़ उठ खड़े किसान हमें यह दिखा रहे हैं कि हम कितने गलत थे कि यह मान बैठे थे कि अब कुछ हो ही नहीं सकता। चीजें बदलती हैं। लेकिन हमेशा उस…
भारतीय न्यायपालिका को उन क़ानूनों को निरस्त कर देना चाहिए,जो उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के क़ानूनों के मुताबिक़ लोगों को अपने ख़ुद के अलावा सामाजिक समूहों के बीच शादी करने से रोकते हैं।
किसानों की समझ और विवेक पर प्रश्नचिह्न लगाना बंद कीजिए सरकार जिनकी पीढ़ियां खप गयीं इस माटी में अनाज उगाते। किसान हर लिहाज़ से परिपक्व है, विवेकशील है, जागरूक है और वो अपने हित-अहित से बिल्कुल भी…