मंगलेश डबराल को कविता, गद्य और अनुवाद के अलावा संगीत, सिनेमा और यात्रा साहित्य में भी उनकी गहरी दिलचस्पी थी. वे हिंदी के अकेले कवि थे जिनकी दोस्ती तमाम भारतीय भाषाओं के अलावा विदेशी भाषाओँ के कवियों…
आज जब मंगलेश जी हमारे बीच नहीं हैं तो अंतिम समय में उनकी क्या मूल चिंताएं रहीं, इसे जानना एक बार फिर ज़रूरी है। आइए सुनते हैं न्यूज़क्लिक को दिया गया उनका अंतिम इंटरव्यू, जिसमें उन्होंने विस्तार से…
खोज ख़बर में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने मोदी सरकार द्वारा लोकतंत्र पर किये जा रहे हमले, किसानों की मांगों की ख़तरनाक अनदेखी, नीति आयोग के प्रमुख अमिताभ कांत द्वारा लोकतंत्र के अधिक होने को देश के…