चुनाव आयोग को लिखे एक पत्र में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी- मार्क्सवादी (माकपा) के महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि यह कदम चौंकाने वाला और स्तब्ध करने वाला है।
विधान परिषद की 11 सीटों के लिए होने वाले इस चुनाव में भाजपा, समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और शिक्षक संघों के अलावा निर्दलीय समेत कुल 199 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे।