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भारत
राजनीति
इंडिया के Radio Rwanda और सावरकर की हक़ीक़त
बोल के लब आज़ाद हैं तेरे के इस एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार अभिसार शर्मा मौजूदा भारतीय मीडिया की तुलना रेडियो रवांडा से कर रहे हैं। उनका कहना है कि1994 में रवांडा में नरसंहार हुआ था और उसके पीछे जिस प्रकार रेडियो रवांडा का हाथ था। उसी प्रकार आज का भारतीय मीडिया नफ़रत का प्रोपेगंडा फैला रहा है।
न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
19 Oct 2019

बोल के लब आज़ाद हैं तेरे के इस एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार अभिसार शर्मा मौजूदा भारतीय मीडिया की तुलना रेडियो रवांडा से कर रहे हैं। उनका कहना है कि1994 में रवांडा में नरसंहार हुआ था और उसके पीछे जिस प्रकार रेडियो रवांडा का हाथ था। उसी प्रकार आज का भारतीय मीडिया नफ़रत का प्रोपेगंडा फैला रहा है।

India's Radio Rwanda
Radio Rwanda
BJP
Savarkar

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CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License