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INX मीडिया धनशोधन मामले में चिदंबरम को ज़मानत, 105 दिन बाद होंगे रिहा
सुप्रीम कोर्ट ने चिदंबरम को निर्देश दिया कि पूर्व अनुमति के बगैर वह न तो देश से बाहर जायेंगे और न ही इस प्रकरण के बारे में मीडिया से बात करेंगे।
भाषा
04 Dec 2019
INX मीडिया

दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने आईएनएक्स मीडिया धन शोधन मामले में तिहाड़ जेल में बंद पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को बुधवार को जमानत दे दी। न्यायालय ने चिदंबरम को निर्देश दिया कि पूर्व अनुमति के बगैर वह न तो देश से बाहर जायेंगे और न ही इस प्रकरण के बारे में मीडिया से बात करेंगे।

न्यायमूर्ति आर भानुमति, न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति ऋषिकेश राय की पीठ ने पिछले 105 दिन से जेल में बंद कांग्रेस के 74 वर्षीय वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम को जमानत देते हुये यह निर्देश भी दिया कि वह न तो गवाहों को प्रभावित करेंगे और न ही किसी साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ करेंगे।

न्यायालय ने चिदंबरम को राहत प्रदान करते हुये उन्हें दो लाख रूपए का निजी मुचलका और इतनी ही राशि की दो जमानतें देने का निर्देश दिया।

चिदंबरम को पहली बार आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में सीबीआई ने 21 अगस्त को गिरफ्तार किया था। इस मामले में उन्हें शीर्ष अदालत ने 22 अक्टूबर को जमानत दे दी थी।

इसी दौरान 16 अक्टूबर को प्रवर्तन निदेशालय ने आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले से मिली रकम से संबंधित धन शोधन के मामले में चिदंबरम को गिरफ्तार कर लिया था। वह इस समय न्यायिक हिरासत में हैं।
पीठ ने पूर्व वित्त मंत्री को जमानत देने से इंकार करने संबंधी दिल्ली उच्च न्यायालय का 15 नवंबर को फैसला निरस्त करते हुये चिदंबरम को निर्देश दिया कि वह इस मामले के बारे में न तो प्रेस को कोई इंटरव्यू देंगे और न ही इस संबंध में कोई बयान देंगे।

शीर्ष अदालत ने कहा कि आर्थिक अपराध गंभीर किस्म के होते हैं लेकिन आरोपी को जमानत देना नियम है और अपवाद स्वरूप ही इससे इंकार किया जा सकता है।

न्यायालय ने कहा कि उसके आदेश का इस मामले के किसी भी अन्य आरोपी पर कोई प्रभाव नहीं होगा और पूर्व मंत्री आवश्यकता पड़ने पर इस प्रकरण की आगे जांच में जांच एजेंसी के साथ सहयोग करेंगे।

पीठ ने चिदंबरम को जमानत देने से इंकार करते समय अपराध की गंभीरता को ध्यान में रखे जाने को न्यायोचित बताया लेकिन उसने इस मामले के गुण दोष के बारे में अदालत की टिप्पणियों को नकार दिया। पीठ ने कहा कि अपराध की गंभीरता का आकलन तो प्रत्येक मामले के तथ्यों और परिस्थितियों के आधार पर अदालत करेगी।
न्यायालय ने कहा कि शुरू में वह सीलबंद लिफाफे में पेश दस्तावेजों के अवलोकन के पक्ष में नहीं थी लेकिन चूंकि उच्च न्यायालय ने इनका अवलोकन किया था, इसलिए शीर्ष अदालत के लिये इन पर गौर करना जरूरी हो गया था।

पीठ ने फैसला सुनाने के बाद रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि सीलबंद लिफाफे में सौंपी गयी सामग्री प्रवर्तन निदेशालय को लौटा दी जाये।

पीठ ने कहा कि उसके आदेश को इस मामले के गुण दोष के बारे में किसी प्रकार का निष्कर्ष नहीं माना जायेगा ओर चिदंबरम के मामले की कथित पेचीदगी पर निचली अदालत विचार करेगी।

पूरा घटनाक्रम

इस मामले में घटनाक्रम इस प्रकार हैं :

- 15 मई, 2017 : सीबीआई ने 2007 में विदेश से 305 करोड़ रुपये की रकम प्राप्त करने के लिए आईएनएक्स मीडिया समूह को विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की मंजूरी में अनियमितता का आरोप लगाते हुए मामले में प्राथमिकी दर्ज की।

- 16 फरवरी, 2018 : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस संबंध में धन शोधन का मामला दर्ज किया। सीबीआई ने पूछताछ के लिए चिदंबरम को समन किया।

- 30 मई, 2018 : चिदंबरम ने सीबीआई के भ्रष्टाचार मामले में अग्रिम जमानत याचिका का अनुरोध करते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर की।

- 23 जुलाई, 2018 : प्रवर्तन निदेशालय के धन शोधन मामले में अग्रिम जमानत के लिए उन्होंने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की।

- 25 जुलाई, 2018 : उच्च न्यायालय ने उन्हें दोनों मामलों में गिरफ्तारी से अंतरिम राहत दे दी।

- 25 जनवरी, 2019 : उच्च न्यायालय ने दोनों मामलों में अग्रिम जमानत पर अपना फैसला सुरक्षित रखा।

- 20 अगस्त, 2019 : उच्च न्यायालय ने अग्रिम जमानत याचिकाएं खारिज कीं। अदालत ने इस आदेश पर तीन दिन के लिये रोक लगाने का चिदंबरम का अनुरोध ठुकरा दिया। चिदंबरम उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर करने के लिये यह राहत चाहते थे।

- 21 अगस्त, 2019 : सीबीआई मामले में चिदंबरम गिरफ्तार ।

- 22 अगस्त, 2019 : चिदंबरम को चार दिन के लिए सीबीआई की हिरासत में भेजा गया, जो पांच सितंबर तक समय-समय पर बढ़ता रहा।

- पांच सितंबर, 2019 : उच्चतम न्यायालय ने धन शोधन मामले में उन्हें अग्रिम जमानत से इनकार से संबंधित उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ उनकी याचिका खारिज की।

- पांच अक्टूबर, 2019 : दिल्ली की अदालत ने निदेशालय को तिहाड़ जेल में उनसे पूछताछ करने और जरूरत पड़ने पर गिरफ्तार करने की इजाजत दी।

- 16 अक्टूबर, 2019 : निदेशालय ने तिहाड़ जेल में ही चिदंबरम से पूछताछ की और उन्हें गिरफ्तार किया।

- 17 अक्टूबर, 2019 : चिदंबरम को 24 अक्टूबर तक प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में भेजा गया।

- 18 अक्टूबर, 2019 : सीबीआई ने आईएनएक्स मीडिया मामले में पी चिदंबरम एवं 13 अन्य के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया।

- 21 अक्टूबर, 2019 : सीबीआई की अदालत ने जांच एजेंसी के आरोप पत्र का संज्ञान लिया और 24 अक्टूबर तक पी चिदंबरम को तलब किया।

- 22 अक्टूबर, 2019 : उच्चतम न्यायालय ने भ्रष्टाचार मामले में चिदंबरम को जमानत दी।

- 24 अक्टूबर, 2019 : दिल्ली की अदालत ने चिदंबरम को आईएनएक्स मीडिया धन शोधन मामले में पूछताछ के लिये 30 अक्टूबर तक ईडी की हिरासत में भेजा।

- 25 अक्टूबर, 2019 : सीबीआई ने आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में चिदंबरम को जमानत देने के उच्चतम न्यायालय के फैसले पर पुनर्विचार याचिका दायर की।

- 30 अक्टूबर, 2019 : चिदंबरम ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए आईएनएक्स मीडिया धन शोधन मामले में अग्रिम जमानत के लिये दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर की।

- 30 अक्टूबर, 2019 : दिल्ली की अदालत ने धन शोधन मामले में 13 नवंबर तक चिदंबरम को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

- 13 नवंबर, 2019 : दिल्ली की अदालत ने चिदंबरम की न्यायिक हिरासत 27 नवंबर तक बढ़ाई।

- 15 नवंबर, 2019 : उच्च न्यायालय ने धन शोधन मामले में चिदंबरम को जमानत से इनकार किया।

- 18 नवंबर, 2019 : चिदंबरम ने उनकी जमानत याचिका खारिज करने से संबंधित उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देते हुए उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की।

- 21 नवंबर, 2019 : दिल्ली की अदालत ने ईडी को 22, 23 नवंबर को चिदंबरम से तिहाड़ में पूछताछ की अनुमति दी।

- 27 नवंबर, 2019 : दिल्ली की अदालत ने चिदंबरम की न्यायिक हिरासत 11 दिसंबर तक बढ़ाई।

- 28 नवंबर, 2019 : उच्चतम न्यायालय ने चिदंबरम की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा।

- चार दिसंबर, 2019 : उच्चतम न्यायालय ने आईएनएक्स धन शोधन मामले में चिदंबरम को जमानत से इनकार से संबंधित दिल्ली उच्च न्यायालय के 15 नवंबर के फैसले को निरस्त करते हुए उन्हें जमानत दे दी। चिदंबरम 21 अगस्त से 105 दिन तक हिरासत में रहे हैं।

कांग्रेस की प्रतिक्रिया

कांग्रेस ने चिदंबरम को जमानत देने के उच्चतम न्यायालय के फैसले का बुधवार को स्वागत करते हुए कहा कि आखिरकार सत्य की जीत हुई है।

पार्टी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर कहा, ‘‘आखिरकार सच की जीत हुई। सत्यमेव जयते।’’
चिदंबरम के पुत्र और कांग्रेस सांसद कार्ति ने पिता को जमानत मिलने पर खुशी जताते हुए कहा कि आखिर 106 दिनों के बाद जमानत मिल गई।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने कहा, न्याय में देरी अन्याय है। यह काफी पहले ही मिलना चाहिए था।
पार्टी प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने भी चिदंबरम को जमानत मिलने का स्वागत किया और कहा कि लंबी प्रतीक्षा के बाद यह हुआ है।

भाजपा का पलटवार

भाजपा ने कहा कि कांग्रेस नेता ‘जमानत पर बाहर आने वालों के क्लब’ में शामिल हो गए हैं और धन शोधन मामले में पूर्व मंत्री को जमानत मिलने पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया ‘भ्रष्टाचार का उत्सव’ मनाने का उदाहरण है। विपक्षी पार्टी पर चुटकी लेते हुए इस संदर्भ में भाजपा ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी का जिक्र भी किया।

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