NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
ईपीएफ़ओ: कर्मचारियों ने काम के बढ़ते दबाव और पदोन्नति न मिलने को लेकर की सांकेतिक हड़ताल
ईपीएफ़ओ के समूह बी, सी और डी कैडरों के कर्मचारियों ने कहा है कि अगर रिक्तियों को भरने और पदोन्नति से जुड़ी उनकी मांगों को नहीं माना गया, तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
29 Aug 2019
EPF employee's

देशभर में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफ़ओ) के क्षेत्रीय कार्यालयों में कार्यरत समूह बी, सी और डी कैडर के 18,000 से अधिक कर्मचारियों ने 28 अगस्त को एक दिवसीय हड़ताल की, ताकि उनकी मांगों पर कार्रवाई हो। पिछले तीन महीनों में कर्मचारी यूनियन द्वारा प्रबंधन को अपनी मांगों को लेकर 80 पत्र लिखे गए लेकिन प्रबंधन की उदासीनता बनी रही है। इसी के विरोध में ऑल इंडिया एम्प्लॉइज़ प्रोविडेंट फ़ंड स्टाफ़ फ़ेडरेशन (AIEPFSF) के बैनर तले हड़ताल की गई थी।

न्यूज़क्लिक की टीम द्वारका सेक्टर 23 में ईपीएफ़ओ कॉम्प्लेक्स पर गई, जहाँ लगभग 250 कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर, इस उम्मीद से इमारत के बाहर हड़ताल पर थे कि प्रबंधन उनकी मांगों पर ध्यान देगा।

एक कर्मचारी ने कहा, "हम सभी ख़ाली पदों को भरने के लिए कह रहे हैं ताकि हमारे काम का बोझ कम हो।"

AIEPFSF के महासचिव आर कृपाकरण के अनुसार, लगभग 3,000 पद ख़ाली पड़े हैं। कार्य के भार में वृद्धि के बावजूद हज़ारों कर्मचारियों की संख्या में कमी देखी गई है। जबकि कार्यालय में काम का बढ़ता दबाव है, कर्मचारियों में किसी भी तरह की प्रेरणा से नहीं हैं क्योंकि उनमें से कई वर्षों से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

लेकिन वो नहीं मिला रहा है, जिससे उनके मनोबल पर असर पड़ा है।”

एक कर्मचारी जिसने हड़ताल में भाग लिया, ने कहा, "मैं 29 साल से ग्रुप सी कर्मचारी के रूप में ईपीएफ़ओ संगठन में काम कर रहा हूं, और मैं अभी भी उसी पद पर हूं जिस पर मैंने ज्वाइन किया था।"

कुछ अन्य कर्मचारियों ने कहा, "एक ग्रुप ए स्टाफ़ तीन से चार साल की सेवा के बाद पदोन्नति के लिए पात्र हो जाता है; हालाँकि, जहाँ तक निचले समूहों का संबंध है, इस तरह के कोई प्रावधान नहीं है , या यदि थे, तो वे ठीक से लागू नहीं हो रहे हैं। कर्मचारियों के बीच पदोन्नति को लेकर काफ़ी असमंजस की स्थिति है।

कृपाकरण ने कहा, "परीक्षाओं के माध्यम से उच्च पदों पर सीधी भर्ती के साथ स्थिति ख़राब हो गई है ... हालांकि हम इस तरह की भर्तियों की आवश्यकता को समझते हैं लेकिन ये तब अस्वीकार्य हैं जब हमारे कैडर की पदोन्नति से समझौता किया जा रहा है।"

उनके अनुसार, "वर्तमान में, सभी उच्च पदों पर सीधी भर्ती के माध्यम से क़ब्ज़ा कर लिया जाता है, जबकि ऐसी प्रक्रियाओं के माध्यम से उनमें से केवल आधे को को ही सीधे नियुक्त करने की आवश्यकता के विपरीत और अन्य आधे निचले समूहों को पदोन्नति के माध्यम से लिया जाना चाहिए।”

ईपीएफ़ कर्मचारियों का आंदोलन 2015 में शुरू हुआ था जब एनोमली रिड्रेसल-कम-इंप्लीमेंटेशन कमेटी (यह कमेटी कर्मचारी के कार्य के तरीक़ों को लेकर अपनी राय देती है) की सिफ़ारिशों, जिसमें कैडर पुनर्गठन के उपायों को शामिल किया गया था, को सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ ट्रस्टीज़ (सीबीटी) द्वारा अनुमोदित किया गया था। सीबीटी ईपीएफ़ओ की त्रिपक्षीय निर्णय लेने वाली संस्था है जिसमें ट्रेड यूनियन प्रतिनिधि भी शामिल हैं। लेकिन इन सभी को शायद ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। तब से, यूनियन लगातार इसके कार्यान्वयन की मांग कर रहा है, और अधिकारियों के साथ कई बैठकों में भाग लिया है, जिस में कर्मचारियों ने उन्हें किए गए वादों के बारे में याद दिलाया।

अंत में, इस साल 10 जनवरी को, प्रबंधन "कम समय सीमा के भीतर" यूनियन की सभी 'वैध' मांगों को हल करने के लिए सहमत हुआ। हालाँकि, स्थिति नहीं बदली।

इस बीच, कर्मचारियों को गंभीर काम के दबाव का सामना करना पड़ा । न्यूज़क्लिक ने जिन कर्मचारियों से बात की, उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को छुट्टी देने से इनकार कर दिया गया था, यहां तक कि तबियत ख़राब होने  पर भी, कर्मचारियों को शनिवार, रविवार और यहां तक कि सरकारी अवकाश पर बुलाया गया था और सबसे ऊपर, उन व्यक्तियों पर "दंड स्थानान्तरण" लगाया गया, जिन्होंने इस शोषण के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई थी।

कोई हल ना मिलने पर, यूनियन ने 1 अगस्त को एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन कार्यक्रम शुरू किया, जिसके तहत समूह बी, सी और डी कैडर के ईपीएफ़ कर्मचारियों द्वारा हर क्षेत्रीय कार्यालय पर प्रदर्शन और अन्य विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। संघर्ष के प्रति अपनी एकजुटता दिखाते हुए, कर्मचारियों ने 19 अगस्त से काले बैज पहनना शुरू कर दिया और अपने दोपहर के भोजन के घंटे के प्रदर्शन को तेज़ कर दिया और 28 अगस्त को एक दिन की सांकेतिक हड़ताल करने का भी फ़ैसला किया। अगर यही स्थिति बनी रहती है तो अनिश्चितकालीन हड़ताल पर भी जा सकते हैं।

एक कर्मचारी ने पिछले महीने जमशेदपुर में पीएफ़ कर्मचारी की "रहस्यमयी" आत्महत्या के बारे में बताते हुए कहा कि भारत भर के ईपीएफ़ कर्मचारियों ने विरोध दर्ज कराया है। हालांकि पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया है, कर्मचारी ने माना कि काम के दबाव के कारण उसने आत्महत्या की होगी। 

कर्मचारी ने कहा,"हमें आश्चर्य नहीं होगा अगर वह कारण होगा, क्योंकि अब हम भी इससे थक गए हैं!" 

EPF Employees
Employees’ Provident Fund Organisation
EPFO
Workers rights
Worker Problems

Related Stories

लंबे संघर्ष के बाद आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व सहायक को मिला ग्रेच्युटी का हक़, यूनियन ने बताया ऐतिहासिक निर्णय

उत्तर प्रदेश में स्कीम वर्कर्स की बिगड़ती स्थिति और बेपरवाह सरकार

ओएफबी: केंद्र के ‘कड़े’ अध्यादेश के ख़िलाफ़ रक्षा महासंघों ने अखिल भारतीय काला दिवस मनाने का फ़ैसला किया

उचित वेतन की मांग करने पर चेन्नई लक्ज़री क्लबों ने अपने 95 कर्मचारी निकाले

केंद्रीय मज़दूर संगठन कामगारों की लंबी आम हड़ताल पर कर रहे हैं विचार

मज़दूर अधिकारों पर हो रहे हमलों के खिलाफ़ हज़ारो निर्माण मज़दूरों का दिल्ली में प्रदर्शन

"और मुज़फ़्फ़रनगर नहीं सहेंगे" कुपोषण मुक्त भारत के लिए आइफ़ा का देशव्यापी विरोध प्रदर्शन

भारत: क्रांतिकारी ट्रेड यूनियन आंदोलन के 50 वर्ष

हरियाणा रोडवेज़: 365 कर्मचारियों को हटाने का तुग़लकी फ़रमान


बाकी खबरें

  • कोविड-19 टीकाकरण प्रमाण पत्र अब व्हाट्सऐप पर उपलब्ध होगा
    भाषा
    कोविड-19 टीकाकरण प्रमाण पत्र अब व्हाट्सऐप पर उपलब्ध होगा
    09 Aug 2021
    “अब कोविड-19 टीकाकरण प्रमाण पत्र तीन आसान चरणों में ‘माईगोव कोरोना हेल्पडेस्क’ से प्राप्त करें। संपर्क नंबर +91 9013151515 को सेव करें। व्हाट्सऐप पर ‘कोविड सर्टिफिकेट’ टाइप कर भेजें। ओटीपी प्रविष्ट…
  • जाने-माने अभिनेता अनुपम श्याम का निधन
    भाषा
    जाने-माने अभिनेता अनुपम श्याम का निधन
    09 Aug 2021
    63 साल के अनुपम श्याम इन दिनों धारावाहिक ‘मन की आवाज: प्रतिज्ञा’ में काम कर रहे थे। वह फिल्म ‘स्लमडॉग मिलियनेयर’ और ‘बैंडिट क्वीन’ में भी नजर आ चुके हैं।
  • कोरोना
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 35,499 नए मामले, 447 मरीज़ों की मौत
    09 Aug 2021
    देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 35,499 नए मामले दर्ज किए गए हैं। देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 1.25 फ़ीसदी यानी 4 लाख 2 हज़ार 188 हो गयी है।
  • डूरंड लाइन पर फेंसिंग का काम लगभग पूरा हो गया है। अफ़ग़ानिस्तान के साथ खैबर सीमा में तैनात पाकिस्तानी सैनिक
    एम. के. भद्रकुमार
    अफ़ग़ानिस्तान को सताता सीरिया का भूत
    09 Aug 2021
    मिली रिपोर्टों के मुताबिक अगर सुरक्षा परिदृश्य गंभीर रूप से बिगड़ता है, तो कोई भी रूसी कार्रवाई "सीरिया पर की गई कार्रवाई के समान" हो सकती है, जिसमें हवाई हमले और विशेष सुरक्षा अभियान बलों की तरफ़ से…
  • गठबंधन की राजनीति देश की हक़ीक़त का प्रतिबिम्ब है
    न्यूज़क्लिक टीम
    गठबंधन की राजनीति देश की हक़ीक़त का प्रतिबिम्ब है
    08 Aug 2021
    चल रहे मॉनसून सेशन में देश की विभिन्न विपक्षी दलों ने एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए जनता के मुद्दों को उठाया है। इतिहास के पन्ने के इस अंक में इसी पहलू पर नज़र डालते हुए नीलांजन बात कर रहे हैं देश में…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License