NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
लैटिन अमेरिका
अमेरिका
ईरान ने चेताया, सुरक्षित होने के मुगालते में ना रहे अमेरिका
खाड़ी में मौजूदा तनाव के मद्देनजर ईरान के विदेश मंत्री जवाद जरीफ ने कड़े शब्दों में अपनी बातें रखी। यह संकट तब गहरा गया था, जब एक साल पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वैश्विक ताकतों के साथ हुए 2015 के समझौते से बाहर निकलने का फैसला किया।
एपी, भाषा
11 Jun 2019
Iran

जर्मनी के विदेश मंत्री की यात्रा के बीच ईरान के विदेश मंत्री ने सोमवार को अमेरिका को आगाह किया कि तेहरान के खिलाफ आर्थिक युद्ध छेड़ने के बाद ‘‘वह सुरक्षित बने रहने की उम्मीद नहीं कर सकता।’’ 

खाड़ी में मौजूदा तनाव के मद्देनजर ईरान के विदेश मंत्री जवाद जरीफ ने कड़े शब्दों में अपनी बातें रखी। यह संकट तब गहरा गया था, जब एक साल पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वैश्विक ताकतों के साथ हुए 2015 के समझौते से बाहर निकलने का फैसला किया। ट्रंप ने ईरान के तेल क्षेत्रों को निशाना बनाते हुए कड़ी पाबंदी लगाने की भी घोषणा की थी।

जरीफ ने कहा, ‘‘ट्रंप ने खुद ही घोषणा की थी कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ आर्थिक युद्ध छेड़ा है। इस क्षेत्र में तनाव घटाने का एकमात्र समाधान है कि आर्थिक युद्ध को रोका जाए।’’

उन्होंने आगाह किया कि हमारे साथ जो भी युद्ध शुरू करेगा, वह उसे खत्म नहीं कर पाएगा ।  जर्मनी के विदेश मंत्री हीको मास ने जोर दिया कि उनका देश और अन्य यूरोपीय देश परमाणु समझौते को बचाने के लिए रास्ता निकालना चाहते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘हम कोई चमत्कार तो नहीं कर पाएंगे लेकिन इसे असफल होने से बचाने के लिए जो भी बन पड़ेगा हम प्रयास करेंगे।’’ हालांकि, यूरोप ने अमेरिका द्वारा लगायी गयी नयी पाबंदी से निकालने के लिए ईरान को अब तक किसी तरह की पेशकश नहीं की है। समझौते को बचाने के वास्ते यूरोप के लिए ईरान ने सात जुलाई की तारीख निर्धारित की है। वरना, ईरान आगाह कर चुका है कि वह यूरेनियम का संवर्द्धन करेगा।

एक खबर के मुताबिक संयुक्त राष्ट्र के परमाणु एजेंसी (आईएईए) के प्रमुख वाई अमानो ने कहा कि ईरान की (यूरेनियम की) उत्पादन दर बढ़ रही है। हालांकि उन्होंने कोई सटीक आंकड़ा नहीं दिया।

इसके कुछ देर बाद इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने आईएईए के आकलन का हवाला देते हुए बयान जारी कर कहा कि उनका देश ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा जो हमारे अस्तित्व और पूरी दुनिया के लिए खतरा है।

IRAN
Latin America
america and iran
america sanction to iran
oil price rise due to america policy toward iran
threat

Related Stories

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

ईरानी नागरिक एक बार फिर सड़कों पर, आम ज़रूरत की वस्तुओं के दामों में अचानक 300% की वृद्धि

केवल विरोध करना ही काफ़ी नहीं, हमें निर्माण भी करना होगा: कोर्बिन

लैटिन अमेरिका को क्यों एक नई विश्व व्यवस्था की ज़रूरत है?

असद ने फिर सीरिया के ईरान से रिश्तों की नई शुरुआत की

सऊदी अरब के साथ अमेरिका की ज़ोर-ज़बरदस्ती की कूटनीति

"एएलबीए मूल रूप से साम्राज्यवाद विरोधी है": सच्चा लोरेंटी

चीन और लैटिन अमेरिका के गहरे होते संबंधों पर बनी है अमेरिका की नज़र

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

अमेरिकी सरकार के साथ बैठक के बाद मादुरो का विपक्ष के साथ बातचीत फिर से शुरू करने का ऐलान


बाकी खबरें

  • डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    'राम का नाम बदनाम ना करो'
    17 Apr 2022
    यह आराधना करने का नया तरीका है जो भक्तों ने, राम भक्तों ने नहीं, सरकार जी के भक्तों ने, योगी जी के भक्तों ने, बीजेपी के भक्तों ने ईजाद किया है।
  • फ़ाइल फ़ोटो- PTI
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: क्या अब दोबारा आ गया है LIC बेचने का वक्त?
    17 Apr 2022
    हर हफ़्ते की कुछ ज़रूरी ख़बरों को लेकर फिर हाज़िर हैं लेखक अनिल जैन..
  • hate
    न्यूज़क्लिक टीम
    नफ़रत देश, संविधान सब ख़त्म कर देगी- बोला नागरिक समाज
    16 Apr 2022
    देश भर में राम नवमी के मौक़े पर हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद जगह जगह प्रदर्शन हुए. इसी कड़ी में दिल्ली में जंतर मंतर पर नागरिक समाज के कई लोग इकट्ठा हुए. प्रदर्शनकारियों की माँग थी कि सरकार हिंसा और…
  • hafte ki baaat
    न्यूज़क्लिक टीम
    अखिलेश भाजपा से क्यों नहीं लड़ सकते और उप-चुनाव के नतीजे
    16 Apr 2022
    भाजपा उत्तर प्रदेश को लेकर क्यों इस कदर आश्वस्त है? क्या अखिलेश यादव भी मायावती जी की तरह अब भाजपा से निकट भविष्य में कभी लड़ नहींं सकते? किस बात से वह भाजपा से खुलकर भिडना नहीं चाहते?
  • EVM
    रवि शंकर दुबे
    लोकसभा और विधानसभा उपचुनावों में औंधे मुंह गिरी भाजपा
    16 Apr 2022
    देश में एक लोकसभा और चार विधानसभा चुनावों के नतीजे नए संकेत दे रहे हैं। चार अलग-अलग राज्यों में हुए उपचुनावों में भाजपा एक भी सीट जीतने में सफल नहीं हुई है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License