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इस्लामोफोबिया की आड़ में बढ़ता दक्षिणपंथ
आतंकियों ने एंटी इमिग्रेंट पॉलिसी, श्वेत श्रेष्ठता, इस्लामिक नफरत जैसी नफरती विचरधाराओं को अपने आतंकी कृत्य के लिए जिम्मेवार ठहराया। यह सारी विचारधाराएं बहुत लम्बे समय तक दुनिया में नफरत पैदा करने का काम करते आ रही है। इसी नफरत के आधार पर धुर दक्षिणपंथ पार्टियां अपनी राजनीति करती हैं। और इस राजनीती और विचारधारा का सबसे बड़ा शिकार मुस्लिम समुदाय बनता है।
न्यूज़क्लिक टीम
18 Mar 2019

शुक्रवार को कुछ लोग हाथ में बंदूक लेकर न्यूज़ीलैंड के क्राइस्टचर्च की दो मस्जिदों में घुस गए और अंधाधुंध फायरिंग कर दी। जिसमें तकरीबन 50  लोगों की जान चली गयी और कई लोग घायल हुए। मस्जिद में मौजूद लोगों में ज्यादातर लोग दुनिया में अपने मूल निवास के हिस्से से परेशान होकर न्यूज़ीलैण्ड में रहने आये थे। यानी ज्यादातर प्रवासी थे और शरणार्थी के तौर पर न्यूज़ीलैण्ड में रह रहे थे। इन आतंकियों ने एंटी इमिग्रेंट पॉलिसी, श्वेत श्रेष्ठता, इस्लामिक नफरत जैसी नफरती विचरधाराओं को अपने आतंकी कृत्य के लिए जिम्मेवार ठहराया। यह सारी विचारधाराएं बहुत लम्बे समय तक दुनिया में नफरत पैदा करने का काम करते आ  रही है। इसी नफरत के आधार पर धुर दक्षिणपंथ पार्टियां अपनी राजनीति करती हैं। और इस राजनीती और विचारधारा  का सबसे बड़ा शिकार मुस्लिम समुदाय बनता है। जिसकी वजह से इस्लाम को पूरी दुनिया में खलनायक तौर पर देखे जाने की प्रवृतियां बढ़ रही है।  तो इसी विषय पर न्यूज़क्लिक से बात कर रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार और विदेश मामलों के जानकार प्रकाश के रे.... 

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