न्यूज़क्लिक ने कश्मीर मसले पर इस्तीफ़ा दे चुके सिविल सेवक कन्नन गोपीनाथन से बातचीत की।
न्यूज़क्लिक ने कश्मीर मसले पर इस्तीफ़ा दे चुके सिविल सेवक कन्नन गोपीनाथन से बातचीत की। साल 2012 बैच के सिविल सेवा अधिकारी कन्नन गोपीनाथन अखिल भारतीय प्रशासनिक सेवा के अंतर्गत AGMUT ( अरुणाचल, गोवा, मिजोरम यूनियन टेरिटरी) कैडर में कार्यरत थे। इस्तीफे की वजह यह बताई है कि वे कश्मीर पर खुलकर खुद को अभिवयक्ति नहीं कर पा रहे थे। उन्हें अपने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की यह पाबन्दी घुटन की तरह महसूस हो रही थी। इसलिए सरकार के इस फैसले के खिलाफ उन्होंने इस्तीफ़ा दे दिया। उन्होंने कहा कि अगर सरकार को फैसले लेने का हक है तो जनता को उस फैसले पर सवाल उठाने का भी हक है। अगर हमसे यह हक छीना जा रहा है तो इसका मतलब है कि लोकतंत्र को मारा जा रहा है।
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