NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अंतरराष्ट्रीय
फिलिस्तीन
क़ब्ज़े वाली फ़िलिस्तीनी भूमि की इज़रायली योजना के ख़िलाफ़ दुनिया भर में विरोध प्रदर्शन
इज़रायल ने घोषणा की थी कि वह आज यानी 1 जुलाई से एनेक्सेशन की प्रक्रिया शुरू करेगा।

पीपल्स डिस्पैच
01 Jul 2020
kgf

वेस्ट बैंक में क़ब्ज़े वाले फिलिस्तीनी भूमि के कुछ हिस्सों को इज़रायल के प्रस्तावित एनेक्सेशन योजना की निंदा करने के लिए दुनिया भर में कई स्थानों पर और वर्चुअल प्लेटफार्मों पर विरोध प्रदर्शन आज यानी 1 जुलाई को किए जा रहे हैं। अगर इज़रायल इस फैसले के साथ आगे बढ़ता है तो ये प्रदर्शनकारी इज़रायल के ख़िलाफ़ अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों की भी मांग कर रहे हैं।

पैलेस्टिनियन बॉयकॉट, डाइवेस्ट एंड सैंक्शंस (बीडीएस) सहित विभिन्न नागरिक समाज आंदोलन एक साथ आए हैं और अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, जर्मनी और स्पेन जैसे देशों में इस तरह के विरोध प्रदर्शनों का आयोजन किया है।

इज़रायल ने घोषणा की है कि वह इस साल जनवरी में प्रस्तावित डोनाल्ड ट्रम्प की तथाकथित "मध्य पूर्व शांति योजना" के अनुसार 1 जुलाई को जॉर्डन घाटी सहित क़ब्ज़े वाले वेस्ट बैंक के कुछ हिस्सों के एनेक्सेशन की प्रक्रिया शुरू कर देगा। ट्रम्प की योजना ने एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य के बदले में वेस्ट बैंक की 30% भूमि इज़रायल को प्रस्तावित की थी। फिलिस्तीनी और अधिकांश विश्व समुदाय ने इस योजना को एकतरफा और इज़रायल का पक्षपाती बताते हुए ख़ारिज कर दिया है और इज़रायल को अपने प्रस्तावित एनेक्सेशन योजना के साथ आगे नहीं बढ़ने की चेतावनी दी थी क्योंकि यह द्वि-राज्य समाधान को समाप्त कर देगा और इस क्षेत्र में शांति की संभावनाओं को समाप्त कर देगा।

इज़रायल के फैसले को लेकर फिलिस्तीन और दुनिया के विभिन्न हिस्सों में कई विरोध प्रदर्शन पहले से ही आयोजित किए जा चुके हैं। कल यानी 30 जून को गाजा में कई समूहों ने गाजा शहर में इसके ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया।

इस बीच मंगलवार 30 जून को वरमोंट के सीनेटर और पूर्व डेमोक्रेटिक राष्ट्रपति पद के आशावादी बर्नी सैंडर्स हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव के अपने चार डेमोक्रेटिक सहयोगियों अलेक्जेंड्रिया ओकासियो-कॉर्टेज़, रशीदा तालीब, प्रमिला जयपाल और बेट्टी मैककोलम के साथ शामिल हो गए। उन्होंने सरकार से इज़रायल द्वारा इस फैसले के साथ आगे बढ़ने पर इज़़रायल को 3.8 बिलियन अमेरिकी डॉलर की वार्षिक सहायता में कटौती करने या वापस लेने को कहा।

ब्रिटेन में 29 जून को लेबर पार्टी के सांसदों के सोशलिस्ट कैंपेन ग्रुप ने इज़रायल के ख़िलाफ़ एक बयान जारी करते हुए प्रतिबंधों की मांग की है। इसमें कहा गया है कि अगर इज़रायल प्रस्तावित एनेक्सेशन योजना के साथ आगे बढ़ता है तो प्रतिबंध लगाया जाए। इस बयान पर जेरेमी कॉर्बिन सहित 25 सांसदों ने हस्ताक्षर किए थे।

29 जून को कनाडा के टोरंटो में प्रस्तावित एनेक्सेशन के विरोध में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए। कई विरोध प्रदर्शन आज होने के लिए निर्धारित है।

28 जून को फ्रांस में इसी तरह के विरोध प्रदर्शन आयोजित किए गए थे जहां पेरिस में इस एनेक्सेशन योजना की निंदा और प्रतिबंधों की मांग करते हुए हज़ारों लोग इकट्ठा हुए।

दक्षिण अफ्रीका में एक्टिविस्ट और नेताओं सहित 250 से अधिक प्रमुख व्यक्तियों ने बीडीएस मूवमेंट के साउथ अफ्रीकन चैप्टर द्वारा जारी किए गए बयान का समर्थन किया। इसने इन क्षेत्रों के एनेक्सेशन के लिए इज़रायल की एकतरफा योजनाओं का विरोध किया था।

बीडीएस दक्षिण अफ्रीका ने ट्वीट में लिखा कि अफ्रीकी राष्ट्रीय कांग्रेस ने फिलिस्तीनियों के ख़िलाफ़ "नस्लवादी रंगभेद" को जारी रखने को लेकर इज़़रायल के ख़िलाफ़ अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों की मांग की।

Israel
Palestine
West Bank
Benjamin Netanyahu

Related Stories

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

ईरान नाभिकीय सौदे में दोबारा प्राण फूंकना मुमकिन तो है पर यह आसान नहीं होगा

शता ओदेह की गिरफ़्तारी फ़िलिस्तीनी नागरिक समाज पर इस्राइली हमले का प्रतीक बन गया है

क्या पेगासस जासूसी सॉफ्टवेयर के लिए भारत की संप्रभुता को गिरवी रख दिया गया है?


बाकी खबरें

  • BJP
    अनिल जैन
    खबरों के आगे-पीछे: अंदरुनी कलह तो भाजपा में भी कम नहीं
    01 May 2022
    राजस्थान में वसुंधरा खेमा उनके चेहरे पर अगला चुनाव लड़ने का दबाव बना रहा है, तो प्रदेश अध्यक्ष सतीश पुनिया से लेकर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत इसके खिलाफ है। ऐसी ही खींचतान महाराष्ट्र में भी…
  • ipta
    रवि शंकर दुबे
    समाज में सौहार्द की नई अलख जगा रही है इप्टा की सांस्कृतिक यात्रा
    01 May 2022
    देश में फैली नफ़रत और धार्मिक उन्माद के ख़िलाफ़ भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा) मोहब्बत बांटने निकला है। देशभर के गावों और शहरों में घूम कर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन किए जा रहे हैं।
  • प्रेम कुमार
    प्रधानमंत्री जी! पहले 4 करोड़ अंडरट्रायल कैदियों को न्याय जरूरी है! 
    01 May 2022
    4 करोड़ मामले ट्रायल कोर्ट में लंबित हैं तो न्याय व्यवस्था की पोल खुल जाती है। हाईकोर्ट में 40 लाख दीवानी मामले और 16 लाख आपराधिक मामले जुड़कर 56 लाख हो जाते हैं जो लंबित हैं। सुप्रीम कोर्ट की…
  • आज का कार्टून
    दिन-तारीख़ कई, लेकिन सबसे ख़ास एक मई
    01 May 2022
    कार्टूनिस्ट इरफ़ान की नज़र में एक मई का मतलब।
  • राज वाल्मीकि
    ज़रूरी है दलित आदिवासी मज़दूरों के हालात पर भी ग़ौर करना
    01 May 2022
    “मालिक हम से दस से बारह घंटे काम लेता है। मशीन पर खड़े होकर काम करना पड़ता है। मेरे घुटनों में दर्द रहने लगा है। आठ घंटे की मजदूरी के आठ-नौ हजार रुपये तनखा देता है। चार घंटे ओवर टाइम करनी पड़ती है तब…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License