NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
फिलिस्तीन
इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल
इज़रायली सुरक्षाबलों ने गुरुवार, 14 अप्रैल को अल-अक़्सा परिसर में सुबहर की प्रार्थना के वक़्त जबरदस्ती दाखिला लिया और करीब़ 400 फिलिस्तीनी लोगों को गिरफ़्तार किया है। उन्होंने परिसर में मौजूद हज़ारों लोगों के साथ जमकर हिंसा भी की।
पीपल्स डिस्पैच
18 Apr 2022
israel

शुक्रवार, 15 अप्रैल को इज़रायली सशस्त्र बल बड़ी संख्या में पूर्वी जेरुसलम स्थित अल-अक्सा मस्ज़िद परिसर में दाखिल हुए, जहां हज़ारों लोग रमदान के पवित्र महीने में सुबह की प्रार्थना कर रहे थेl सोशल मीडिया पर इस हमले के वीडियो फुटेज में साफ़ दिखता है कि इज़रायली सशस्त्र बलों ने बड़े स्तर पर फिलिस्तीनियों के खिलाफ़ हिंसा कीl 

प्रार्थना करने वालों में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल थे, तभी इज़रायली फौजी मोरक्को दरवाजे से अंदर घुसे और रबर की गोलियां व आंसू गैस के गोले छोड़ना शुरू कर दिएl जबकि ना तो इनकी तरफ से कोई चेतावनी दी गई और ना ही प्रार्थना करने वाले लोगों ने किसी तरह का उकसावे का काम किया थाl इसके बाद मस्ज़िद में जिन फिलिस्तीनी युवाओं की नमाजियों की रक्षा करने के लिए तैनाती थी, उन्होंने बदले में पथराव कियाl

फिलिस्तीनी रेड क्रेसेंट के मुताबिक़, इस हमले में 150 से ज़्यादा लोग घायल हुएl संगठन ने यह भी दावा किया कि घटनास्थल पर उन्होंने दर्जनों लोगों का इलाज़ किया, जबकि इज़रायली फौजी उन्हें रोकने की कोशिश कर रहे थेl कब्ज़ा करने वाली ताकतों ने एंबुलेंस को भी घटनास्थल तक पहुंचने से रोकाl

टाइम्स ऑफ़ इज़रायल के मुताबिक़, इज़रायली सुरक्षाबलों ने इस बात से इंकार किया है कि उन्होंने मस्ज़िद परिसर के भीतर प्रवेश किया, इसके बजाए उन्होंने दावा किया कि फिलिस्तीनियों ने पटाखे चलाए और उन पर पथराव कियाl लेकिन कई फिलिस्तीनियों द्वारा शेयर की गईं वीडियो में साफ़ दिख रहा है कि कैसे इज़रायली सैनिक प्रार्थना करने वालों पर हमला कर रहे हैंl वीडियो में यह भी दिख रहा है कि कैसे इज़रायली सैनिकों ने कुछ फिलिस्तीनी लोगों को ज़मीन पर चित लिटाकर उनके हाथ पीछे बांधकर पकड़ रखा हैl

Not content with smashing it’s stained windows, attacking protestors from outside and blocking medical assistance to those injured (some seriously), Zionist forces are now *inside* al-Aqsa mosque assaulting and detaining Palestinian worshippers. Zionism is unadulterated fascism. https://t.co/UFbc7xAKRg

— Louis Allday (@Louis_Allday) April 15, 2022

इस छापेमारी के दौरान 400 से ज़्यादा फिलिस्तीनियों को गिरफ़्तार किया गयाl यह भी देखा गया कि सुरक्षाबल मस्ज़िद परिसर में हो रही हिंसा को कवर कर रहे मीडिया के लोगों से भी मारपीट कर रहे हैंl बिना किसी उकसावे के यह लोग महिलाओं और बुजुर्गों को मार रहे थेl इन सुरक्षाबलों ने चिकित्साकर्मियों को भी बुरे तरीके से डराया, जिन्हें हिंसा से बचने के लिए शरण लेनी पड़ीl 

The moment when Israeli occupation forces attacked Palestinian photojournalist Rami Al-Khatib at Al-Aqsa Mosque. pic.twitter.com/DpRkHgACSo

— PALESTINE ONLINE 🇵🇸 #BravePalestine (@OnlinePalEng) April 15, 2022

यह वीडियो दिखाता है कि कैसे एक सैनिक अक्सा परिसर में हो रही घटनाओं को कवर रहे पत्रकार पर हमला कर रहा हैl

The video below shows a soldier attacking a journalist covering what’s happening at #Aqsa compound a few hours ago.

On one of the holiest days of the year, Israeli soldiers & police stormed the #Aqsa mosque & attacked worshippers.

Reports of 67 injuries so far. 1/3 pic.twitter.com/zZQ92QgFTq

— Fadi Quran (@fadiquran) April 15, 2022

साल के सबसे पवित्र दिनों में से एक पर, इज़रायली सैनिकों और पुलिस ने अक्सा मस्ज़िद में छापेमारी की और प्रार्थना कर रहे लोगों पर हमला कियाl अब तक 67 लोगों के घायल होने की खबर हैl

फिलिस्तीनी प्राधिकरण के अध्यक्ष महमूद अब्बास ने इज़रायलियों की बढ़ती हिंसा को "असहनीय" बताया और आपात अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की मांग की, ताकि इस कब्ज़े को खत्म किया जा सके। हमास ने भी वक्तव्य जारी कर कहा कि पूर्वी जेरूसलम में जो लोग कब्ज़े के खिलाफ़ संघर्ष कर रहे हैं, सभी फिलिस्तीनी उनके साथ हैंl

नियमित घटनाएं

इज़रायली सुरक्षाबल नियमित ढंग से अल अक्सा परिसर में धावा बोलते रहते हैं, यह कब्ज़ा किए गए फिलिस्तीन में धार्मिक स्थलों के प्रशासन से जुड़े समझौते का उल्लंघन हैl यह सुरक्षाबल अक्सर दक्षिणपंथी इज़रायलियों को भी परिसर पर धावा बोलने की अनुमति देते रहते हैंl इस साल एक इज़रायली कट्टरपंथी समूह ने परिसर में एक मृत संस्कार करने के लिए आह्वान भी किया था, जबकि परिसर में ऐसे रिवाजों की अनुमति नहीं है।

पिछले साल अल-अक्सा में इज़रायली हमले में 300 फिलिस्तीनी घायल हो गए थे, इसके बाद मामला बढ़ गया था और पूरे ऐतिहासिक फिलिस्तीन में जमकर हिंसा हुई थी, जिसके बाद इज़रायल ने 11 दिनों तक गाज़ा में अभियान चलाया था, जिसमें 260 फिलिस्तीनियों की मौत हो गई थी, जबकि नागरिक इमारतों और दूसरी अवसरंचनाओं को भी बहुत नुकसान पहुंचा था।

वफा न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक़, इज़रायल ने फिलिस्तीनी प्रार्थियों पर कई पाबंदियां लगाई हैं। इज़रायल की नीति के मुताबिक़, कब्ज़ा किए गए वेस्ट बैंक के पुरुष, जो 50 साल की उम्र से कम हैं, वे अल-अक्सा मस्ज़िद में नहीं जा सकतेl वेस्ट बैंक से आने वाले प्रार्थियों में ज़्यादातर महिलाएं, बच्चे या 50 साल की उम्र से ज़्यादा के लोग शामिल हैं। दूसरे प्रार्थी पूर्वी जेरूसलम और इज़रायली कस्बों व शहरों से आते हैंl 

लेकिन कई इज़रायली प्रतिबंधों के बावजूद, रमादान में हर दिन हज़ारों फिलिस्तीनी मस्ज़िद पहुंचेl शुक्रवार के दिन इन लोगों की संख्या दसों हज़ार हो जाती हैl

इस साल यह हमला उस पृष्ठभूमि में हुआ है, जब कम से कम दो दर्जन फिलिस्तीनी पहले ही कब्ज़ा किए हुए क्षेत्र में इज़रायली हिंसा में जान गंवा चुके हैंl फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक़, पिछले दो दिनों में कब्जाए गए वेस्ट बैंक में इज़रायली हिंसा में कम से कम 7 फिलिस्तीनियों की मौत हो चुकी हैl

Anyone wondering what Israel’s endgame is should look at the last few days in which it has killed 14 Palestinians, sown chaos across the West Bank, and wounded dozens of worshipers during Ramadan. This is an apartheid regime by choice, and the goal is to preserve it at all costs.

— Edo Konrad (@edokonrad) April 15, 2022

जेनिनन नाब्लुस और दूसरी जगहों के शरणार्थी कैंपों में स्थित फिलिस्तीनी घरों में इज़रायली हमलों हमले तबसे और ज़्यादा बढ़ गए हैं, जबसे प्रधानमंत्री नफात्ली बैनेट द्वारा कथित "आतंकी हमलों" को रोकने के लिए सुरक्षाबलों को "पूरी आज़ादी" दे दी गई है। इज़रायली कब्ज़े और असीमित हिंसा के विरोध में 22 मार्च के बाद इज़रायल में फिलिस्तीनियों द्वारा कई हमले किए गए हैं। 

वफ़ा ने बताया कि इज़रायली फौज़ों द्वारा की गई हालिया हत्याओं के विरोध में रामल्लाह और बेथलेहम में फिलिस्तीनियों ने गुरुवार को एक दिन की हड़ताल भी रखी।

साभार : पीपल्स डिस्पैच

Israel
Palestine
Al-Aqsa
Attacks on Al-Aqsa
East JerusalemHamas
Mahmoud Abbas
Naftali Bennett
occupied Palestinian territories
Palestinian Authority

Related Stories

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

ईरान नाभिकीय सौदे में दोबारा प्राण फूंकना मुमकिन तो है पर यह आसान नहीं होगा

शता ओदेह की गिरफ़्तारी फ़िलिस्तीनी नागरिक समाज पर इस्राइली हमले का प्रतीक बन गया है

141 दिनों की भूख हड़ताल के बाद हिशाम अबू हव्वाश की रिहाई के लिए इज़रायली अधिकारी तैयार

2021: अफ़ग़ानिस्तान का अमेरिका को सबक़, ईरान और युद्ध की आशंका


बाकी खबरें

  • bank strike
    अब्दुल अलीम जाफ़री
    यूपी : निजीकरण के ख़िलाफ़ 900 बैंकों के 10,000 से ज़्यादा कर्मचारी 16 दिसम्बर से दो दिन की हड़ताल पर
    16 Dec 2021
    बैंक कर्मचारियों की यूनियन का दावा है कि कॉरपोरेट घरानों की नज़र जनता द्वारा बड़ी मेहनत से कमाए गए 157 लाख करोड़ रुपयों पर है, जो सरकारी बैंकों में जमा है।
  • Advocate Manavi of ALF, YJ Rajendra of PUCL and Pastor Lucas present the report.
    निखिल करिअप्पा
    नई रिपोर्ट ने कर्नाटक में ईसाई प्रार्थना सभाओं के ख़िलाफ़ हिंसा को दर्ज किया
    16 Dec 2021
    पीयूसीएल की रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि ज़्यादातर मामलों में पुलिस पीड़ितों को सुरक्षा प्रदान करने में विफल रही है, यहां तक कि उन मामलों में भी पुलिस सुरक्षा नहीं दे पाई जहां उन्हें खुफ़िया…
  • modi
    सबरंग इंडिया
    काशी-विश्वनाथ कॉरिडोर का उद्घाटन: मंदिर और राज्य के विकास में अंतर क्यों नहीं?
    16 Dec 2021
    क्या पीएम को औरंगजेब का जिक्र ऐसे चुनावी राज्य में लाना था जहां अयोध्या फैसले के बाद से मंदिर की राजनीति गर्म हो रही है?
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 7,974 नए मामले, 343 मरीज़ों की मौत
    16 Dec 2021
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 87 हज़ार 245 हो गयी है।वही कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के मामलों की संख्या बढ़कर 73 हो गई है।
  • Antarctic Ice
    संदीपन तालुकदार
    अगले पांच वर्षों में पिघल सकती हैं अंटार्कटिक बर्फ की चट्टानें, समुद्री जल स्तर को गंभीर ख़तरा
    16 Dec 2021
    वैज्ञानिकों का कहना है कि सबसे बुरी स्थिति आने पर थ्वाइट्स ग्लेशियर के एक हिस्से में तेजी आ सकती है जो अल्प अवधि में वैश्विक समुद्री स्तर के बढ़ने में लगभग पांच प्रतिशत का योगदान दे रहा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License