NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अर्जेंटीना में गर्भपात वैध
सीनेट में इस जीत को नारीवादी संगठनों की जीत के रूप में देखा गया जो गर्भपात के अधिकार के लिए एक दशक से अधिक समय से आंदोलन करते रहे हैं।
पीपल्स डिस्पैच
31 Dec 2020
अर्जेंटीना में गर्भपात वैध

12 घंटे की चर्चा के बाद अर्जेंटीना की सीनेट ने वॉलंट्री टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (आईवीई) विधेयक पारित कर दिया। इस विधेयक के पक्ष में 38 वोट पड़े जबकि इसके विरोध में 29 वोट पड़े वहीं 1 सदस्य ने वोट नहीं किया और 4 सदस्य अनुपस्थिति रहे। इस चर्चा के दौरान बिल के प्रति अपना समर्थन प्रकट करने के लिए नारीवादी संगठनों, सामाजिक संगठनों और अन्य समूहों के हजारों समर्थक राष्ट्रीय कांग्रेस के बाहर इकट्ठा हुए। जब बिल के पारित होने की घोषणा की गई तो सड़कों पर जश्न मनाया गया।

सीनेट में ये जीत दृढ़ तथा निरंतर आंदोलन करने और कानूनी, सुरक्षित तथा मुफ्त गर्भपात के लिए नेशलन कैंपेन जैसे संगठनों के आयोजन के माध्यम से हासिल की गई। अर्जेंटीना में गर्भपात को कानूनी बनाने के लिए 15 साल से लड़ाई लड़ रहा है।

अब तक अर्जेंटीना में गर्भपात अवैध था। 1921 में सरकार ने दो अपवादों को लागू किया था जो रेप के मामले में गर्भधारण के 24 वें सप्ताह से पहले या जब गर्भवती महिला का जीवन जोखिम में हो तो गर्भपात की अनुमति देता है। अर्जेंटीना इस क्षेत्र का चौथा देश बन गया जहां गर्भपात कानूनी है।

आईवीई बिल सीनेट द्वारा पारित किया गया और 11 दिसंबर को चैंबर ऑफ डेप्युटी द्वारा पारित किया गया था जो गर्भवती महिला को गर्भधारण के 14 वें सप्ताह तक किसी भी सार्वजनिक या निजी स्वास्थ्य संस्थान में गर्भपात की अनुमति देता है। चौदह सप्ताह के बाद गर्भवती महिला केवल अपने गर्भपात के अधिकारों का उपयोग तब कर सकती है जब उसकी जान जोखिम में हो या यदि गर्भधारण रेप के चलते हुआ है। इस विधेयक में यह भी प्रावधान है कि स्वास्थ्य पेशेवरों को इस अनुरोध पर प्रतिक्रिया देनी चाहिए और अनुरोध किए जाने के बाद अधिकतम दस दिनों के भीतर इस प्रक्रिया को पूरा करना चाहिए। ये कानून प्रगतिशील फ्रेंटे डी टोडोस गठबंधन के वर्तमान राष्ट्रपति अल्बर्टो फर्नांडीज के चुनावी वादों का परिणाम था।

इस बिल का समर्थन करने वालों द्वारा दिए गए मुख्य तर्कों में से एक यह है कि ये चर्चा इस बात पर नहीं है कि गर्भपात कराया जाए या नहीं लेकिन ये गर्भपात अवैध तथा असुरक्षित स्थितियों में होने चाहिए या नहीं या विनियमित, मानकीकृत और स्वच्छता स्थिति में होने चाहिए। अधिकारियों का अनुमान है कि हर साल 500,000 से अधिक गर्भपात असुरक्षित और अवैध परिस्थितियों में किए जाते हैं और लगभग 40,000 महिलाओं को असुरक्षित गर्भपात करने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया जाता है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 1983 में अर्जेंटीना में लोकतंत्र की वापसी के बाद से 3,000 से अधिक महिलाओं की मृत्यु असुरक्षित तरीके से गर्भपात कराने की स्थिति में हो गई है।

अब जब सीनेट ने आईवीई बिल पारित कर दिया है तो इसे कानून बनने से पहले अंतिम मंजूरी के लिए राष्ट्रपति अल्बर्टो फर्नांडीज के पास भेजा जाएगा।

Argentina
Abortion rights in Argentina
Alberto Fernández
Clandestine abortion
COVID-19 in Argentina
Cristina Fernández de Kirchner
Eli Gómez Alcorta
Voluntary Termination of Pregnancy Bill

Related Stories

अर्जेंटीना में भूख से निपटने में मदद करते सामुदायिक संगठन, उनकी हमदर्दी और एकजुटता

बोलिविया के तख़्तापलट में शस्त्र मुहैया कराने के मामले में अर्जेंटीना ने जांच शुरू की

अर्जेंटीना लीमा ग्रुप से हटा और वेनेज़ुएला पर लगाए गए प्रतिबंधों की निंदा की

गर्भपात बिल पर वोट के दौरान अर्जेंटीना की महिलाएं कांग्रेस से बाहर करेंगी प्रदर्शन

अर्जेंटीनाः अभिजात्य वर्ग पर टैक्स लगाने वाले बिल पर सीनेट में होगी चर्चा

आधिकारिक घोषणा के अनुसार मूवमेंट टुवर्ड्स सोशलिज्म ने बोलीविया में ऐतिहासिक जीत दर्ज की

ब्यूनस आयर्स प्रांतीय सरकार ने पुलिस और जेल अधिकारियों के लिए वेतन वृद्धि की घोषणा की

अर्जेंटीना : जनता ने फ़ेसुंदो अस्तुदिलो की सुरक्षित वापसी की मांग की

अर्जेंटीना के लोगों ने 'नी ऊना मेनोस' आंदोलन की पांचवीं वर्षगांठ मनाई

अर्जेंटीनाः गर्भपात के अधिकार की मांग के लिए लोगों ने वर्चुअल प्रदर्शन किया


बाकी खबरें

  • EVM
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव: इस बार किसकी सरकार?
    09 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश में सात चरणों के मतदान संपन्न होने के बाद अब नतीजों का इंतज़ार है, देखना दिलचस्प होगा कि ईवीएम से क्या रिजल्ट निकलता है।
  • moderna
    ऋचा चिंतन
    पेटेंट्स, मुनाफे और हिस्सेदारी की लड़ाई – मोडेरना की महामारी की कहानी
    09 Mar 2022
    दक्षिण अफ्रीका में पेटेंट्स के लिए मोडेरना की अर्जी लगाने की पहल उसके इस प्रतिज्ञा का सम्मान करने के इरादे पर सवालिया निशान खड़े कर देती है कि महामारी के दौरान उसके द्वारा पेटेंट्स को लागू नहीं किया…
  • nirbhaya fund
    भारत डोगरा
    निर्भया फंड: प्राथमिकता में चूक या स्मृति में विचलन?
    09 Mar 2022
    महिलाओं की सुरक्षा के लिए संसाधनों की तत्काल आवश्यकता है, लेकिन धूमधाम से लॉंच किए गए निर्भया फंड का उपयोग कम ही किया गया है। क्या सरकार महिलाओं की फिक्र करना भूल गई या बस उनकी उपेक्षा कर दी?
  • डेविड हट
    यूक्रेन विवाद : आख़िर दक्षिणपूर्व एशिया की ख़ामोश प्रतिक्रिया की वजह क्या है?
    09 Mar 2022
    रूस की संयुक्त राष्ट्र में निंदा करने के अलावा, दक्षिणपूर्वी एशियाई देशों में से ज़्यादातर ने यूक्रेन पर रूस के हमले पर बहुत ही कमज़ोर और सतही प्रतिक्रिया दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसा दूसरों…
  • evm
    विजय विनीत
    यूपी चुनाव: नतीजों के पहले EVM को लेकर बनारस में बवाल, लोगों को 'लोकतंत्र के अपहरण' का डर
    09 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश में ईवीएम के रख-रखाव, प्रबंधन और चुनाव आयोग के अफसरों को लेकर कई गंभीर सवाल उठे हैं। उंगली गोदी मीडिया पर भी उठी है। बनारस में मोदी के रोड शो में जमकर भीड़ दिखाई गई, जबकि ज्यादा भीड़ सपा…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License