NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
इतवार की कविता : साहिर लुधियानवी की नज़्म '26 जनवरी'
हिंदुस्तान के 73वें गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में इतवार की कविता में आज पढ़िये देश से सवाल पूछती साहिर लुधियानवी की नज़्म 26 जनवरी...
न्यूज़क्लिक डेस्क
23 Jan 2022
हिंदुस्तान के 73वें गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में इतवार की कविता में आज पढ़िये देश से सवाल पूछती साहिर लुधियानवी की नज़्म 26 जनवरी...
साभार: filmfare.com

हिंदुस्तान के 73वें गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में इतवार की कविता में आज पढ़िये देश से सवाल पूछती साहिर लुधियानवी की नज़्म 26 जनवरी...

आओ कि आज ग़ौर करें इस सवाल पर 
देखे थे हम ने जो वो हसीं ख़्वाब क्या हुए 
दौलत बढ़ी तो मुल्क में अफ़्लास क्यूँ बढ़ा 
ख़ुश-हाली-ए-अवाम के अस्बाब क्या हुए 

जो अपने साथ साथ चले कू-ए-दार तक 
वो दोस्त वो रफ़ीक़ वो अहबाब क्या हुए 
क्या मोल लग रहा है शहीदों के ख़ून का 
मरते थे जिन पे हम वो सज़ा-याब क्या हुए 

बे-कस बरहनगी को कफ़न तक नहीं नसीब 
वो व'अदा-हा-ए-अतलस-ओ-किम-ख़्वाब क्या हुए 
जम्हूरियत-नवाज़ बशर-दोस्त अम्न-ख़्वाह 
ख़ुद को जो ख़ुद दिए थे वो अलक़ाब क्या हुए 

मज़हब का रोग आज भी क्यूँ ला-इलाज है 
वो नुस्ख़ा-हा-ए-नादिर-ओ-नायाब क्या हुए 
हर कूचा शोला-ज़ार है हर शहर क़त्ल-गाह 
यक-जहती-ए-हयात के आदाब क्या हुए 

सहरा-ए-तीरगी में भटकती है ज़िंदगी 
उभरे थे जो उफ़ुक़ पे वो महताब क्या हुए 
मुजरिम हूँ मैं अगर तो गुनहगार तुम भी हो 
ऐ रहबरना-ए-क़ौम ख़ता-कार तुम भी हो

republic day
Indian constitution
Constitution of India
sahir ludhianvi

Related Stories

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक आदेश : सेक्स वर्कर्स भी सम्मान की हकदार, सेक्स वर्क भी एक पेशा

यह लोकतांत्रिक संस्थाओं के पतन का अमृतकाल है

यति नरसिंहानंद : सुप्रीम कोर्ट और संविधान को गाली देने वाला 'महंत'

भारतीय लोकतंत्र: संसदीय प्रणाली में गिरावट की कहानी, शुरुआत से अब में कितना अंतर?

लोकतंत्र के सवाल: जनता के कितने नज़दीक हैं हमारे सांसद और विधायक?

बाबा साहेब की राह पर चल देश को नफ़रती उन्माद से बचाने का संकल्प

डॉ.अंबेडकर जयंती: सामाजिक न्याय के हजारों पैरोकार पहुंचे संसद मार्ग !

ग्राउंड रिपोर्ट: अंबेडकर जयंती पर जय भीम और संविधान की गूंज

पत्नी नहीं है पति के अधीन, मैरिटल रेप समानता के अधिकार के ख़िलाफ़

एक व्यापक बहुपक्षी और बहुआयामी दृष्टिकोण की आवश्यकता


बाकी खबरें

  • रश्मि सहगल
    उत्तराखंड में भाजपा की जीत के बाद सांप्रदायिक अभियान जारी
    24 Mar 2022
    प्रदेश के चुनावी नतीजों ने न सिर्फ प्रचार अभियान, बल्कि पहाड़ी राज्य को भी सांप्रदायिक ज़हर में डुबो दिया है। यहां मुसलमान पीड़ा और भय में जी रहे हैं।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 1,938 नए मामले, 67 मरीज़ों की मौत
    24 Mar 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.05 फ़ीसदी यानी 22 हज़ार 427 हो गयी है।
  • न्यूजक्लिक रिपोर्ट
    "बाल श्रमिकों का सर्वे करना उनकी समस्याओं को दूर करने के लिए आवश्यक!"
    24 Mar 2022
    गुजरात विधानसभा में पीएसी (पब्लिक अकाउंट कमिटी) ने एक रिपोर्ट पेश की है जिसमें राज्य में बाल श्रमिकों को लेकर श्रम एवं रोजगार विभाग के रूख को लेकर सख्त टिप्पणी की है।
  • uttar pradesh
    न्यूज़क्लिक टीम
    बंगाल में हिंसा और यूपी में विरोध को बुल्डोज करता 'निर्विरोध'
    23 Mar 2022
    बंगाल में हिंसा-प्रतिहिंसा का दौर क्यों नहीं थमता?
  • kashmir files
    न्यूज़क्लिक टीम
    कश्मीर फ़ाइल्स, देश को नफ़रत के नये गियर में डाला, 2024 चुनावों का एजेंडा सेट
    23 Mar 2022
    खोज ख़बर में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने कश्मीर फ़ाइल्स के ज़रिये फैलाए जा रहे नफ़रती एजेंडे, मॉब लिंचिग और इस्लामोफोबिया पर चर्चा की। साथ ही याद किया भगतसिंह, राजगुरु और सुखदेव की शहादत को, कवि…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License