NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
ईवीएम को लेकर डीयू और चुनाव आयोग दोनों सवालों के घेरे में
दिल्ली के मुख्य चुनाव आयुक्त के अनुसार डीयू चुनाव में EVM कहां से आयीं, आयोग को नहीं पता है। आयोग ने डूसू चुनावों के लिए कोई EVM जारी नहीं की है |
मुकुंद झा
14 Sep 2018
DUSU 2018

 

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव (डूसू ) 2018 ; दिनभर के ड्रामे और काउंटिंग सेंटर पर तनाव के  बाद गुरुवार रात अंतत: परिणाम घोषित हुए और इस चुनाव में  एबीवीपी ने अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और संयुक्त सचिव पद पर अपना कब्जा जमाया । वहीं एनएसयूआई को केवल सचिव पद पर सफलता मिली। परन्तु इस पूरी प्रक्रिया में एक बार फिर से EVM के प्रयोग को लेकर विवाद बढ़ गया है। डूसू चुनाव में EVM के प्रयोग पर चुनाव आयोग ने भी गंभीर सवाल उठाए है।

कल, गुरुवार, 13 सितंबर को  मतगणना के दौरान 6 EVM मशीनें खराब हो गईं थीं। इसे लेकर एनएसयूआई और अन्य छात्र संगठनों ने जमकर हंगामा किया। मतगणना स्थल के भीतर तोड़फोड़ भी की गई। ये हंगामा तब शुरू हुआ जब  चुनाव अधिकारी ने मतगणना को पहले पूरे दिन के लिए टालने की घोषणा की परन्तु छात्र संगठनों के विरोध और हंगामे के बाद एक बार फिर करीब पांच घंटे बाद सभी छात्र संगठनों को बातचीत कर दोबारा मतगणना शुरू हुई। और परिणाम की भी घोषणा हुई | परन्तु मतगणना के दौरान कुछ ऐसी घटनाएं हुईं जिसने इस पूरे चुनाव की निष्पक्षता पर बड़े सवाल खड़े कर दिये |

ये सवाल केवल राजनीतिक दलों के द्वारा ही नहीं बल्कि चुनाव आयोग ने भी पूछे हैं जिनका जवाब विश्वविद्यालय प्रशासन को देना चाहिए |

मतगणना के दौरान सबसे चौंकाने वाली घटना हुई ये हुई कि सचिव पद पर नोटा को लेकर 9 उम्मीदवार थे परन्तु एक मशीन बैलट नंबर 10 को 40 वोट दिखा रही थी और बैलट नंबर एक के खाते में शून्य वोट दर्ज थे। इसके अलावा भी करीब 6 EVM में गड़बड़ी की खबर आई थी |

इन सबके बाद EVM सवालों के घेरे में आ रही थी। छात्र और अन्य लोग चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे थे, क्योंकि EVM चुनाव आयोग द्वारा ही प्रयोग की जाती है। परन्तु चुनाव आयोग ने भी इस डूसू चुनाव में प्रयोग हो रही EVM पर सवाल उठाए और डीयू प्रशासन से सवाल पूछे हैं|

दिल्ली के मुख्य चुनाव आयुक्त के अनुसार डीयू चुनाव में EVM कहां से आयीं, आयोग को पता नहीं है। आयोग ने डीयू को चुनावों के लिए कोई EVM जारी नहीं की है। दिल्ली स्थित मुख्य चुनाव आयुक्त कार्यालय ने गुरुवार को ही ये स्पष्ट कर दिया था| चुनाव आयोग ने अनुमान लगाया कि डीयू ने डूसू चुनावों के लिए खुद कहीं से EVM खरीदी हैं।

DUSU2018

चुनाव आयोग ने इस सिलसिले में बयान भी जारी किया| मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि मीडिया से डूसू चुनाव में EVM खराब होने का पता चलने पर उनके कार्यालय ने दिल्ली स्थित राज्य चुनाव कार्यालय से भी इस संबंध में जानकारी ली। राज्य चुनाव कार्यालय ने भी डूसू चुनाव के लिए EVM जारी करने से साफतौर पर मना किया है । चुनाव आयुक्त ने कहा कि फिलहाल डीयू अधिकारी चुनावों में व्यस्त हैं। इसलिए हम चुनाव के बाद उनसे EVM के बारे में जानकारी माँगेगे|

छात्रों के संघ के लोकतांत्रिक चुनावों में स्टेकहोल्डरों में  विश्वास को बहाल करने के लिए, विश्वविद्यालय को स्पष्ट करना चाहिए कि भारत के भरोसेमंद चुनाव आयोग से ईवीएम क्यों नहीं ली गई थी। छात्रों ने मांग की है कि भविष्य में छात्र संघ के सभी चुनावों को वीवीपीएटी के साथ अनिवार्य रूप से आयोजित किया जाए और केवल भारत के निर्वाचन आयोग की EVM का ही प्रयोग होना चहिए ।

DUSU
EVM
चुनाव आयोग
ABVP
NSUI

Related Stories

कार्टून क्लिक: उनकी ‘शाखा’, उनके ‘पौधे’

अलीगढ़ : कॉलेज में नमाज़ पढ़ने वाले शिक्षक को 1 महीने की छुट्टी पर भेजा, प्रिंसिपल ने कहा, "ऐसी गतिविधि बर्दाश्त नहीं"

दिल्ली: रामजस कॉलेज में हुई हिंसा, SFI ने ABVP पर लगाया मारपीट का आरोप, पुलिसिया कार्रवाई पर भी उठ रहे सवाल

लखनऊ विश्वविद्यालय: दलित प्रोफ़ेसर के ख़िलाफ़ मुक़दमा, हमलावरों पर कोई कार्रवाई नहीं!

लखनऊ विश्वविद्यालय में एबीवीपी का हंगामा: प्रोफ़ेसर और दलित चिंतक रविकांत चंदन का घेराव, धमकी

‘जेएनयू छात्रों पर हिंसा बर्दाश्त नहीं, पुलिस फ़ौरन कार्रवाई करे’ बोले DU, AUD के छात्र

जेएनयू हिंसा: प्रदर्शनकारियों ने कहा- कोई भी हमें यह नहीं बता सकता कि हमें क्या खाना चाहिए

JNU: मांस परोसने को लेकर बवाल, ABVP कठघरे में !

जेएनयू छात्र झड़प : एबीवीपी के अज्ञात सदस्यों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

जेएनयू में फिर हिंसा: एबीवीपी पर नॉनवेज के नाम पर छात्रों और मेस कर्मचारियों पर हमले का आरोप


बाकी खबरें

  • poverty
    अरुण कुमार त्रिपाठी
    जनादेश-2022: रोटी बनाम स्वाधीनता या रोटी और स्वाधीनता
    11 Mar 2022
    राष्ट्रवाद और विकास के आख्यान के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी और उसके नेताओं ने रोटी और स्वाधीनता के विमर्श को रोटी बनाम स्वाधीनता बना दिया है।
  • farmer
    सुरेश गरीमेल्ला
    सरकारी इंकार से पैदा हुआ है उर्वरक संकट 
    11 Mar 2022
    मौजूदा संकट की जड़ें पिछले दो दशकों के दौरान अपनाई गई गलत नीतियों में हैं, जिन्होंने सरकारी कंपनियों के नेतृत्व में उर्वरकों के घरेलू उत्पादन पर ध्यान नहीं दिया और आयात व निजी क्षेत्र द्वारा उत्पादन…
  • सोनिया यादव
    पंजाब : कांग्रेस की हार और ‘आप’ की जीत के मायने
    11 Mar 2022
    कांग्रेस को जो नुक़सान हुआ, उसका लगभग सीधा लाभ 'आप' को मिला। मौजूदा वक़्त में पंजाब के लोगों में नाराज़गी थी और इस कारण लोगों ने बदलाव को ही विकल्प मानते हुए आम आदमी पार्टी पर भरोसा किया है।
  • विजय विनीत
    यूपी चुनाव : पूर्वांचल में हर दांव रहा नाकाम, न गठबंधन-न गोलबंदी आया काम !
    11 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में विपक्ष के पास मुद्दों की भरमार रहने के बावजूद समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव मोदी-योगी का जादू बेअसर नहीं कर सके। बार-बार टिकटों की अदला-बदली और लचर रणनीति ने स
  • LOOSERES
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव: कई दिग्गजों को देखना पड़ा हार का मुंह, डिप्टी सीएम तक नहीं बचा सके अपनी सीट
    11 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश में एक बार फिर भाजपा की वापसी हो गई है, हालांकि इस प्रचंड जीत के बावजूद कई दिग्गज नेता अपनी सीट नहीं बचा पाए हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License