NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
आर्थिक, मनोवैज्ञानिक और भावनात्मक संकट से जूझ रहा है जम्मू कश्मीर : इल्तिजा
महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा ने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि माहौल केवल कश्मीरियों के लिए खराब है, बल्कि पूरे देश में माहौल खराब हो गया है। यह वो देश नहीं है जिसमें मैं पली बढ़ी। मुझे लगता है कि हम हिंदू पाकिस्तान बन रहे हैं।’’
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
19 Feb 2020

दिल्ली: जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने मंगलवार को कहा कि संविधान के अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को समाप्त हुए सात महीने हो गए हैं और तब से जम्मू कश्मीर आर्थिक, मनोवैज्ञानिक तथा भावनात्मक संकट से जूझ रहा है।
इल्तिजा ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अनुच्छेद 370 शेष भारत के साथ कश्मीर का ‘भावनात्मक जुड़ाव’ था और बड़ी कीमत पर इसे समाप्त किया गया है।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं केवल महबूबा मुफ्ती की बेटी की तरह बात नहीं कर रही, बल्कि एक दुखी कश्मीरी की तरह भी कर रही हूं। हम सभी जानते हैं कि अनुच्छेद 370 को समाप्त करने के बाद से क्या हो रहा है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह बाकी देश से कश्मीरियों के लिए भावनात्मक जुड़ाव था और उसे समाप्त कर दिया गया। इसकी बड़ी कीमत अदा की गयी और जम्मू कश्मीर आर्थिक, मनोवैज्ञानिक तथा भावनात्मक संकट से जूझ रहा है।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार कश्मीरियों की हालत के बारे में गलत जानकारी फैला रही है।
इल्तिजा ने कहा, ‘‘मुझे वाकई लगता है कि सरकार दुष्प्रचार और गलत जानकारी फैलाने में लगी है। बाकी देश को और कश्मीर का दौरा करने वाले राजदूतों को बताया गया कि हमें समान अधिकार प्राप्त हैं लेकिन वास्तव में आप इस समय कश्मीर में वीपीएन का भी इस्तेमाल नहीं कर सकते।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं प्रधानमंत्री का सम्मान करती हूं जैसा सभी को करना चाहिए। लेकिन मुझे बहुत दुख होता है कि उन्हें गुमराह किया जा रहा है या वह जानबूझकर देश को गुमराह कर रहे हैं। कश्मीरियों के अब क्या अधिकार बचे हैं?’’
इल्तिजा ने आभासी निजी नेटवर्कों (वीपीएन) के माध्यम से सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर सरकार के आदेश की अवहेलना करने को लेकर कई लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए जाने पर जम्मू कश्मीर पुलिस की भी आलोचना की।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं कश्मीर जाऊंगी और वीपीएन का इस्तेमाल करूंगी। वे मेरे खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज कर सकते हैं।’’
घाटी से 1989 में कश्मीरी पंडितों के विस्थापन पर बात करते हुए महबूबा मुफ्ती की बेटी ने कहा कि जो कुछ हुआ, वह बहुत दर्दनाक था, लेकिन वहां हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच कोई कटुता नहीं थी।

उन्होंने कश्मीरी पंडितों के विस्थापन पर सार्वजनिक रूप से खेद जताते हुए कहा, ‘‘लोगों को लगता है कि कश्मीरी पंडित और कश्मीरी मुस्लिम एक-दूसरे से झगड़ रहे हैं, लेकिन ऐसा नहीं है।’’

उन्होंने माना कि कश्मीर के लोग उनकी मां, नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला समेत स्थानीय नेताओं से नाराज हैं। लेकिन उन्होंने कहा कि लोग केंद्र की सरकार से ज्यादा नाराज हैं।

इल्तिजा ने कहा, ‘‘जब आप कश्मीर में नेताओं पर अविश्वास बढ़ने की बात करते हैं तो आप 200 प्रतिशत सही हैं। लेकिन बाकी देश को इस बात पर जश्न नहीं मनाना चाहिए क्योंकि कश्मीरी लोग नेताओं से कह रहे हैं, ‘‘देखिए, आप भारत के साथ खड़े रहे और आपको क्या मिला?’’
उन्होंने कहा, ‘‘वे इसलिए ऐसा कहते हैं क्योंकि अलगाव की भावना है। लेकिन वे इस सरकार से ज्यादा नाराज हैं। अगर आज अमित शाह राज्य में आजादी से घूम सकते हैं तो मैं उन्हें सलाम करूंगी क्योंकि आज हर कश्मीरी को लगता है कि उन्होंने ही यह अभियान चलाया।’’
इल्तिजा ने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि माहौल केवल कश्मीरियों के लिए खराब है, बल्कि पूरे देश में माहौल खराब हो गया है। यह वो देश नहीं है जिसमें मैं पली बढ़ी। मुझे लगता है कि हम हिंदू पाकिस्तान बन रहे हैं।’’
उनकी मां और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती को पिछले साल पांच अगस्त को अनुच्छेद 370 के प्रावधान समाप्त किए जाने के बाद हिरासत में ले लिया गया था।

राजनीतिक आकांक्षा के सवाल पर इल्तिजा ने कहा कि उन्होंने इस बारे में अभी तक नहीं सोचा है।

यह पूछे जाने पर कि क्या वह इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर रही हैं, इल्तिजा ने कहा, “देश का माहौल ऐसा है कि मुझे ऐसा लगता है कि मैंने संस्थानों में विश्वास खो दिया है। मुझे लगता है कि हर संस्थान को बर्बाद किया जा रहा है, ”उन्होंने कहा कि इसमें मीडिया भी शामिल है। उन्होंने कहा, '' मैं मीडिया को दोष नहीं दे रही  क्योंकि वो तो इस  सरकार के हाथों की कठपुतली हैं। "

मुफ्ती की पार्टी, पीडीपी, पंचायत चुनाव लड़ने की संभावना पर, इल्तिजा ने कहा कि भले ही वह पार्टी की आधिकारिक सदस्य नहीं हैं, लेकिन वह इस विचार को "हास्यास्पद" मानती हैं। “अगर वे (केंद्र सरकार )चुनाव कर रहे हैं, तो यह एक दिखावा है। आपने राज्य के दो प्रमुख राजनीतिक दलों के शीर्ष नेताओं को गिरफ्तार किया है। ”

देश भर में बढ़ते सांप्रदायिक माहौल के लिए केंद्र में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार पर हमला करते हुए इल्तिजा ने कहा, "मुझे लगता है कि हम हिंदू पाकिस्तान बन रहे हैं।" उन्होंने सवाल किया कि कैसे लोगों का एक समूह, जिन्हें एक क्रूर बहुमत मिला है, वे तय कर सकते हैं कि क्या वह भारतीय होने के योग्य हैं या नहीं। “यह मेरे साथ नहीं रुकेगा। पहले, वे कहेंगे कि कश्मीरी भारतीय होने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। फिर, वे कहेंगे कि मुसलमान भारतीय होने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। फिर वे उस संघर्ष को हिंदुओं के भीतर शुरू करेंगे; वे कहेंगे कि दलित भारतीय होने के लिए ठीक नहीं हैं। ”

 इसके अलावा, इल्तिजा ने कहा कि फासीवाद का मुकाबला करने में महिलाओं द्वारा निभाई गई भूमिका महत्वपूर्ण है।

(समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ)

Jammu and Kashmir
mehbooba mufti
Iltija Mufti
PDP
NC
Abrogation of Article 370
Article 35A
BJP
Narendra modi
Amit Shah
omar abdullah

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कश्मीर में हिंसा का नया दौर, शासकीय नीति की विफलता

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट


बाकी खबरें

  • जितेन्द्र कुमार
    मुद्दा: बिखरती हुई सामाजिक न्याय की राजनीति
    11 Apr 2022
    कई टिप्पणीकारों के अनुसार राजनीति का यह ऐसा दौर है जिसमें राष्ट्रवाद, आर्थिकी और देश-समाज की बदहाली पर राज करेगा। लेकिन विभिन्न तरह की टिप्पणियों के बीच इतना तो तय है कि वर्तमान दौर की राजनीति ने…
  • एम.ओबैद
    नक्शे का पेचः भागलपुर कैंसर अस्पताल का सपना अब भी अधूरा, दूर जाने को मजबूर 13 ज़िलों के लोग
    11 Apr 2022
    बिहार के भागलपुर समेत पूर्वी बिहार और कोसी-सीमांचल के 13 ज़िलों के लोग आज भी कैंसर के इलाज के लिए मुज़फ़्फ़रपुर और प्रदेश की राजधानी पटना या देश की राजधानी दिल्ली समेत अन्य बड़े शहरों का चक्कर काट…
  • रवि शंकर दुबे
    दुर्भाग्य! रामनवमी और रमज़ान भी सियासत की ज़द में आ गए
    11 Apr 2022
    रामनवमी और रमज़ान जैसे पर्व को बदनाम करने के लिए अराजक तत्व अपनी पूरी ताक़त झोंक रहे हैं, सियासत के शह में पल रहे कुछ लोग गंगा-जमुनी तहज़ीब को पूरी तरह से ध्वस्त करने में लगे हैं।
  • सुबोध वर्मा
    अमृत काल: बेरोज़गारी और कम भत्ते से परेशान जनता
    11 Apr 2022
    सीएमआईए के मुताबिक़, श्रम भागीदारी में तेज़ गिरावट आई है, बेरोज़गारी दर भी 7 फ़ीसदी या इससे ज़्यादा ही बनी हुई है। साथ ही 2020-21 में औसत वार्षिक आय भी एक लाख सत्तर हजार रुपये के बेहद निचले स्तर पर…
  • JNU
    न्यूज़क्लिक टीम
    JNU: मांस परोसने को लेकर बवाल, ABVP कठघरे में !
    11 Apr 2022
    जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में दो साल बाद फिर हिंसा देखने को मिली जब कथित तौर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से संबद्ध छात्रों ने राम नवमी के अवसर कैम्पस में मांसाहार परोसे जाने का विरोध किया. जब…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License