NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
जादवपुर यूनिवर्सिटी: छात्रों के आन्दोलन के सामने झुका प्रशासन
मंगलवार को कार्यकारी परिषद ने आपातकालीन बैठक बुला कर दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा करवाने की माँग को मान लियाI
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
11 Jul 2018
जादवपुर यूनिवर्सिटी
Image Courtesy: NDTV

छात्रों के विरोध के आगे आखिरकार जादवपुर यूनिवर्सिटी प्रशासन को झुकना पड़ा है। कला संकाय में प्रवेश के लिए कार्यकारी परिषद ने फैसला लिया था कि इस बार छात्रों का दाखिला बिना प्रवेश परीक्षा के होगा। परिषद के इस फैसले के बाद कला संकाय के 20 छात्र 6 जुलाई से भूख हड़ताल पर चले गए थे। मंगलवार को परिषद ने आपातकालीन बैठक बुला कर अपने पुराने फैसले को बदल दिया और फिर से दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा करवाने की छात्रों की माँग को मान लिया है। परिषद ने इस फैसले में कला संकाय के डीन व विभागाध्यक्षों के सुझावों को भी माना है।

निर्णय आने के बाद मंगलवार देर रात को छात्रों ने अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल तोड़ी।

रिपोर्ट के अनुसार कला संकाय में प्रवेश प्रक्रिया लागू करने के निर्णय के बाद जादवपुर यूनिवर्सिटी के वाईस चांसलर सुरंजन दास और प्रो-वाईस चांसलर प्रदीप घोष ने त्यागपत्र दे दिया है। कुलपति ने एक राष्ट्रीय अखबार से बात करते हुए बताया कि वह कार्यकारी परिषद के इस निर्णय से खुश नहीं हैं।

वाईस चांसलर सुरंजन दास ने कहा कि हम कार्यकारी परिषद के समाधान से सहमत नहीं हैं। प्रो-वाईस चांसलर और वे खुद भी अपनी जिम्मेदारियों से मुक्त होना चाहते हैं। क्योंकि ऐसी परिस्थिति में विश्वविद्यालय नहीं चलाया जा सकता।

हालांकि हड़ताल पर बैठे छात्रों ने कहा है कि हमारी वाईस चांसलर या प्रो-वाईस चांसलर को हटाने की माँग बिल्कुल भी नहीं थी।

यह भी पढ़ें-  जादवपुर यूनिवर्सिटी के 20 छात्र अनिश्चितकाल भूख हड़ताल पर

यूनिवर्सिटी कार्यकारी परिषद ने बीते बुधवार को बैठक के बाद यह निर्णय लिया था कि इस वर्ष कला संकाय के स्नातक वर्ग में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा नहीं होगी। इस वर्ष छात्रों का प्रवेश 12वीं में प्राप्त अंक के आधार पर होगा। परिषद ने ऐलान किया था कि कला संकाय के छह कोर्स- अंग्रेजी, इतिहास, बांग्ला, तुलनात्मक साहित्य, राजनीति विज्ञान और दर्शन के स्नातकपूर्व पाठ्यक्रमों में बोर्ड परीक्षा में मिले अंकों के आधार पर ही दाखिला होगा।

कला संकाय में दाखिला लेने के लिए 17,000 छात्रों ने आवेदन किया था। परिषद के इस निर्णय के बाद प्रवेश लेने वाले छात्रों में एक डर से पैदा हो गया था। इस निर्णय के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ 20 छात्रों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी थी। हड़ताल में जादवपुर यूनिवर्सिटी टीर्चस एसोसिएशन (जूटा) के शिक्षक, आर्ट्स फैक्लटी स्टुडेंट्स यूनियन (एएफएसयू) व स्टुडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के छात्र भी शामिल थे।

जादवपुर यूनिवर्सिटी
छात्र आन्दोलन
प्रवेश परीक्षा
कला संकाय

Related Stories

शिक्षा को बचाने के लिए एसएफआई का अखिल भारतीय जत्था

मौजूदा सरकार एक डरपोक सरकार है: छात्र नेता, पूजा शुक्ला

मणिपुर विश्वविद्दालय: राज्य सरकार ने कुलपती पर लगे आरोपों की जाँच की माँग की

मणिपुर विश्वविद्यालय: कुलपति के खिलाफ छात्र और शिक्षक भूख हड़ताल पर

एएमयूएसयू अध्यक्ष : जब मैं बेहोश था, तो मुझे अवैध रूप से हिरासत में लिया गया था

बीआईटीएस छात्र: यह कॉलेज है, कोई धंधा नहीं

यूनियन हॉल में जिन्ना के तस्वीर के कारण एएमयू के छात्र पीटे गये

एसएससी सैक्म: सरकार ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों को दिया धोखा

SSC पेपर लीक : छात्रों ने कहा 'हम पकोड़े नहीं बेचेंगे'

छात्रों की मांगों को लेकर SFI का हरियाणा में विरोध प्रदर्शन


बाकी खबरें

  • मोदी संग योगी: काशी का अनुष्ठान छवियों के अंत का अनुष्ठान साबित हुआ
    सत्यम श्रीवास्तव
    मोदी संग योगी: काशी का अनुष्ठान छवियों के अंत का अनुष्ठान साबित हुआ
    16 Jul 2021
    बनारस में नरेंद्र मोदी हमेशा की तरह एक राजनीतिक दल यानी भाजपा के ही प्रधानमंत्री के तौर पर नज़र आए जिन्होंने अपनी विराट असफलताओं में योगी की असफलताओं को भी झूठ की कई परतों में लपेट लिया।
  • कोविड-19 और स्कूली शिक्षा का संकट: सब पढ़ा-लिखा भूलते जा रहे हैं बच्चे
    डॉ. राजू पाण्डेय
    कोविड-19 और स्कूली शिक्षा का संकट: सब पढ़ा-लिखा भूलते जा रहे हैं बच्चे
    16 Jul 2021
    बतौर नागरिक हम इनके लिए बहुत कुछ कर सकते हैं किंतु शायद हम इसलिए चुप हैं कि हमारी संतानें उन अभागे बालक-बालिकाओं में शामिल नहीं हैं जो शिक्षा की मुख्य धारा से बाहर निकल गए हैं। बतौर सरकार शायद हम…
  • Surekha Sikri
    भाषा
    राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेत्री सुरेखा सीकरी नहीं रहीं
    16 Jul 2021
    सीकरी ने थिएटर, फिल्म से लेकर टेलीविजन तक सभी मंचों पर अपने शानदार अभिनय की छाप छोड़ी। उन्होंने ‘तमस’, ‘मम्मो’, ‘सलीम लंगड़े पे मत रो’, ‘ज़ुबेदा’, ‘बधाई हो’ जैसी फिल्में की और धारावाहिक ‘बालिका वधू’…
  • चुनाव 2022: सामाजिक शक्तियों का संतुलन ही उत्तर प्रदेश में लोकतंत्र की नई इबारत लिखेगा
    लाल बहादुर सिंह
    चुनाव 2022: सामाजिक शक्तियों का संतुलन ही उत्तर प्रदेश में लोकतंत्र की नई इबारत लिखेगा
    16 Jul 2021
    सामाजिक शक्तियों का संतुलन निर्णायक तौर पर विनाशकारी योगी-राज के ख़िलाफ़ होता जा रहा है। ज़ाहिर है सरकारी मशीनरी और गुंडा-वाहिनी के बल पर जनता के मताधिकार और जनादेश का अपहरण कर पाना आसान नहीं होगा,…
  • सीतामढ़ी में खुदरा विक्रेता प्रदर्शन करते हुए
    राहुल कुमार गौरव
    बिहार : किसानों को नहीं मिल रहा उचित दाम पर यूरिया खाद, खुदरा व्यापारी भी ऊंची कीमत पर बेचने को विवश
    16 Jul 2021
    बिहार कृषि सचिव और निदेशक बारम्बार कालाबाजारी पर अंकुश लगाने की लगातार चेतावनी दे रहे हैं और छापेमारी करने का भी निर्देश है। इसके बावजूद 266 वाली यूरिया की बोरी 350 रुपए में बिक रही है। जानते हैं…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License