NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
जादवपुर यूनिवर्सिटी के 20 छात्र अनिश्चितकाल भूख हड़ताल पर
यूनिवर्सिटी ने इस वर्ष कला संकाय के स्नातक वर्ग में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा नहीं करवाने का निर्णय लिया है। इस वजह से छात्रों व शिक्षकों में काफी रोष है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
09 Jul 2018
jadavpur

पश्चिम बंगाल की जाधवपूर यूनिवर्सिटी ने बुधवार को एग्जीक्यूटिव काउंसिल की बैठक के बाद एक बड़ा निर्णय लिया। इस निर्णय के बाद छात्रों से लेकर शिक्षकों तक सभी में काफी रोष है। फैसले के बाद 6 जूलाई से कला संकाय के 20 छात्र अनिश्चितकाल भूख हड़ताल पर चले गए हैं।

इस वर्ष छात्रों का प्रवेश 12वीं में प्राप्त अंकों के आधार पर होगा। परिषद ने ऐलान किया है कि कला संकाय के छह कोर्स- अंग्रेजी, इतिहास, बांग्ला, तुलनात्मक साहित्य, राजनीति विज्ञान और दर्शन के स्नातकपूर्व पाठ्यक्रमों में बोर्ड परीक्षा में मिले अंकों के आधार पर ही दाखिला होगा।

इस फैसले का विरोध शिक्षक संघ, छात्र संघ व यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र सभी वर्ग कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि यह फैसला यूनिवर्सिटी ने सरकार के दबाव में आकर लिया है।

यह भी पढ़ें- पोस्ट-मैट्रिक-स्कॉलरशिप योजना में हुए संशोधन से लाखों दलित छात्र होंगें प्रभावित

पश्चिम बंगाल राज्य सरकार के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने कुछ दिन पहले बयान दिया था कि जादवपुर यूनिवर्सिटी में प्रवेश छात्रों के 12वीं के अंकों के आधार पर होना चाहिए, दाखिले के लिए किसी प्रवेश परीक्षा की जरूरत नहीं हैं। छात्रों व शिक्षकों के अनुसार, मंत्री के इस बयान व सरकार के दबाव के कारण यूनिवर्सिटी ने ऐसा फैसला लिया है। सरकार के इस निर्णय से शिक्षा जगत में काफी नाराजगी है।

प्रोफेसर युनियन के नेता व प्रोफेसर केसब ने न्युज़क्लिक से बात करते हुए बताया कि एग्जीक्यूटिव काउंसिल ने यह फैसला शिक्षकों से बिना विचार विमर्श किए ही ले लिया है। अचानक से यह फैसला लेने से छात्रों को काफी दिक्कत हो रही है। यूनिवर्सिटी में प्रवेश प्रक्रिया में जो पारदर्शीता थी इस फैसले से उस पर आघात होगा।

कला संकाय में प्रवेश लेने के लिए यूनिवर्सिटी में तकरीबन 17,000 छात्रों ने आवेदन दिया था। आवेदन करने वाले छात्र प्रवेश परीक्षा की तैयारी में लगे हुए थे। प्रवेश परीक्षा के लिए यूनिवर्सिटी ने दो बार अधिसूचना जारी की थी। पहली अधिसूचना में यूनिवर्सिटी ने बताया कि स्नातक स्तर की प्रवेश परीक्षा 3 जुलाई को होगी। यूनिवर्सिटी ने दोबारा अधिसूचना जारी कर प्रवेश परिक्षा की तारीख 11 जुलाई कर दी और दाखिला का आधार 50 प्रतिशत पिछले क्लास के अंक और 50 प्रतिशत प्रवेश परीक्षा के अंक कर दिया। फिर 4 जुलाई को प्रवेश परीक्षा को पूर्ण रूप से खत्म कर दिया।

गौरतलब है कि इन विषयों में प्रवेश परीक्षा लेने के लिए यूनिवर्सिटी के शिक्षकों ने लिखित आवेदन भी दिया था, इसके बावजूद भी दाखिला बिना प्रवेश परीक्षा के आधार पर किया जा रहा है।

एसएफआई, संयुक्त सचिव मयुख बिसवास ने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए बताया कि प्रवेश परीक्षा होने से दाखिले में पारदर्शिता रहती थी, जिसे यह सरकार यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर खत्म करना चाहती है। उनके अनुसार ऐसा करने से प्रवेश प्रक्रिया में भ्रष्टाचार बढ़ेगा। यूनिवर्सिटी के अंदर जिस तरह की लोकतांत्रिक संस्कृति अभी है उसे सरकार बरकरार नहीं रहने देना चाहती।

यूनिवर्सिटी के छात्रों समेत प्रोफेसर व यूनिवर्सिटी के भूतपूर्व छात्रों ने भी इस फैसले की कड़ी निंदा की है। तकरीबन 200 भूतपूर्व छात्रों ने एक लिखित बयान में यूनिवर्सिटी के इस फैसले की कड़ी निंदा की है।  इस आंदोलन को विश्वविद्यालय का शिक्षक संगठन जेयूटीए भी समर्थन कर रहा है।

दाखिले की प्रक्रिया में बदलाव के बाद छात्रों के आंदोलन पूरी स्थिति पर विश्वविद्यालय प्रबंधन की ओर से शनिवार शाम राज्यपाल को रिपोर्ट सौंपी गई है। दो दिन बीत जाने के बाद अब तक राज्यपाल की तरफ से इस पर कोई निर्णय नहीं आया है।

यूनिवर्सिटी में भूख हड़ताल पर बैठे छात्र देवराज ने न्यूज़क्लिक को बताया कि जब तक यूनिवर्सिटी अपने फैसले को वापस नहीं लेती है तब तक वे लोग हड़ताल पर बैठे रहेंगे। 20 छात्र 6 जुलाई से भूख हड़ताल पर हैं। इनकी इस हड़ताल का साथ यूनिवर्सिटी के कला संकाय के साथ अन्य संकायों के छात्र भी दे रहें हैं। जेएनयू, वेस्ट बंगाल यूनिवर्सिटी के साथ प्रदेश की और भी कई यूनिवर्सिटी के छात्रों का सहयोग इन्हें मिल रहा है।

छात्रों से लेकर हर वर्ग ने यूनिवर्सिटी के इस फैसले का विरोध किया है। सभी का यही मानना है कि इस फैसले से यूनिवर्सिटी की साख को गहरा धक्का लग सकता है।

jadavpur
West Bengal
student movement
student strike

Related Stories

राज्यपाल की जगह ममता होंगी राज्य संचालित विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति, पश्चिम बंगाल कैबिनेट ने पारित किया प्रस्ताव

प. बंगाल : अब राज्यपाल नहीं मुख्यमंत्री होंगे विश्वविद्यालयों के कुलपति

पश्चिम बंगालः वेतन वृद्धि की मांग को लेकर चाय बागान के कर्मचारी-श्रमिक तीन दिन करेंगे हड़ताल

मछली पालन करने वालों के सामने पश्चिम बंगाल में आजीविका छिनने का डर - AIFFWF

‘जलवायु परिवर्तन’ के चलते दुनियाभर में बढ़ रही प्रचंड गर्मी, भारत में भी बढ़ेगा तापमान

भारत में छात्र और युवा गंभीर राजकीय दमन का सामना कर रहे हैं 

बढ़ती हिंसा और सीबीआई के हस्तक्षेप के चलते मुश्किल में ममता और तृणमूल कांग्रेस

बलात्कार को लेकर राजनेताओं में संवेदनशीलता कब नज़र आएगी?

टीएमसी नेताओं ने माना कि रामपुरहाट की घटना ने पार्टी को दाग़दार बना दिया है

बंगाल हिंसा मामला : न्याय की मांग करते हुए वाम मोर्चा ने निकाली रैली


बाकी खबरें

  • भाषा
    आकार पटेल ने सीबीआई के ख़िलाफ़ अवमानना याचिका दाख़िल की
    08 Apr 2022
    पटेल के वकील ने दावा किया था कि उनके मुवक्किल को बृहस्पतिवार रात एक हवाई अड्डे पर रोका गया और उन्हें सूचित किया गया कि सीबीआई ने एलओसी वापस नहीं लिया है। 
  • आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: भूख है तो सब्र कर रोटी नहीं तो क्या हुआ...
    08 Apr 2022
    संसद में विपक्षी सांसद महंगाई, नफरत, बेरोजगारी, पत्रकारों पर बढ़ते हमले पर बात करने का निवेदन करते हैं लेकिन माननीय सभापति महोदय मुस्कुरा कर टालते जाते हैं।
  • एम. के. भद्रकुमार
    पश्चिम बनाम रूस मसले पर भारत की दुविधा
    08 Apr 2022
    नई दिल्ली को स्पष्ट हो जाना चाहिए और इस वास्तविकता को समझ लेना चाहिए कि यूक्रेन संघर्ष इंडो-पैसिफ़िक रणनीति का ही एक ख़ाका है।
  • भाषा
    संयुक्त राष्ट्र महासभा ने रूस को शीर्ष मानवाधिकार संस्था से निलंबित किया
    08 Apr 2022
    संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) से रूस को निलंबित करने के लिए अमेरिका द्वारा लाये गये एक प्रस्ताव को पारित करने के लिए 193 सदस्यीय महासभा (यूएनजीए) में इसके (प्रस्ताव के) पक्ष में 93 मत…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    पकिस्तान: उच्चतम न्यायालय से झटके के बाद इमरान ने बुलाई कैबिनेट की मीटिंग
    08 Apr 2022
    उच्चतम न्यायालय के इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को खारिज करने के नेशनल असेंबली के उपाध्यक्ष कासिम सूरी के विवादास्पद फैसले को रद्द करने के बाद, इमरान ने आज यानी शुक्रवार दोपहर 2 बजे कैबिनेट…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License