NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
भारत
राजनीति
जब एक छात्रा ने पुलिस अधिकारी से पूछा, शिकायत करने पर उन्नाव जैसा एक्सीडेंट तो नहीं होगा?
उन्नाव रेप मामले के चलते उत्तर प्रदेश के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को बाराबंकी के एक स्कूल में असहज स्थिति का सामना करना पड़ा।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
01 Aug 2019
फाइल फोटो

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में  एक पुलिस अधिकारी को उस वक्त असहज स्थिति का सामना करना पड़ा, जब एक छात्रा ने उनसे पूछा कि पुलिस से शिकायत करने पर आरोपी ने उसका उन्नाव बलात्कार पीड़िता की तरह ‘एक्सीडेंट’ करवा दिया तो क्या होगा?

बाराबंकी के आनंद भवन विद्यालय में आयोजित बालिका सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम में अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तर) आर एस गौतम छात्राओं को सुरक्षा के प्रति सचेत करते हुए टोल फ्री नंबरों की जानकारी दे रहे थे। तभी एक छात्रा ने उनसे यह सवाल पूछ दिया।

छात्रा ने सवाल किया, ‘आपके कहने के मुताबिक अगर हमारे साथ कुछ गलत हुआ तो हम टोल फ्री नंबर पर फोन करके पुलिस को जानकारी दें। लेकिन, हम जिसकी शिकायत कर रहे हैं अगर उसे इस बात का पता चल गया और उसने मेरा एक्सीडेंट करा दिया, तो क्या होगा?’

छात्रा ने कहा, ‘पुलिस मेरी कैसे मदद करेगी? क्या विरोध करने पर मुझे न्याय मिलेगा? क्योंकि उन्नाव में एक लड़की के साथ एक विधायक ने गलत काम किया और अब जब वह उसके खिलाफ लड़ाई लड़ रही है, तो उसका एक्सीडेंट करा दिया गया। जिससे अब वह जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही है।’

हालांकि, छात्रा के सवाल का पुलिस अधिकारी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। उन्होंने मजह यह कहा कि टोल फ्री नंबर पर फोन करने वाली हर शिकायतकर्ता की पूरी मदद की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि जिले में बालिका सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसके तहत कहीं रैलियां तो कहीं गोष्ठी का आयोजन कर छात्राओं को टोल फ्री नंबरों की जानकारी दी जा रही है। 

हर लड़की के मन में यह सवाल कि उसकी आवाज सुनी जाएगी या नहीं: प्रियंका

उन्नाव बलात्कार पीड़िता के सड़क हादसे में गम्भीर रूप से घायल होने की पृष्ठभूमि में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार में राज्य की हर लड़की के मन में यही सवाल है कि अपराधियों के खिलाफ बोलने पर उसकी आवाज सुनी जाएगी या नहीं।

प्रियंका ने बाराबंकी में एक छात्रा द्वारा पुलिस से सवाल किए जाने संबंधी खबर शेयर करते हुए ट्वीट किया, "अगर कोई रसूख़ वाला-बड़ा इंसान कुछ गलत करता है तो उसके खिलाफ हमारी आवाज सुनी जाएगी क्या? यह बाराबंकी की एक छात्रा का 'बालिका जागरूकता रैली' के दौरान उप्र सरकार से पूछा गया सवाल है।"

‘अगर कोई रसूख़ वाला-बड़ा इंसान कुछ गलत करता है तो उसके खिलाफ हमारी आवाज सुनी जाएगी क्या?’

ये बाराबंकी की छात्रा का बालिका जागरूकता रैली के दौरान उप्र सरकार से उठाया गया सवाल है। यही सवाल आज उप्र की हर महिला व बच्ची के मन में है।

BJP जवाब दो? #Unnaohttps://t.co/r2aFxQPNGb

— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) August 1, 2019

उन्होंने कहा, ‘यही सवाल आज उप्र की हर महिला व बच्ची के मन में है। भाजपा जवाब दो।’  गौरतलब है कि पिछले रविवार को सड़क हादसे में उन्नाव बलात्कार पीड़िता गंभीर रूप से घायल हो गई थी। हादसे में पीड़िता की मौसी और चाची की मौत हो गई। पीड़ित महिला और उसके वकील को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)
 

Unnao Rape Victim Accident
Unnao Rape Victim Case
UP police
Kuldeep Singh Sengar
barabanki school girl

Related Stories

चंदौली पहुंचे अखिलेश, बोले- निशा यादव का क़त्ल करने वाले ख़ाकी वालों पर कब चलेगा बुलडोज़र?

चंदौली: कोतवाल पर युवती का क़त्ल कर सुसाइड केस बनाने का आरोप

प्रयागराज में फिर एक ही परिवार के पांच लोगों की नृशंस हत्या, दो साल की बच्ची को भी मौत के घाट उतारा

प्रयागराज: घर में सोते समय माता-पिता के साथ तीन बेटियों की निर्मम हत्या!

उत्तर प्रदेश: योगी के "रामराज्य" में पुलिस पर थाने में दलित औरतों और बच्चियों को निर्वस्त्र कर पीटेने का आरोप

पीएम को काले झंडे दिखाने वाली महिला पर फ़ायरिंग- किसने भेजे थे बदमाश?

यूपी: मुज़फ़्फ़रनगर में स्कूली छात्राओं के यौन शोषण के लिए कौन ज़िम्मेदार है?

यूपी: प्रयागराज सामूहिक हत्याकांड में पुलिस की जांच पर क्यों उठ रहे हैं सवाल?

यूपी: प्रयागराज हत्या और बलात्कार कांड ने प्रदेश में दलितों-महिलाओं की सुरक्षा पर फिर उठाए सवाल!

जंगलराज: प्रयागराज के गोहरी गांव में दलित परिवार के चार लोगों की नृशंस हत्या


बाकी खबरें

  • लाल बहादुर सिंह
    सावधान: यूं ही नहीं जारी की है अनिल घनवट ने 'कृषि सुधार' के लिए 'सुप्रीम कमेटी' की रिपोर्ट 
    26 Mar 2022
    कारपोरेटपरस्त कृषि-सुधार की जारी सरकारी मुहिम का आईना है उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित कमेटी की रिपोर्ट। इसे सर्वोच्च न्यायालय ने तो सार्वजनिक नहीं किया, लेकिन इसके सदस्य घनवट ने स्वयं ही रिपोर्ट को…
  • भरत डोगरा
    जब तक भारत समावेशी रास्ता नहीं अपनाएगा तब तक आर्थिक रिकवरी एक मिथक बनी रहेगी
    26 Mar 2022
    यदि सरकार गरीब समर्थक आर्थिक एजेंड़े को लागू करने में विफल रहती है, तो विपक्ष को गरीब समर्थक एजेंडे के प्रस्ताव को तैयार करने में एकजुट हो जाना चाहिए। क्योंकि असमानता भारत की अर्थव्यवस्था की तरक्की…
  • covid
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 1,660 नए मामले, संशोधित आंकड़ों के अनुसार 4,100 मरीज़ों की मौत
    26 Mar 2022
    बीते दिन कोरोना से 4,100 मरीज़ों की मौत के मामले सामने आए हैं | जिनमें से महाराष्ट्र में 4,005 मरीज़ों की मौत के संशोधित आंकड़ों को जोड़ा गया है, और केरल में 79 मरीज़ों की मौत के संशोधित आंकड़ों को जोड़ा…
  • अफ़ज़ल इमाम
    सामाजिक न्याय का नारा तैयार करेगा नया विकल्प !
    26 Mar 2022
    सामाजिक न्याय के मुद्दे को नए सिरे से और पूरी शिद्दत के साथ राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में लाने के लिए विपक्षी पार्टियों के भीतर चिंतन भी शुरू हो गया है।
  • सबरंग इंडिया
    कश्मीर फाइल्स हेट प्रोजेक्ट: लोगों को कट्टरपंथी बनाने वाला शो?
    26 Mar 2022
    फिल्म द कश्मीर फाइल्स की स्क्रीनिंग से पहले और बाद में मुस्लिम विरोधी नफरत पूरे देश में स्पष्ट रूप से प्रकट हुई है और उनके बहिष्कार, हेट स्पीच, नारे के रूप में सबसे अधिक दिखाई देती है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License