NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
जब मोदी का समर्थन करने वाले सुषमा स्वराज को देने लगे गालियां!
#सोशल_मीडिया : भाजपा ने खुद के और नरेंद्र मोदी के समर्थन में विपक्षियों पर हमले के लिए सोशल मीडिया पर जो फौज तैयार की है, वह अब भस्मासुर बनने लगी है।
सिरिल सैम, परंजॉय गुहा ठाकुरता
15 Feb 2019
सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर (Image Courtesy:The Financial Express)

फेसबुक और व्हाट्सऐप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में खड़ा रहने वाले लोग कुछ मौके पर उनके खिलाफ भी काम करते दिखे। एक तरह से देखा जाए तो सोशल मीडिया पर अपने विरोधियों को ट्रोल करने के लिए बनाई गई इस फौज ने कुछ मौकों पर भस्मासुर की तरह काम किया। इससे मोदी सरकार को शर्मिंदगी भी झेलनी पड़ी।

जुलाई, 2018 में भारत की विदेश मंत्री और भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज को सोशल मीडिया पर काफी कुछ सुनना पड़ा। कभी भाजपा की ओर से भाजपा विरोधियों को ट्रोल करने वाले लोगों ने सोशल मीडिया पर सुषमा स्वराज को ट्रोल करते हुए उनके खिलाफ गालियों की बरसात कर दी। 

ये लोग सुषमा स्वराज से इस बात पर नाराज थे कि कैसे विदेश मंत्री ने लखनऊ के एक ऐसे दंपति को पासपोर्ट जारी करने की मंजूरी दे दी जिन्होंने दो अलग-अलग धर्मों से होने के बावजूद शादी की थी। सुषमा स्वराज के खिलाफ बहुत ही गंदी भाषा का इस्तेमाल इन लोगों ने किया। इसके बाद सुषमा स्वराज के पति स्वराज कौशल को गुस्से में प्रतिक्रिया देने को बाध्य होना पड़ा।

व्हाट्सऐप का इस्तेमाल एक खास योजना के तहत आर्थिक नुकसान पहुंचाने के मकसद से भी किया गया। 28 सितंबर, 2018 को इंफिबीम कंपनी के शेयर की कीमतों में 71 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट की वजह बनी व्हाट्सऐप पर फैली एक खबर। इस खबर में इस बात पर चिंता जताई गई कि कंपनी गलत ढंग से अपनी बही-खाते में हिसाब दर्ज करती है। इस घटना के बाद वित्तीय अखबारों में भी यह खबर प्रकाशित हुई।

हमने यह सीरिज लिखने के लिए तकरीबन 50 लोगों से बातचीत की। इनमें से फेसबुक इंडिया में काम करने वाले और पहले काम कर चुके लोग भी शामिल हैं। इनमें से अधिकांश लोग इस बात के लिए तैयार नहीं थे कि उन्हें खबर लिखते समय उद्धत किया जाए। क्योंकि उनके मन में डर है कि ऐसा करने पर उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

हमारे सामने यह बात स्पष्ट हो गई कि फेसबुक में शीर्ष पदों पर काम करने वाले लोगों के भाजपा से करीबी संबंध हैं। इनमें से एक व्यक्ति तो ऐसे हैं जिन्होंने भाजपा के चुनाव पूर्व अभियान में 2013 और 2014 में काम किया है। ये व्यक्ति एक ऐसी वेबसाइट से जुड़े रहे हैं जो भाजपा के अनुकूल खबरें फेसबुक के जरिये फैलाती रही है। हमने फेसबुक इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी के ‘हितों के टकराव’ से संबंधित आयाम की भी पड़ताल की।

हमारे सोशल मीडिया सीरीज़ के अन्य आलेख पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें :-

फेसबुक पर फर्जी खबरें देने वालों को फॉलो करते हैं प्रधानमंत्री मोदी!

फर्जी सूचनाओं को रोकने के लिए फेसबुक कुछ नहीं करना चाहता!

#सोशल_मीडिया : क्या सुरक्षा उपायों को लेकर व्हाट्सऐप ने अपना पल्ला झाड़ लिया है?

#सोशल_मीडिया : क्या व्हाट्सऐप राजनीतिक लाभ के लिए अफवाह फैलाने का माध्यम बन रहा है?

#सोशल_मीडिया : क्या फेसबुक सत्ताधारियों के साथ है?

#सोशल_मीडिया : क्या नरेंद्र मोदी की आलोचना से फेसबुक को डर लगता है?

#सोशल_मीडिया : कई देशों की सरकारें फेसबुक से क्यों खफा हैं?

सोशल मीडिया की अफवाह से बढ़ती सांप्रदायिक हिंसा

Social Media
#socialmedia
Facebook India
Real Face of Facebook in India
WhatsApp
Narendra modi
Sushama Swaraj

Related Stories

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"

भाजपा के लिए सिर्फ़ वोट बैंक है मुसलमान?... संसद भेजने से करती है परहेज़

हिमाचल में हाती समूह को आदिवासी समूह घोषित करने की तैयारी, क्या हैं इसके नुक़सान? 


बाकी खबरें

  • up elections
    अब्दुल अलीम जाफ़री
    यूपी चुनाव: सपा द्वारा पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने का वादा मतदाताओं के बीच में असर कर रहा है
    02 Mar 2022
    2004 में, केंद्र की भाजपा सरकार ने सुनिश्चित पेंशन स्कीम को बंद कर दिया था और इसकी जगह पर अंशदायी पेंशन प्रणाली को लागू कर दिया था। यूपी ने 2005 में इस नई प्रणाली को अपनाया। इस नई पेंशन स्कीम (एनपीएस…
  • फिल्म लेखक और समीक्षक जयप्रकाश चौकसे का निधन
    भाषा
    फिल्म लेखक और समीक्षक जयप्रकाश चौकसे का निधन
    02 Mar 2022
    जयप्रकाश चौकसे ने ‘‘शायद’’ (1979), ‘‘कत्ल’’ (1986) और ‘‘बॉडीगार्ड’’ (2011) सरीखी हिन्दी फिल्मों की पटकथा तथा संवाद लिखे थे। चौकसे ने हिन्दी अखबार ‘‘दैनिक भास्कर’’ में लगातार 26 साल ‘‘परदे के पीछे’’ …
  • MAIN
    रवि शंकर दुबे
    यूपी की सियासत: मतदान से ठीक पहले पोस्टरों से गायब हुए योगी!, अकेले मुस्कुरा रहे हैं मोदी!!
    02 Mar 2022
    छठे चरण के मतदान से पहले भाजपा ने कई नये सवालों को जन्म दे दिया है, योगी का गढ़ माने जाने वाले गोरखपुर में लगे पोस्टरों से ही उनकी तस्वीर गायब कर दी गई, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी अकेले उन पोस्टरों में…
  • JSW protest
    दित्सा भट्टाचार्य
    ओडिशा: पुलिस की ‘बर्बरता’ के बावजूद जिंदल स्टील प्लांट के ख़िलाफ़ ग्रामीणों का प्रदर्शन जारी
    02 Mar 2022
    कार्यकर्ताओं के अनुसार यह संयंत्र वन अधिकार अधिनियम का उल्लंघन करता है और जगतसिंहपुर के ढिंकिया गांव के आदिवासियों को विस्थापित कर देगा।
  • CONGRESS
    अनिल जैन
    चुनाव नतीजों के बाद भाजपा के 'मास्टर स्ट्रोक’ से बचने की तैयारी में जुटी कांग्रेस
    02 Mar 2022
    पांच साल पहले मणिपुर और गोवा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस बहुमत के नजदीक पहुंच कर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी, दोनों राज्यों में भाजपा को कांग्रेस के मुकाबले कम सीटें मिली थीं, लेकिन उसने अपने…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License