NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
जेएनयू में एबीवीपी की हिंसा के खिलाफ छात्र लामबंद, प्रदर्शन
जेएनयू के छात्र इसे आरएसएस और बीजेपी की ओर से एक बार फिर जेएनयू पर हमला मान रहे हैं, जहां तमाम कोशिशों के बाद भी उसे पांव रखने की ज़मीन नहीं मिल रही है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
17 Sep 2018
jnu हिंसा

“वो क्यों इतना हमलावर है

उसको शायद कोई डर है”

ये शे’र जेएनयू पर हू-ब-हू खरा उतरता है। तभी अपनी हार से बौखलाए एबीवीपी के लोग, छात्रों पर हमला करते हैं और उनके बचाव में आए जेएनयू छात्र संघ के नव निर्वाचित अध्यक्ष एन साई बालाजी को भी निशाना बनाते हैं।  

जेएनयू के छात्र इसे आरएसएस और बीजेपी की ओर से एक बार फिर जेएनयू पर हमला मान रहे हैं, जहां तमाम कोशिशों के बाद भी उसे पांव रखने की ज़मीन नहीं मिल रही है। आपको मालूम है कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का छात्र संगठन है जैसे बीजेपी राजनीतिक संगठन। इस बार तमाम कोशिशों के बाद एबीवीपी को जेएनयू छात्र संघ चुनाव में किसी तरह बीस फीसद तक वोट तो हासिल हो जाता है, लेकिन इसी के साथ ऐसा पहली बार होता है कि एबीवीपी साइंस कॉलेज में भी पिछड़ती है और उसका केवल एक काउंसलर जीत पाता है। जब बाहर उनकी सरकार है...जब दो साल से जेएनयू के खिलाफ अंदर-बाहर तीखा ज़हरीला प्रचार चल रहा है, जब वे अपने पक्ष में पूर्वोत्तर के तीन-तीन मुख्यमंत्रियों का कैंपस में दौरा कराते हैं, इसके बाद भी जेएनयू की ऐसी हार उनके लिए बड़ा झटका है, जिसे शायद एबीवीपी संभाल नहीं पा रही है। खुद एबीवीपी के केंद्रीय कमेटी के नेता और जेएनयू के छात्र सौरभ शर्मा के लिए ये बड़ा झटका और सदमा है क्योंकि वे जेएनयू जीत कर 2019 में अपने लिए बीजेपी से लोकसभा चुनाव की सीट के सपने देख रहे थे। ऐसा उनकी राजनीति को करीब से जानने वाले छात्र कहते हैं।

जब सेंट्रल पैनल की चारों सीटों पर सयुंक्त वाम मोर्चे की जीत के जश्न में पूरा कैंपस डूबा था और लाल गुलाल फिजा में उड़ रहा था उसी समय एबीवीपी ने छात्रों पर हमला कर इसे नया मोड़ देनी की कोशिश की।

देर रात हुए हमले के बारे में छात्रसंघ के नवनिर्वाचित अध्यक्ष एन साई बालाजी खुद जानकारी देते हैं।

Balaji facebook post.JPG

(फेसबुक पोस्ट का स्क्रीन शाट्स)

 

बालाजी अपने फेसबुक पेज पर लिखते हैं कि “विद्यार्थी परिषद के छात्रों ने अचानक छात्रों पर हमला कर दिया। मुझे सतलज में मामले को देखने के लिए बुलाया गया। जेएनयूएसयू के चुने गए प्रतिनिधि के तौर पर मैं पवन मीना की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए गया जिस पर एबीवीपी के छात्रों ने लाठियों से हमला किया था। वहां पहुंचने पर मैंने देखा वो दिल दहलाने वाला था। सौरभ शर्मा के नेतृत्व में लोग हर उस छात्र के खून के प्यासे थे जिसे वो पवन मीना का मित्र समझ रहे थे। और इस तरह से वो छात्रों पर लाठियों से हमला कर रहे थे। उन लोगों ने खुलेआम मुझे, गीता और वहां मौजूद दूसरे छात्रों को धमकी दी कि अगर हममें से कोई भी हिंसा रोकने की कोशिश करेगा तो उसे उसके नतीजे भुगतने पड़ेंगे। उसके बाद समूह मॉब में तब्दील हो गया और झेलम में जेएनयू के एक पूर्व छात्र अभिनय की पिटाई शुरू कर दी। इस भीड़ ने उनका पीछा किया और एक तरह से उनकी लिंचिंग कर दी। मैं दूसरे छात्रों के साथ अभिनय को बचाने के लिए दौड़ा जो उस पिटाई के बाद बिल्कुल अचेत हो गए थे। मैंने एंबुलेंस बुलवाकर उन्हें मेडिकल सहायता के लिए भेज दिया।

उसके बाद जो हुआ वो बेहद भयानक था। मुझे फिर भीड़ द्वारा धमकी दी गयी। मेरी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुछ छात्रों ने मुझे पीसीआर गाड़ी में बैठ जाने के लिए कहा। हालांकि आशुतोष मिश्रा और सौरभ शर्मा ने पीसीआर गाड़ी को रोक दिया और हमारे बगल में एक एबीवीपी के छात्र को बैठा दिया। ये दोनों छात्र लगातार पीसीआर रोकने और मुझे धमकाने की कोशिश कर रहे थे।

आश्चर्यजनक रूप से सौरभ शर्मा ने पीसीआर को झेलम और सतलज के बीच में रोक दिया और पीसीआर के भीतर बैठे एबीवीपी छात्रों ने पीसीआर वैन के दरवाजे को खोल दिया। दरवाजा खुलने पर और ज्यादा धमकियां देने के साथ पीसीआर के भीतर मुझ पर शारीरिक रूप से हमला किया गया। हमला करने वालों में वैन के बाहर मौजूद एबीवीपी के छात्र शामिल थे।

मैं अवाक रह गया और अपनी सुरक्षा को लेकर डरा हुआ था। मैंने पीसीआर से खुद को वसंत कुंज पुलिस स्टेशन ले चलने के लिए कहा। मेरा स्वास्थ्य खराब हो रहा था और मैं दवा लेने के लिए वापस अपने छात्रावास आ गया। अब मैं शिकायत दर्ज करने के लिए पुलिस स्टेशन जा रहा हूं। मैं जेएनयू के छात्रों से सतलज के सामने इकट्ठा होने की अपील करता हूं। हम कुछ ही देर में वहां से जाएंगे।”

ये पूरा विवरण खुद हमले और हिंसा का शिकार हुए नव निर्वाचित अध्यक्ष बालाजी ने दिया है। अन्य कई चश्मदीद छात्रों ने भी इस बात की पुष्टि करते हुए पोस्ट लिखी हैं। इस पूरी घटना में जो सबसे ख़तरनाक है, वो ये कि ये सब पुलिस की मौजूदगी में हुआ। इस घटना कै बाद भी एबीवीपी वाले भीड़ के साथ परिसर में भय और आतंक का माहौल बनाने के लिए घूमते रहे।

इस मामले में वसंत कुंज थाने में बालाजी की तरफ से एबीवीपी और सौरभ शर्मा के खिलाफ नामजद शिकायत दी गई है। इस हिंसा के खिलाफ आज छात्र एकजुट हुए हैं और प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों में विश्वविद्यालय प्रशासन से लेकर पुलिस तक के रवैये को लेकर तीखा गुस्सा है।

(शिकायत की कॉपी)

Complaint.jpg

 

JNUSU
mob voilence
RSS
ABVP

Related Stories

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

कार्टून क्लिक: उनकी ‘शाखा’, उनके ‘पौधे’

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

अलीगढ़ : कॉलेज में नमाज़ पढ़ने वाले शिक्षक को 1 महीने की छुट्टी पर भेजा, प्रिंसिपल ने कहा, "ऐसी गतिविधि बर्दाश्त नहीं"

दिल्ली: रामजस कॉलेज में हुई हिंसा, SFI ने ABVP पर लगाया मारपीट का आरोप, पुलिसिया कार्रवाई पर भी उठ रहे सवाल

कटाक्ष:  …गोडसे जी का नंबर कब आएगा!

क्या ज्ञानवापी के बाद ख़त्म हो जाएगा मंदिर-मस्जिद का विवाद?

अलविदा शहीद ए आज़म भगतसिंह! स्वागत डॉ हेडगेवार !

कांग्रेस का संकट लोगों से जुड़ाव का नुक़सान भर नहीं, संगठनात्मक भी है

कार्टून क्लिक: पर उपदेस कुसल बहुतेरे...


बाकी खबरें

  • महाराष्ट्र में भूस्खलन और बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 149 हुई
    भाषा
    महाराष्ट्र में भूस्खलन और बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 149 हुई
    26 Jul 2021
    इस हफ्ते की शुरुआत में हुई भारी बारिश के कारण महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में भूस्खलन हुआ है, जिसमें रायगढ़ जिले के तालिये गांव में हुआ सबसे घातक भूस्खलन भी शामिल है।
  • राजनीति: राज्यसभा की आठ सीटें खाली लेकिन उपचुनाव सिर्फ़ एक पर
    अनिल जैन
    राजनीति: राज्यसभा की आठ सीटें खाली लेकिन उपचुनाव सिर्फ़ एक पर
    26 Jul 2021
    हैरानी की बात यह है कि अपने कामकाज और फ़ैसलों पर लगातार उठते सवालों के बावजूद चुनाव आयोग ऐसा कुछ करता नहीं दिखता, जिससे लगे कि वह अपनी मटियामेट हो चुकी साख को लेकर जरा भी चिंतित है।
  • कोरोना
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 39,361 नए मामले, 416 मरीज़ों की मौत
    26 Jul 2021
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 39,361 नए मामले दर्ज किए गए हैं। देश में एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 1.30 फ़ीसदी यानी 4 लाख 11 हज़ार 189 हो गयी है।
  • किसान आज देश की संसद का एजेंडा तय कर रहे हैं, कल देश की राजनीति की तक़दीर तय करेंगे
    लाल बहादुर सिंह
    किसान आज देश की संसद का एजेंडा तय कर रहे हैं, कल देश की राजनीति की तक़दीर तय करेंगे
    26 Jul 2021
    इस अभूतपूर्व आंदोलन में महिलाओं ने अप्रतिम भूमिका निभाई है। यह कहना अतिशयोक्ति न होगी कि महिलाओं की इस अग्रगामी भूमिका के बिना किसान-आंदोलन का वह चेहरा देश-दुनिया के सामने न होता, जो आज है।
  • modi bhakt
    न्यूज़क्लिक डेस्क
    "दूर हूँ प्रश्न से, भक्त हूँ स्वप्न से, मैं नहीं जागता, मैं नहीं जागता..."
    25 Jul 2021
    इतवार की कविता में आज पेश है इंदौर से ताल्लुक़ रखने वाले युवा कवि पुनीत शर्मा द्वारा लिखी हबीब जालिब की नज़्म "मैं नहीं जानता" की पैरोडी "मैं नहीं जागता"...
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License