NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
जेएनयू प्रकरण : 3 साल बाद कन्हैया, उमर समेत 10 के खिलाफ चार्जशीट दायर

चार्जशीट में तत्कालीन छात्रसंघ उपाध्यक्ष शेहला रशीद और छात्र नेता अपराजिता राजा का भी नाम शामिल है, हालांकि उन्हें आरोपी नहीं बनाया गया है बल्कि ज़रूरत पड़ने पर इनसे पूछताछ की जा सकती है।
मुकुंद झा
14 Jan 2019
jnu sedition

दिल्ली पुलिस ने आज करीब तीन साल बाद सोमवार को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) परिसर में फरवरी 2016 के एक कार्यक्रम के दौरान कथित रूप से "राष्ट्रविरोधी” नारे लगाने के आरोप में छात्र नेता  कन्हैया कुमार, उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य सहित दस लोगों के खिलाफ देशद्रोह के मामले में 12,000 पन्नों की चार्जशीट दायर की है। 

बताया जा रहा है कि इस चार्जशीट में तत्कालीन छात्रसंघ उपाध्यक्ष शेहला रशीद और सीपीआई नेता डी राजा की बेटी और छात्र नेता अपराजिता राजा का भी नाम शामिल है, हालांकि उन्हें आरोपी नहीं बनाया गया है बल्कि ज़रूरत पड़ने पर इनसे पूछताछ की जा सकती है। पुलिस ने माना है कि इनके खिलाफ पर्याप्त सुबूत नहीं हैं। इससे पहले इस मामले में किसी भी महिला का नाम नहीं था। मजिस्ट्रेट सुमित आनंद मंगलवार को इस आरोप पत्र का परीक्षण करेंगे।

 आईपीसी 124 ए (राजद्रोह), 323, 465 (फर्जीवाड़ा), 471 (असली, जाली दस्तावेज का उपयोग करना), 143 (गैरकानूनी रूप से एकत्रित करने के लिए), 149 (सामान्य उद्देश्य के लिए  गैरकानूनी रूप से एत्रितत होने) , 147 (दंगाई) और 120 बी के धाराओं के तहत चार्जशीट दायर की गई है।

इस पूरी घटना के बाद समाचार एजेंसी ANI से बात करते हुए कन्हैया कुमार ने कहा है कि अगर ये चार्जशीट की खबर सही है तो मैं इसके लिए दिल्ली पुलिस और मोदी जी का धन्यवाद करना चाहूँगा कि आखिरकार 3 साल बाद चार्जशीट दाखिल की गई और चुनाव से कुछ दिन पहले इसका दाखिल होना दिखा रहा है कि ये राजनीति से प्रेरित है, परन्तु मुझे न्यायपालिका पर विश्वास है।

अधिकांश लोग 9 फरवरी  की घटनाओं को शायद भूल भी गए होंगे लेकिन ये एक ऐसी तारीख थी जो छात्र आंदोलनों के इतिहास में शिक्षक और छात्रों के बीच एक उल्लेखनीय समन्वय के साथ एकजुट लड़ाई की शुरुआत के लिए याद की जाती है। आइए एक बार फिर से 9 फरवरी कि घटना में अब तक के घटनाक्रम को देखते है।

sedition.jpg

जेएनयू प्रकरण पर एक नज़र

• 9 फरवरी, 2016 : उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य सहित कुछ छात्रों द्वारा अफ़ज़ल गुरु की फांसी के खिलाफ एक कार्यक्रम आयोजित कियागया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने इस घटना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस बीच, कुछ मीडिया चैनल जो उस समय ग्राउंड रिपोर्ट का दावा कर रहे थे उन्होंने दिखाना शुरू किया कि वहाँ भारत विरोधी नारे लगे।  फिर कुछ विवादित वीडियो को लगातार प्रसारित किया गया।

 • 12 फरवरी : कन्हैया कुमार  जो  जेएनयू छात्र संघ (जेएनयूएसयू) के अध्यक्ष थे उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। दिल्ली पुलिस ने उन पर राजद्रोह और आपराधिक साजिश का मामला दर्ज किया। कई अन्य जेएनयू  छात्रों को इन्ही मामलो में गिरफ्तार किया गया;  उनमें से पांच लोग अंडरग्राउंड हो गए थे। इसके बाद  कन्हैया कुमार, उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य के समर्थन में छात्रों और शिक्षको ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

 • 15 और 16 फरवरी : कन्हैया कुमार की सुनवाई के दौरान पटियाला हाउस कोर्ट के बाहर भाजपा और संघ से जुड़े वकीलों के एक समूह द्वारा पत्रकार, जेएनयू के शिक्षक, छात्र नेता कन्हैया कुमार और अन्य एक्टिविस्ट पर हमला किया जाता है।

 • 17 फरवरी :  जेएनयू के संकाय सदस्यों ने राष्ट्रवाद पर खुली व्याख्यान श्रृंखला शुरू की और फिर नोम चोमस्की सहित प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के 133 प्रख्यात प्रोफेसरों ने कन्हैया कुमार की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए एक पत्र लिखा , और जेएनयू के छात्रों और शिक्षकों के साथ एकजुटता ज़ाहिर की।

 • 18 फरवरी को, ABVP की JNU यूनिट के तीन पदाधिकारियों ने इस मामले में परिषद से असहमति जताते हुए इस्तीफा दे दिया।

• 21 फरवरी : सभी फरार छात्र परिसर में लौट आए और आत्मसमर्पण के लिए खुद को पेश किया।

• 24 फरवरी : दिल्ली पुलिस ने उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य को गिरफ्तार किया।

• 3 मार्च : कन्हैया कुमार को 10 हज़ार रुपये के बॉन्ड पर ज़मानत मिली।

कन्हैया कुमार जेएनयू वापस आए जहाँ पहले से ही मीडिया का हुजूम उनका का इंतज़ार कर रहा था। फिर वहां कन्हैया ने ऐतिहासिक भाषण दिया, जिससे वे एक नये युवा नेता के तौर पर पहचाने गए।

• 17 मार्च : उमर और अनिर्बान को 6 महीने की अंतरिम ज़मानत मिली। इसके बाद जेएनयू के एडमिन  ब्लॉक में फिर एक विशाल सभा हुई।

• 26 अप्रैल :  कुलपति  की जांच समिति ने 21 छात्रों को अनुशासनात्मक मानदंडों को तोड़ने के लिए दोषी पाया, छात्र संघ और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (जेएनयूटीए) ने इस फैसले को नकार दिया|

• 10 और 12 मई को इस फैसले से नाराज़ छात्र ने दिल्ली के उच्च न्यायालय का रुख किया |

• 13 मई को उच्च न्यायालय ने छात्रों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई को खारिज़ कर दिया

•  14 जनवरी 2019 :  स्पेशल सेल ने मामले में चार्जशीट दायर की। 

 

JNU
Umar khalid
Kanhaiya Kumar
Anirban
Delhi
delhi police
sedition CASE

Related Stories

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

दिल्ली: रामजस कॉलेज में हुई हिंसा, SFI ने ABVP पर लगाया मारपीट का आरोप, पुलिसिया कार्रवाई पर भी उठ रहे सवाल

जब "आतंक" पर क्लीनचिट, तो उमर खालिद जेल में क्यों ?

धनशोधन क़ानून के तहत ईडी ने दिल्ली के मंत्री सत्येंद्र जैन को गिरफ़्तार किया

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

क्या पुलिस लापरवाही की भेंट चढ़ गई दलित हरियाणवी सिंगर?

बग्गा मामला: उच्च न्यायालय ने दिल्ली पुलिस से पंजाब पुलिस की याचिका पर जवाब मांगा

राजद्रोह मामला : शरजील इमाम की अंतरिम ज़मानत पर 26 मई को होगी सुनवाई

मुंडका अग्निकांड के लिए क्या भाजपा और आप दोनों ज़िम्मेदार नहीं?


बाकी खबरें

  • kerala nun case
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    केरल: चर्चित नन रेप केस में आरोपी बिशप बरी, फ़ैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देंगी नन
    15 Jan 2022
    एसआईटी का नेतृत्व कर रहे आईपीएस अधिकारी एस. हरिशंकर ने कहा कि ये फैसला स्वीकार्य नहीं है और सरकार की मंजूरी मिलने के बाद हाईकोर्ट में चुनौती दी जाएगी।
  • fact check
    राज कुमार
    फ़ैक्ट चेकः महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध में यूपी नंबर वन, है या नहीं?
    15 Jan 2022
    उत्तर प्रदेश में महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध के मामलों में कमी नहीं बल्कि वृद्धि हुई है। रेप के मामलों में कुछ कमी दर्ज की गई है। लेकिन महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध के मामले में उत्तर प्रदेश अब भी देश में…
  • yogi ji
    राजेंद्र शर्मा
    कटाक्ष: मास्टर स्ट्रोक ही मास्टर स्ट्रोक
    15 Jan 2022
    फिर भी यह न तो भगदड़ का मामला है और न तोड़-फोड़ के ग्लोबल षडयंत्र का। यह तो योगी जी के मास्टर स्ट्रोक का मामला है। हमें पता है कि भक्तों को आसानी से यह हजम नहीं होगा कि योगी भी मास्टरस्ट्रोक लगा सकते…
  • Bharti with Digvijay Singh
    काशिफ काकवी
    एमपी में एससी/एसटी के ख़िलाफ़ अत्याचार के 37,000 से अधिक मामले लंबित, दोष-सिद्धि की दर केवल 36 फ़ीसदी
    15 Jan 2022
    मध्य प्रदेश ने 2020 में एससी/एसटी के ख़िलाफ़ अत्याचार के 9,574 मामले दर्ज किए। लेकिन 2020 के केवल 95 मामले और इसके पिछले वर्ष में 594 मामले ही अदालतों में किसी नतीजे पर पहुंच सके थे। एनसीआरबी के…
  • kisan
    लाल बहादुर सिंह
    किसानों को आंदोलन और राजनीति दोनों को साधना होगा
    15 Jan 2022
    आज सिंघु बॉर्डर पर संयुक्त किसान मोर्चा की अहम बैठक हो रही है। किसान आंदोलन के स्थगित होने के बाद यह पहली बैठक है। इस बैठक में केंद्र सरकार द्वारा किसानों के साथ किये गए समझौते के क्रियान्वयन की…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License