NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
शिक्षा
भारत
राजनीति
जेएनयू स्वर्ण जयंती :भव्य कार्यक्रम को लेकर छात्र और प्रशासन आमने-सामने
छात्र सवाल कर रहे हैं कि हॉस्टल में रहने वाले छात्रों को शिफ़्ट करने के लिए कहा, क्योंकि उन्हें मेहमानों को ठहराने के लिए रूम की ज़रूरत थी? छात्रावास के क़ानूनी निवासी को क्यों कहा जाना चाहिए कि वो बाहर के मेहमानों को समायोजित करने के लिए अपना रूम छोड़ दे?
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
30 May 2019
JNU

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में पिछले कुछ सालो में कोई कार्यक्रम ऐसा नहीं हुआ है जिसको लेकर विवाद न हुआ हो। ये विश्वविद्यालय 1969 में स्थापित हुआ था लेकिन जितनी चर्चा में ये पिछले कुछ सालों में रहा है, शायद ही इससे पहले कभी रहा हो। इस साल जेएनयू के 50 वर्ष पूरे होने पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक भव्य अयोजन करने का निर्णय लिया है, जिसको लेकर वहाँ के छात्रों ने कई तरह की गंभीर आपत्तियाँ जताई हैं।
 
जेएनयू प्रशासन ने फ़रमान दिया है कि सात छात्रावासों के छात्र, अपने कमरे 30 मई तक लगभग 10 दिनों के लिए ख़ाली कर दें, ताकि विश्वविद्यालय के सप्ताह भर चलने वाले स्वर्ण जयंती समारोह में भाग लेने वाले लगभग 1,000 मेहमानों को वहाँ ठहराया जा सके। छात्र संघ का कहना है कि इस कार्यक्रम की मेज़बानी के नाम पर, विशाल आवासीय और बुनियादी ढाँचा संकट जेएनयू पर थोपा जा रहा है! 

आरोप लगाया गया है कि इस कार्यक्रम के नाम पर, जेएनयू के वीसी ने कथित तौर पर जेएनयू कैंपस के अंदर लगभग 1000 बाहरी लोगों और मेहमानों को होस्ट करने और समायोजित करने की योजना बनाई है। ये पैसों की बर्बादी है और दूसरी तरफ़ प्रशासन छात्रों की मूलभूत सुविधाओं के लिए फ़ंड ना होने का रोना रोता है, और इस तरह के आयोजनों पर पैसे लगा रहा है। 

स्वर्ण जयंती समारोह में, जेएनयू प्रशासन 3 जून से 9 जून तक संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करने जा रहा है। विश्वविद्यालय ने इस आयोजन को आयोजित करने के लिए SPIC MACAY के साथ भागीदारी की है। जेएनयू की वेबसाइट पर जाकर विशिष्ट कार्यक्रम के लिए पंजीकरण कराए जाने के लिए एक लिंक भी मौजूद है।

देश भर के विभिन्न कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के 1000 से अधिक छात्र प्रतिभागियों के इस आयोजन में शामिल होने की उम्मीद है। जेएनयू प्रशासन ने इसके लिए विभिन्न हॉस्टलों में रहने वाले छात्रों को शिफ़्ट होने को कहा है जिससे इन मेहमानो को ठहराया जा सके।
 
विश्वविद्यालय के छात्रों ने शिकायत की है कि उन्हें बाहरी मेहमानो को ठहरने के लिए अपने हॉस्टल कमरे से बाहर जाने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
जेएनयू छात्रसंघ के महासचिव एजाज़ ने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए कहा, “छात्रों को मनमाने तरीक़े से विस्थापित करना इंटर हॉल एडमिनिस्ट्रेशन (आईएचए) के नियमों के ख़िलाफ़ है। इसे आईएचए के माध्यम से पारित किया जाना चाहिए था और सभी छात्रावास अध्यक्षों को विश्वास में लेना चाहिए था।
छात्र सवाल कर रहे हैं कि हॉस्टल में रहने वाले छात्रों को शिफ़्ट करने के लिए कहा, क्योंकि उन्हें मेहमानों को ठहराने के लिए रूम की ज़रूरत थी? छात्रावास के क़ानूनी निवासी को क्यों कहा जाना चाहिए कि वो बाहर के मेहमानों को समायोजित करने के लिए अपना रूम छोड़ दे?" 

जेएनयूएसयू ने इस क़दम की निंदा की और कहा, "वीसी का मानना है कि जेएनयू उनकी जागीर है और वह अपनी इच्छानुसार जेएनयू के संसाधनों का उपयोग कर सकते हैं। हम वीसी की छवि निर्माण के लिए जेएनयू के संसाधनों के इस ज़बरदस्त दुरुपयोग की निंदा करते हैं, वह भी छात्रों को भारी असुविधा के लिए। 
कुलपति इस मेगा शो के लिए जेएनयू पर वित्तीय बोझ क्यों डाल रहे है? क्या फ़ेलोशिप, लाइब्रेरी, सेमिनार और अन्य शैक्षणिक जुड़ाव के लिए इनका प्रयोग नहीं हो सकता था?"


जेएनयूएसयू ने आगे कहा, "हम जानते हैं कि जेएनयू प्रशासन ने पिछले वर्षों के विपरीत इस साल एनआईटी-जेआरएफ़ आदि की परीक्षा देने के लिए विश्वविद्यालय से पास हो चुके छात्रों को अपनी परीक्षा के दौरान कुछ दिन और छात्रावास में रहने की अनुमति देने से इन्कार कर दिया है। जेएनयू में पहली बार ऐसा किया जा रहा है। जेएनयू ने हमेशा छात्रों को अतिथि शुल्क ले कर छात्रों को छात्रावास में रहने की अनुमति दी है ताकि वे बिना किसी असुविधा के परीक्षा दे सकें। एक तरफ़ प्रशासन ने छात्रों को रहने से मना कर दिया है और वहीं निवर्तमान छात्रों की जगह पर हज़ार महमानों को समायोजित करने का निर्णय लिया है।"

JNU
golden jubilee
students' plight
administration
Delhi
central university
MHRD
spic macay

Related Stories

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

दिल्ली : फ़िलिस्तीनी पत्रकार शिरीन की हत्या के ख़िलाफ़ ऑल इंडिया पीस एंड सॉलिडेरिटी ऑर्गेनाइज़ेशन का प्रदर्शन

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

जेएनयू: अर्जित वेतन के लिए कर्मचारियों की हड़ताल जारी, आंदोलन का साथ देने पर छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्ष की एंट्री बैन!

आईपीओ लॉन्च के विरोध में एलआईसी कर्मचारियों ने की हड़ताल

महानगरों में बढ़ती ईंधन की क़ीमतों के ख़िलाफ़ ऑटो और कैब चालक दूसरे दिन भी हड़ताल पर

बीएचयू: लाइब्रेरी के लिए छात्राओं का संघर्ष तेज़, ‘कर्फ्यू टाइमिंग’ हटाने की मांग

दिल्ली: बर्ख़ास्त किए गए आंगनवाड़ी कर्मियों की बहाली के लिए सीटू की यूनियन ने किया प्रदर्शन

‘जेएनयू छात्रों पर हिंसा बर्दाश्त नहीं, पुलिस फ़ौरन कार्रवाई करे’ बोले DU, AUD के छात्र


बाकी खबरें

  • असद रिज़वी
    CAA आंदोलनकारियों को फिर निशाना बनाती यूपी सरकार, प्रदर्शनकारी बोले- बिना दोषी साबित हुए अपराधियों सा सुलूक किया जा रहा
    06 May 2022
    न्यूज़क्लिक ने यूपी सरकार का नोटिस पाने वाले आंदोलनकारियों में से सदफ़ जाफ़र और दीपक मिश्रा उर्फ़ दीपक कबीर से बात की है।
  • नीलाम्बरन ए
    तमिलनाडु: छोटे बागानों के श्रमिकों को न्यूनतम मज़दूरी और कल्याणकारी योजनाओं से वंचित रखा जा रहा है
    06 May 2022
    रबर के गिरते दामों, केंद्र सरकार की श्रम एवं निर्यात नीतियों के चलते छोटे रबर बागानों में श्रमिक सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं।
  • दमयन्ती धर
    गुजरात: मेहसाणा कोर्ट ने विधायक जिग्नेश मेवानी और 11 अन्य लोगों को 2017 में ग़ैर-क़ानूनी सभा करने का दोषी ठहराया
    06 May 2022
    इस मामले में वह रैली शामिल है, जिसे ऊना में सरवैया परिवार के दलितों की सरेआम पिटाई की घटना के एक साल पूरा होने के मौक़े पर 2017 में बुलायी गयी थी।
  • लाल बहादुर सिंह
    यूपी में संघ-भाजपा की बदलती रणनीति : लोकतांत्रिक ताकतों की बढ़ती चुनौती
    06 May 2022
    नज़रिया: ऐसा लगता है इस दौर की रणनीति के अनुरूप काम का नया बंटवारा है- नॉन-स्टेट एक्टर्स अपने नफ़रती अभियान में लगे रहेंगे, दूसरी ओर प्रशासन उन्हें एक सीमा से आगे नहीं जाने देगा ताकि योगी जी के '…
  • भाषा
    दिल्ली: केंद्र प्रशासनिक सेवा विवाद : न्यायालय ने मामला पांच सदस्यीय पीठ को सौंपा
    06 May 2022
    केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच इस बात को लेकर विवाद है कि राष्ट्रीय राजधानी में प्रशासनिक सेवाएं किसके नियंत्रण में रहेंगी।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License