NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
जेएनयूएसयू चुनाव: मतगणना को लेकर बवाल जारी
जेएनयूएसयू चुनाव 2018-19 के लिए गणना एबीवीपी सदस्यों द्वारा हिंसा के बाद चुनाव समीति (ईसी) द्वारा निलंबित कर दी गई है|
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
15 Sep 2018
जेएनयूएसयू चुनाव 2018-19

जेएनयू छात्रसंघ चुनाव के इतिहास में पहली बार इस तरह की हिंसा और बूथ कैप्चरिंग की घटना सामने आई है| ये दिन जेनयू के इतिहास में कालेदिवस के रूप में याद किया जाएगाI जिस तरह से शुक्रवार को भारी मतदान के बाद शाम को मतगणना शुरू हुई और परिक्रिया हर वर्ष की तरह बहुत ही शांति से चल रही थी| लेकिन आचानक ही ABVP ने वहाँ हमला बोल दिया, जिसके बाद से मतगणना को अन्श्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया है|

स्कुल ऑफ़ लाइफ साइंसेज में चुनाव के नतीजे आये हैंI वहाँ ABVP की हार हुई, जो हमेशा से ही ABVP का गढ़ माना जाता रहा है| उसके बाद ही यह पूरा हंगामा शुरू हुआ तकरीबन चार बजे ABVP के नेता सौरभ शर्मा के नेतृत्व में वहाँ उनके कुछ अन्य साथी आते हैं और वहाँ लगे बैरिकेट को तोड़ते हैं, गार्ड को मारते हुए अंदर जाते हैं, चुनाव-समीति के लोगों पर हमला बोलते हैं, वहाँ रखी मत पेटी को ज़बरन ले जाने का प्रयास करते हैं|

JNUSU.png

 

वाम छात्र संगठनों ने कहा कि सौरभ शर्मा, राघवेंद्र मिश्रा, अखिलेश पाठक और कुछ एबीवीपी उम्मीदवार जैसे ललित पांडे (एबीवीपी अध्यक्ष पद के उम्मीदवार) और वेंकट चौबे (एबीवीपी संयुक्त सचिव उम्मीदवार) ने एसआईएस-1 बिल्डिंग में प्रवेश किया, दरवाजों के शीशे तोड़ दिए और मतगणना वाले कमरे में घुस गये| इसके बाद, उन्होंने कमरे में घेराबंदी की और किसी को भी कमरे में प्रवेश करने या बाहर निकलने से रोका। उन्होंने मतपत्रों को जबरन लेने की भी कोशिश की, जिसे चुनाव आयोग रोकने में कामयाब रहा। उन्होंने कुछ ईसी सदस्यों को मारा और घायल कर दिया।

 

abvp हिंसा.png

ABVP का कहना है कि उनके पोलिंग एजंट अंदर नहीं गए और उनके बिना ही मतगणना शुरू हुई, जो गलत है इसको लेकर वो विरोध कर रहे हैं|

जेएनयू छात्रसंघ चुनाव के नियमों के अनुसार मतगणना से पूर्व हमेशा तीन बार चुनाव अधिकारी द्वारा सभी उम्मीदवारों से अपील की जाती है कि वो अपने पोलिंग ऐजेंट को अंदर भेजें, फिर भी अगर कोई उम्मीदवार अपना पोलिंग एजेंट नहीं भेजता तो उस स्थिति में अगर दो पोलिंग एजेंट उपस्थित हो तो उनके साथ ही मतगणना शुरू की जाती है |

वहाँ के छात्रों के मुताबिक चुनाव अधिकारी ने नियम अनुसार तीन बार माइक से  बुलाया पर ABVP की तरफ से कोई नहीं गया, उस स्थिति चुनाव अधिकारी ने मतगणना शुरू कर दी| ऐसा नहीं कि यह सिर्फ ABVP के साथ हुआ हो, इस चुनाव में स्कूल ऑफ़ लैंग्वेजेज़ के मतगणना के दौरान वाम छात्र संग्ठन aisa भी अपने पोलिंग एजेंट को नहीं भेज पाया था, फिर भी मतगणना हुई और सबने उसको माना|

गुंडागर्दी और अराजकता से वहाँ मौजूद पत्रकार भी न बच सकें उन पर भी हमला हुआI  उनके फोन और कैमरा आदि छीन कर उसमें से फुटेज डिलेट कर दिया गया, क्योंकि उसमें ABVP के लोगों हिंसा की काली करतूत कैद थी|

वर्तमान स्थिति यह है कि इस घटना के बाद सभी छात्र संगठनों की एक बैठक बुलाई गई जिसमें सर्वसम्मती से यह निर्णय हुआ कि ABVP लिखित में चुनाव आयोग से माफी मांगेI इसके बाद मतगणना पुन: शुरू हो और इस बैठक में ABVP भी इस पर सहमत हुआ परन्तु उसने अब तक लिखित में चुनाव आयोग को नहीं दिया है| जैसे ही ABVP अपना माफीनामा आयोग को दे देगा मतगणना शुरू हो जाएगी|

जेएनयू छात्र संघ चुनाव में ABVP के छात्रो ने अन्य छात्रों पर किया हमला 

1UI.png

जेएनयू के छात्र संघ की पूर्व महासचिव सतरूपा ने कहा की एबीवीपी की गुंडागर्दी अब  बर्दास्त से बहार  है। हम में से कई मारा  और बहुत से लोग घायल हैं। एबीवीपी गुंड उनके पास  तलवार हैं, उन्होंने बतया कि असिफ इड्रीस,सुमित्रान बसु, दिनेश, वो खुद और कई अन्य हिट हैं। उन्होंने  तबेरेज़ हसन का फोन छीन लिया , जब वह हिंसा रिकॉर्ड कर रहे थे । हम चुनाव आयोग के साथ है , सभी संभावित समर्थन और सहयोग का देंगे |  हमें एकजुट है  और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि गिनती तुरंत शुरू हो जाए।  आइए जेएनयू की लोकतांत्रिक संस्कृति और चुनाव की दुनिया भर में ज्ञात सुंदर प्रक्रिया को बचाने के लिए बार्केड बनाएं। चलो संघी गुंडों को हमारे चुनाव को बर्बाद करने की  इजाजत नहीं दी जा सकती  हैं।

322.png

 

अभी मिली जानकारी के मुताबिक मतगणना जल्द शुरू होने वाली है| 

अभी तक की जानकरी यही है आगे और जानकारी आएगी, तो हम उसे भी इस रिपोर्ट में संशोधन करेंगे|

 

 

JNUSU
ABVP
Left politics
JNU
जेनयू छात्रसंघ चुनाव

Related Stories

कार्टून क्लिक: उनकी ‘शाखा’, उनके ‘पौधे’

झारखंड-बिहार : महंगाई के ख़िलाफ़ सभी वाम दलों ने शुरू किया अभियान

अलीगढ़ : कॉलेज में नमाज़ पढ़ने वाले शिक्षक को 1 महीने की छुट्टी पर भेजा, प्रिंसिपल ने कहा, "ऐसी गतिविधि बर्दाश्त नहीं"

दिल्ली: रामजस कॉलेज में हुई हिंसा, SFI ने ABVP पर लगाया मारपीट का आरोप, पुलिसिया कार्रवाई पर भी उठ रहे सवाल

लखनऊ विश्वविद्यालय: दलित प्रोफ़ेसर के ख़िलाफ़ मुक़दमा, हमलावरों पर कोई कार्रवाई नहीं!

लखनऊ विश्वविद्यालय में एबीवीपी का हंगामा: प्रोफ़ेसर और दलित चिंतक रविकांत चंदन का घेराव, धमकी

जेएनयू: अर्जित वेतन के लिए कर्मचारियों की हड़ताल जारी, आंदोलन का साथ देने पर छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्ष की एंट्री बैन!

भारत में छात्र और युवा गंभीर राजकीय दमन का सामना कर रहे हैं 

बैठक में नहीं पहुंचे अधिकारी, छात्र बोले- जेएनयू प्रशासन का रवैया पक्षपात भरा है

‘जेएनयू छात्रों पर हिंसा बर्दाश्त नहीं, पुलिस फ़ौरन कार्रवाई करे’ बोले DU, AUD के छात्र


बाकी खबरें

  • Christmas
    राजेंद्र शर्मा
    कटाक्ष: मानुस ते बानर भायो, विश्व गुरु बतलाए!
    26 Dec 2021
    ताजमहल के शहर में जब बड़े दिन पर सेंटा क्लॉज मुर्दाबाद के नारे लगे, विश्व गुरु का ताज उसी क्षण नये इंडिया के सिर पर सज गया। और जब बजरंगियों ने चौराहे पर सेंटा क्लॉज का पुतला फूंका, तब तो बाकायदा…
  • Jama Masjid
    न्यूज़क्लिक टीम
    श्रीनगर की जामा मस्जिद में जुमे की नमाज़ पर रोक
    26 Dec 2021
    जम्मू-कश्मीर की बड़ी मस्जिद जामा मस्जिद में जुमे की नमाज पर पिछले छह वर्षों में 150 सप्ताह से अधिक समय से अधिकारियों ने रोक लगा दी है। जबकि हाल ही में कोविड -19 के चलते इस बड़ी मस्जिद को बंद कर दिया…
  • modi
    डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    तिरछी नज़र: ...चुनाव आला रे
    26 Dec 2021
    कोरोना की तरह ही सरकार जी भी चुनाव आने की भविष्यवाणी कर देते हैं। वैसे तो चुनाव हर पांच साल में होते हैं पर यदि आप भूल गए हों कि चुनाव हुए पांच साल होने वाले हैं तो सरकार जी के दनादन दौरे याद दिला…
  • Chanel Contos
    शिरीष खरे
    ऑस्ट्रेलिया में इन दिनों चर्चा के केंद्र में क्यों है सेक्स एजुकेशन?
    26 Dec 2021
    पश्चिम देशों में चैनल कॉन्टोस के चर्चा में रहने की वजह है एक याचिका, जो उसने अपने गृह देश ऑस्ट्रेलिया की अदालत में लगाई है। दरअसल, उसकी याचिका ऑस्ट्रेलिया के राष्ट्रीय पाठ्यक्रम में यौन संबंध के बारे…
  • hafte ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    धर्म संसद का आपराधिक चेहरा, देवभूमि में दलित भोजनमाता की दुर्गति
    25 Dec 2021
    हरिद्वार की विवादास्पद धर्म-संसद से उठते सवालों और चम्पावत के सरकारी स्कूल में उठे दलित-भोजनमाता विवाद पर वरिष्ठ पत्रकार Urmilesh का विचारोत्तेजक विश्लेषण.
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License