NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
साहित्य-संस्कृति
भारत
राजनीति
...जहाँ ज़बरदस्ती की जाएगी, जहाँ बलात्कार होगा, उस राज्य का नाश अवश्यंभावी है
वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप कुमार के कविता संग्रह 'बिन जिया जीवन ' के 'महाभारत व्यथा' अध्याय की दूसरी कविता 'मत्स्यगंधा'। जो हस्तिनापुर की राजमाता सत्यवती के जीवन पर आधारित है।
न्यूज़क्लिक डेस्क
22 Sep 2019
satyawati mahabhrat
प्रतीकात्मक तस्वीर। साभार : Alkazi Foundation for the Arts

मत्स्यगंधा
 

हस्तिनापुर आज भी
मछली की तेज़ गंध में डूबा हुआ है

लोग कहते हैं कि चाँदनी रात हो या अंधेरी
अक्सर मत्स्यगंधा की आत्मा यहाँ डोलती है
और पूरे नगर पर तीखी बास की एक मोटी चादर
पड़ जाती है

लोक में प्रचलित हुआ कि सत्यवती वन में
अंबिका और अंबालिका के साथ
मर गयी
पर मैं जीवित रही
क्योंकि मैं
हस्तिनापुर की राजमाता
हस्तिनापुर का ध्वंस देखने के लिए
तड़प रही थी

अब मेरी आत्मा तृप्त है

कौन है इस ध्वंस का उत्तरदायी?
द्रौपदी की दुर्योधन पर फ़ब्ती?
कौरव राजसभा में द्रौपदी का चीरहरण?
युधिष्ठिर की जुए की लत?
दुर्योधन की ईर्ष्या?
मर्यादा का क्षरण?

नहीं

बहुत पहले ही
मर्यादा टूट चुकी थी और
सत्ता पर सवार हो चुके थे  
निरंकुश वासना, अतृप्त लालसा, निर्वसन लोभ

ध्वंस के बीज तो तभी पड़ गए थे
जब
ऋषि पराशर ने मुझ नाव चलाने वाली पर
नदी के बीचोंबीच
बलात्कार किया था
अनाघ्रात पुष्प थी मैं
नवागत यौवन के झूले में झूलती हुई
इतनी भोली कि यह भी पता नहीं चला
मेरी देह के साथ क्या घटित हो रहा है
चीरहरण की सभी चर्चा करते हैं
मेरे कौमार्यहरण की कोई भी नहीं !

राजा शांतनु की दुर्दमनीय कामेच्छा
मेरे मल्लाह पिता का अपार लालच
भावी सम्राट का नाना बनकर
ऐश्वर्य भोगने की उसकी निर्लज्ज लालसा  
देवव्रत का
कभी विवाह न करने और सिंहासन को त्यागने की
भीषण प्रतिज्ञा लेकर
भीष्म के रूप में लोकोत्तर पुरुष बनना
और फिर
परिणाम की सोचे बिना
उस पर हठपूर्वक जमे रहना

लोक में
बस इसी की चर्चा है

क्या कभी किसी ने सोचा
कि
उस बूढ़े राजा से मेरे विवाह के लिए
मेरी सहमति आवश्यक नहीं थी क्या?
किसी भी स्त्री की सहमति क्या
कभी आवश्यक समझी गयी है?

देवव्रत ने विवाह न करने का हठ
नहीं छोड़ा
लेकिन बलपूर्वक अनेक विवाह कराए
विचित्रवीर्य के लिए काशिनरेश की तीन कन्याओं का
अपहरण किया
अंबा का जीवन नष्ट किया
और अंबिका और अंबालिका को ज़बरदस्ती
विचित्रवीर्य और चित्रांगद के साथ विवाह के बंधन में बांधा

अगर यह न हुआ होता
और अंबा ने फिर से जन्म लेकर
भीष्म और उसके कुल के नाश की प्रतिज्ञा न की होती
तो क्या यह महायुद्ध होता?
और मैं?

क्या हर सास की तरह
मैंने भी प्रतिहिंसा में
अपनी बहुओं के साथ वही नहीं किया
जो मेरे साथ हुआ था?

नियोग के बहाने अपने पहले पुत्र कृष्ण द्वैपायन से
क्या मैंने अंबिका और अंबालिका पर
बलात्कार नहीं करवाया?
इस अंधे, विवेकहीन और रुग्ण कृत्य के फलस्वरूप
यदि
दृष्टिहीन धृतराष्ट्र और रोगी पांडु पैदा न होते
तो और क्या पैदा होता?


अंधे धृतराष्ट्र के लिए भीष्म गांधारी और
रोगी पांडु के लिए
पृथा एवं माद्री लाए  

कैसा लगा होगा गांधारी को
विचित्रवीर्य के अंधे पुत्र से सौ-सौ पुत्र पैदा करते हुए?
क्या अपनी आँखों पर पट्टी
उसने इसलिए नहीं बांधी थी
ताकि वह पूरे संसार को दिखा सके
वह अदृश्य पट्टी
जो हम सबकी आँखों पर बंधी थी?

और
क्या चार पुरुषों के साथ सहवास करके
कर्ण, युधिष्ठिर, भीम और अर्जुन को जन्म देने वाली कुंती ने
सास वाला बदला लेने के लिए ही
द्रौपदी को
पाँचों पांडवों की पत्नी नहीं बनाया?
क्या माद्री को उसने इसीलिए वह मंत्र नहीं दिया
ताकि वही सती-सावित्री क्यों बनी रहे?

वरना नियोग के द्वारा तो
केवल एक पुत्र की प्राप्ति ही अभीष्ट होती है  

न किसी ने मेरी सहमति ली थी,
न अंबालिका और अंबिका की
न पृथा और माद्री की
और न ही द्रौपदी की

और यह स्वयंवर का ढकोसला!

स्वयंवर क्या वास्तव में स्वयंवर है?
क्या द्रौपदी ने कामना की थी कि वह
उसी से विवाह करेगी
जो घूमती हुई मछली की आँख
बाण से बींधेगा?
नहीं
यह शर्त उसके पिता ने निर्धारित की थी
फिर स्वयंवर में
द्रौपदी का ‘स्वयं’ कहाँ था?

क्या महाभारत युद्ध के मूल में
बलात्कार नहीं है?
क्या देवव्रत ने अपनी प्रतिज्ञा की
मूल भावना के साथ बलात्कार नहीं किया था?

तब तो मेरे पिता की ज़िद भी शेष नहीं रही थी
अगर वह विचित्रवीर्य की मृत्यु के बाद विवाह कर लेता
तो अनेक अन्य
बलात्कार होने से बच जाते
और तब संभवतः
यह महाविनाश भी न होता
और वह भी
हस्तिनापुर के राज्य का एकमात्र
वास्तविक उत्तराधिकारी होने के बावजूद
दुर्योधन के सिंहासन का पाया बनने की
ज़िल्लत ढोने से बच जाता


मैं मत्स्यगंधा सत्यवती
भुजा उठाकर कहती हूँ
जहाँ ज़बरदस्ती की जाएगी
जहाँ बलात्कार होगा
उस राज्य का नाश अवश्यंभावी है


- कुलदीप कुमार
…

इसे भी पढ़े:'बिन जिया जीवन' की महाभारत व्यथा...

hindi poetry
hindi poet
Hindi fiction writer
mahabharat
हिंदी काव्य
हिंदी साहित्य
Gender Equality
gender justice
Women Rights
gender violence

Related Stories

कविता का प्रतिरोध: ...ग़ौर से देखिये हिंदुत्व फ़ासीवादी बुलडोज़र

देवी शंकर अवस्थी सम्मान समारोह: ‘लेखक, पाठक और प्रकाशक आज तीनों उपभोक्ता हो गए हैं’

गणेश शंकर विद्यार्थी : वह क़लम अब खो गया है… छिन गया, गिरवी पड़ा है

अदम गोंडवी : “धरती की सतह पर” खड़े होकर “समय से मुठभेड़” करने वाला शायर

हमें यह शौक़ है देखें सितम की इंतिहा क्या है : भगत सिंह की पसंदीदा शायरी

इतवार की कविता: अपने जगे एहसास को पत्थर नहीं बना सकतीं अफ़ग़ान औरतें

विशेष: ...मेरी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए

इतवार की कविता : तुम्हारी जाति क्या है कुमार अंबुज?

राही मासूम रज़ा : साझा भारतीय संस्कृति के भाष्यकार

एक दिन सुन लीजिए जो कुछ हमारे दिल में है...


बाकी खबरें

  • अभिलाषा, संघर्ष आप्टे
    महाराष्ट्र सरकार का एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम को लेकर नया प्रस्ताव : असमंजस में ज़मीनी कार्यकर्ता
    04 Apr 2022
    “हम इस बात की सराहना करते हैं कि सरकार जांच में देरी को लेकर चिंतित है, लेकिन केवल जांच के ढांचे में निचले रैंक के अधिकारियों को शामिल करने से समस्या का समाधान नहीं हो सकता”।
  • रवि शंकर दुबे
    भगवा ओढ़ने को तैयार हैं शिवपाल यादव? मोदी, योगी को ट्विटर पर फॉलो करने के क्या हैं मायने?
    04 Apr 2022
    ऐसा मालूम होता है कि शिवपाल यादव को अपनी राजनीतिक विरासत ख़तरे में दिख रही है। यही कारण है कि वो धीरे-धीरे ही सही लेकिन भाजपा की ओर नरम पड़ते नज़र आ रहे हैं। आने वाले वक़्त में वो सत्ता खेमे में जाते…
  • विजय विनीत
    पेपर लीक प्रकरणः ख़बर लिखने पर जेल भेजे गए पत्रकारों की रिहाई के लिए बलिया में जुलूस-प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट का घेराव
    04 Apr 2022
    पत्रकारों की रिहाई के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए संयुक्त पत्रकार संघर्ष मोर्चा का गठन किया है। जुलूस-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में आंचलिक पत्रकार भी शामिल हुए। ख़ासतौर पर वे पत्रकार जिनसे अख़बार…
  • सोनिया यादव
    बीएचयू : सेंट्रल हिंदू स्कूल के दाख़िले में लॉटरी सिस्टम के ख़िलाफ़ छात्र, बड़े आंदोलन की दी चेतावनी
    04 Apr 2022
    बीएचयू में प्रशासन और छात्र एक बार फिर आमने-सामने हैं। सीएचएस में प्रवेश परीक्षा के बजाए लॉटरी सिस्टम के विरोध में अभिभावकों के बाद अब छात्रों और छात्र संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है।
  • टिकेंदर सिंह पंवार
    बेहतर नगरीय प्रशासन के लिए नई स्थानीय निकाय सूची का बनना ज़रूरी
    04 Apr 2022
    74वां संविधान संशोधन पूरे भारत में स्थानीय नगरीय निकायों को मज़बूत करने में नाकाम रहा है। आज जब शहरों की प्रवृत्तियां बदल रही हैं, तब हमें इस संशोधन से परे देखने की ज़रूरत है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License