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भारत
ज़हरीली शराब का कहर, यूपी-उत्तराखंड में लगातार मौतें
एक बार फिर ज़हरीली शराब का कहर बरपा है। दो राज्यों उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड से ज़हरीली शराब पीनें से मौतों की ख़बरें आ रही हैं। बड़ी संख्या में लोग बीमार भी हैं। यूपी सरकार ने अभी 14 मौतों की पुष्टि की है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
08 Feb 2019
ज़हरीली शराब से मौत

एक बार फिर ज़हरीली शराब का कहर बरपा है। दो राज्यों उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड से ज़हरीली शराब पीनें से मौतों की ख़बरें आ रही हैं। बड़ी संख्या में लोग बीमार भी हैं। यूपी सरकार ने अभी 14 मौतों की पुष्टि की है।

समाचार एजेंसी आईएएनएस/आईपीएन के मुताबिक उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के तरयासुजान क्षेत्र में जहरीली शराब पीने की घटना में पांच और लोगों की मौत हो गई। इनमें दो सगे भाई हैं। इस घटना में दो दिनों में अबतक कुल 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि चार अन्य बीमार हैं, जिनका अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है।

अतिरिक्त मुख्य सचिव (सूचना) अवनीश अवस्थी ने आईएएनएस से कहा कि कुशीनगर के तरयासुजान से नौ लोगों व सहारनपुर के उमही गांव से पांच लोगों की मौत की सूचना है।

इस मामले में तरयासुजान के इंस्पेक्टर, हल्का दरोगा और दो सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा, आबकारी निरीक्षक समेत पांच सिपाहियों को भी निलंबित किया गया है। जहरीली शराब बनाने और बेचने के आरोपी राजेंद्र जायसवाल को गिरफ्तार किया गया है।

जिलाधिकारी डॉ. अनिल कुमार सिंह ने बताया, "गुरुवार को रामवृक्ष और रामनाथ शाह की मौत भी शराब सेवन से होने की बात सामने आई। दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। विजय और ओम दीक्षित की मौत भी शराब से होना बताया गया है, लेकिन घर वालों ने उनका अंतिम संस्कार कर दिया।"

उन्होंने बताया कि इस मामले में लापरवाही बरतने पर क्षेत्रीय आबकारी इंस्पेक्टर हृदय नारायण पांडेय, प्रधान सिपाही प्रहलाद सिंह, राजेश कुमार तिवारी, सिपाही रवींद्र कुमार व ब्रह्मानंद श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस ने कच्ची शराब बेचने वालों पर मुकदमा दर्ज कर एक कारोबारी को गिरफ्तार किया है।

इस मामले में एसपी राजीव नारायन मिश्र ने बताया कि हीरा और डेबा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह स्पष्ट न होने से डॉक्टरों ने विसरा सुरक्षित रख लिया है। घर वालों की तहरीर पर दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर एक कारोबारी को गिरफ्तार किया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ज़हरीली शराब से उत्तराखंड के रुड़की में भी 12 लोगों की मौत की ख़बर है। चार लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है।  

इन घटनाओं ने दोनों राज्यों में शासन-प्रशासन पर सवाल खड़ा कर दिया है। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुशीनगर और सहारनपुर जिलों में अवैध शराब से हुई लोगों की मृत्यु की घटना को संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारियों को प्रभावित लोगों की समुचित चिकित्सा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। योगी ने दोनों जिलों के आबकारी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के भी निर्देश दिए हैं। यहां जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने इन घटनाओं में मृत लोगों के आश्रितों को दो-दो लाख रुपये तथा अस्पतालों में उपचार करा रहे लोगों को 50-50 हजार रुपये आर्थिक सहायता दिए जाने की घोषणा की है। 

बयान के अनुसार, उन्होंने आबकारी और पुलिस विभाग को अवैध शराब से जुड़े लोगों के खिलाफ 15 दिनों का संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश भी दिए हैं। 

पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से स्थानीय पुलिस व आबकारी विभाग से समन्वय कर अवैध रूप से शराब बनाने वालों की पहचान करने व उनके खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।

इस बीच, समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा लोगों को शराब पीने के लिए प्रोत्साहित कर रही है क्योंकि इससे गाय के नाम पर उपकर मिलेगा और लोग जानकारी के अभाव में इस तरह की शराब पी रहे हैं।

उन्होंने राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर शराब माफिया को संरक्षण देने का आरोप लगाया।

(इनपुट आईएएनएस)

Poisonous liquor
Death by poisonous liquor
ज़हरीली शराब
ज़हरीली शराब से मौत
Uttar pradesh
UTTARAKHAND
Yogi Adityanath
Saharanpur
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