NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका
जी-7 सम्मेलन में ईरान, अमेजन आग का मुद्दा छाया, एकता पर भी उठे सवाल
इस सम्मेलन ने शनिवार को तब नाटकीय मोड़ ले लिया जब ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद जरीफ तेहरान के विवादित परमाणु कार्यक्रम पर राजनयिक गतिरोध के संबंध में चर्चा करने के लिए बिआरित्ज पहुंचे।
एएफपी
26 Aug 2019
G7 summit
फोटो साभार : aljazeera.com

बिआरित्ज (फ्रांस): फ्रांस के तटीय शहर बिआरित्ज में सोमवार को जी7 शिखर सम्मेलन संपन्न हो गया जिसमें सदस्य देशों के बीच अमेजन के वर्षावन में आग सहित दुनिया के सामने पेश समस्याओं पर चर्चा हुई लेकिन इन सब पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ‘‘कारोबार युद्ध’’ का मुद्दा छाया रहा और इस समूह की एकता पर भी सवाल उठे। 

इस सम्मेलन ने शनिवार को तब नाटकीय मोड़ ले लिया जब ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद जरीफ तेहरान के विवादित परमाणु कार्यक्रम पर राजनयिक गतिरोध के संबंध में चर्चा करने के लिए बिआरित्ज पहुंचे।

जरीफ की यहां मौजूदगी अप्रत्याशित थी और यह फ्रांस की तरफ से ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव कम करने की कोशिश थी।
फ्रांस के राजनयिकों ने बताया कि ईरान के विदेश मंत्री ने ट्रंप से मुलाकात नहीं की लेकिन एक जगह दोनों नेताओं की मौजूदगी ने दोनों के बीच नरमी की उम्मीद पैदा कर दी। इस साल जुलाई में अमेरिकी सरकार ने जरीफ की यात्रा बाधित करने के उद्देश्य से भारी प्रतिबंध लगा दिये थे। 

अमेरिका में पढ़े-लिखे जरीफ ने फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों और विदेश मंत्री ज्यां यीव ला द्रयां से मुलाकात की। उन्होंने ब्रिटेन और जर्मनी के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘ आगे का रास्ता बहुत कठिन है लेकिन कोशिश करने के योग्य है।’’
फ्रांस के अधिकारियों ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति को ईरान के विदेश मंत्री के यहां पहुंचने की जानकारी थी। 

सूत्रों का कहना है कि जरीफ की इस यात्रा के बारे में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों के बीच शनिवार को दोपहर के भोजन के दौरान भी चर्चा हुई।

नाम न जाहिर करने की शर्त पर एक राजनयिक ने कहा, ‘‘ हम अमेरिका के साथ पूरी पारदर्शिता से काम कर रहे हैं।’’ हालांकि अमेरिकी मीडिया में यह खबर चल रही थी कि व्हाइट हाउस इस यात्रा से हैरत में है।

ट्रंप सोमवार को वाशिंगटन लौटने से पहले एक संवाददाता सम्मेलन करेंगे। उन्होंने रविवार को दावा किया था कि जी-7 सम्मेलन ‘बेहतर तरीके’ से चल रहा है।

ब्रिटेन, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और अमेरिका जी-7 समूह का हिस्सा हैं। इन देशों के नेताओं ने सम्मेलन के दूसरे दिन यहां के मनोरम समुद्र तट पर एक सामूहिक तस्वीर खिंचवाई। 

अमेजन के जंगल में लगी आग को लेकर सम्मेलन के अंतिम दिन चर्चा हुई और इस पूरे घटनाक्रम को दुनिया के ‘‘ग्रीन लंग्स’’ पर हमला बताया गया।

हालांकि ट्रंप ने इस मुद्दे पर ज्यादा बातें नहीं की। वह अपने नए मित्र और ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो को लेकर बाकी सदस्यों से जरा अलग ही रहे। बोल्सोनारों की नीतियों को अमेजन के जंगल में लगी आग के लिए जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।

शिखर सम्मेलन में कारोबार एक बड़ा मुद्दा था जिसकी वजह से ट्रंप जी 7 नेताओं से लगभग अलग रहे। 

बहरहाल, अमेरिकी राष्ट्रपति ने जी-7 शिखर सम्मेलन में ‘‘ब्रेक्जिट’’ के लिए ‘सही व्यक्ति’ के तौर पर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन का रविवार को समर्थन किया।

G7 summit
France
G7 summit france 2019
britain
canada
japan
italy
US President Donald Trump
germany
IRAN

Related Stories

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री जॉनसन ‘पार्टीगेट’ मामले को लेकर अविश्वास प्रस्ताव का करेंगे सामना

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन में हो रहा क्रांतिकारी बदलाव

ईरानी नागरिक एक बार फिर सड़कों पर, आम ज़रूरत की वस्तुओं के दामों में अचानक 300% की वृद्धि

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आईपीईएफ़ पर दूसरे देशों को साथ लाना कठिन कार्य होगा

असद ने फिर सीरिया के ईरान से रिश्तों की नई शुरुआत की

सऊदी अरब के साथ अमेरिका की ज़ोर-ज़बरदस्ती की कूटनीति

यूक्रेन की स्थिति पर भारत, जर्मनी ने बनाया तालमेल

फ्रांस में मैक्राँ की जीत से दुनियाभर में राहत की सांस

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री इस महीने के अंत में भारत आ सकते हैं

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई


बाकी खबरें

  • एम. के. भद्रकुमार
    भारत को अब क्वाड छोड़ देना चाहिए! 
    15 Mar 2022
    राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) जेक सुलिवन के बयान में अमेरिका के बढ़ते खतरे का भारत की रक्षा क्षमताओं और उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा पर महत्त्वपूर्ण असर पड़ेगा। 
  • Kashmir press club
    राज कुमार
    जम्मू-कश्मीर में मीडिया का गला घोंट रही सरकार : प्रेस काउंसिल
    15 Mar 2022
    ग़ौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने सितंबर 2021 में प्रेस काउंसिल ऑफ़ इंडिया को एक पत्र लिखा था और मांग की थी कि काउंसिल एक फ़ैक्ट फ़ाइंडिंग टीम भेजकर जम्मू-कश्मीर में…
  • Jharkhand
    अनिल अंशुमन
    झारखंड: हेमंत सरकार ने आदिवासी समूहों की मानी मांग, केंद्र के ‘ड्रोन सर्वे’ कार्यक्रम पर लगाईं रोक
    15 Mar 2022
    ‘ड्रोन सर्वे’ और ‘ज़मीन की डिजिटल मैपिंग’ कार्यक्रम के खिलाफ आवाज़ उठा रहे सभी आदिवासी संगठनों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है।
  • अजय कुमार
    रूस पर लगे आर्थिक प्रतिबंध का भारत के आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा?
    15 Mar 2022
    आर्थिक जानकारों का कहना है कि सरकार चाहे तो कच्चे तेल की वजह से बढ़े हुए ख़र्च का भार ख़ुद सहन कर सकती है।
  • रौनक छाबड़ा
    ईपीएफओ ब्याज दर 4-दशक के सबसे निचले स्तर पर, केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने आम हड़ताल से पहले खोला मोर्चा 
    15 Mar 2022
    ईपीएफओ के केंद्रीय न्यासी बोर्ड ने शनिवार को वित्त वर्ष 2021-22 के लिए अपनी मौजूदा ब्याज दर को 8.5% से घटाकर 8.1% करने की सिफारिश की है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License