NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अर्थव्यवस्था
ज़ी की बिक्रीः IL&FS संकट के बाद का प्रभाव
भारत में दीर्घकालिक संपत्तियों में फंडिंग के लिए लघु अवधि का कर्ज़ व्यवसायियों के लिए अब एक विफल रणनीति है।
पृथ्वीराज रूपावत
31 Jan 2019
IL&FS
Image Courtesy : ndtv

कर्ज़ में फंसे इंफ्रास्ट्रक्चर लीजिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज (IL&FS -आईएल एंड एफएस) समूह का भयावह प्रभाव पिछले साल सितंबर में शुरू हुआ जिसने कुछ महीनों के लिए भारतीय बाज़ारों को कमज़ोर बना दिया है। हालांकि एस्सेल समूह पर संकट आईएल एंड एफएस के दिवालियापन के बाद के प्रभावों में से एक है। वहीं वित्तीय विशेषज्ञ भविष्यवाणी कर रहे हैं कि इस तरह के और मामले सामने आने अभी बाकी हैं।

एस्सेल समूह की चूक ने इसके अध्यक्ष सुभाष चंद्रा को बेहतर स्थिति वाले ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज का आधा शेयर बेचने को मजबूर कर दिया है। चंद्रा का ज़ी में 41 प्रतिशत शेयरों पर नियंत्रण है। उन्होंने हाल ही में स्वीकार किया था कि बुनियादी ढांचा उद्योगों में ओवर लीवरेज बेट से एस्सेल समूह पर दबाव बढ़ गया जो उन्हें "अपने मुकुट का ताज बेचने" के लिए मजबूर कर रहा। 25 जनवरी को एक खुले पत्र में चंद्रा ने कहा कि "आईएल एंड एफएस संकट के चलते क़र्ज़ मिलना बंद हो गया जिससे क़र्ज़ चुकाने की हमारी क्षमता कम हो गई।"

ब्लूमबर्गक्विंट ने एस्सेल समूह के ऋण भार का अनुमान 31 मार्च 2017 तक 87 ऑपरेटिंग कंपनियों में 17,000 करोड़ रुपये लगाया है।

आईएल एंड एफएस का संकट सामने आने के बाद अरबपतियों की एक प्रमुख रणनीति अब उन्हें विफल कर रही है क्योंकि फंड हाउसों ने पुनर्वित्त की स्थिति को सख्त कर दिया है। अरबपतियों की इस रणनीति ने उन्हें भारत के बाजारों में अपने व्यवसायों को बढ़ावा देने के लिए काफी ऋण लेने में मदद की थी। उनकी रणनीति बुनियादी ढांचा परियोजनाओं जैसे दीर्घकालिक परिसंपत्तियों के लिए अल्पकालिक धन लेना था साथ ही धन का प्रबंधन करना। उदाहरण के लिए सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज का संकट उल्लेखनीय है। जैसा कि विशेषज्ञ तर्क देते हैं सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज का संकट इसके संस्थापक दिलीप शांघवी के "अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स तथा विंडमिल" जैसी परियोजनाओं के लिए ओवर लिवरेजिंग के कारण हुआ था।

ज़ी की बिक्री

एस्सेल समूह के प्रमोटरों ने हाल ही में घोषणा की है कि ये समूह ऋणदाताओं के कर्ज चुकाने के लिए "एक सहमति पर पहुंच गए" हैं क्योंकि इसके मालिक ज़ी का शेयर बेचने के लिए तैयार हैं।

जैसा कि भारत के पारंपरिक टेलीविजन बाज़ार में ज़ी प्रमुख कंपनी है और इसका डिजिटल ऐप ज़ी5 तेज़ी से पकड़ बना रहा है। ऐसे में कई कॉर्पोरेट दिग्गज इसकी बोली लगाने में अपनी रुचि दिखा रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक अमेज़न, ऐप्पल, टेनसेंट होल्डिंग्स, एटी एंड टी, सिंगापुर टेलीकॉम, कॉमकास्ट कॉर्प, सोनी पिक्चर्स एंटरटेनमेंट और मुकेश अंबानी की रिलायंस जियो इन्फोकॉम, ज़ी में 24 फीसदी की हिस्सेदारी पर नज़र जमाए हुए है जिसको चंद्रा ने बेचने के लिए सोचा है।

अन्य 40 प्रतिशत की हिस्सेदारी विदेशी निवेशकों की है। विदेशी निवेशकों में ओपेनहाइमर डिवेलपिंग मार्केट्स फंड, वैनगार्ड इंटरनेशनल ग्रोथ फंड, वर्टस वोंटोबेल इमर्जिंग मार्केट्स अपॉर्चूनिटी फंड, सिंगापुर और कुवैत सरकार इनवेस्टमेंट अथॉरिटी शामिल हैं।

भारत में डिजिटल वीडियो की मांग को देखते हुए विशेषज्ञों का कहना है कि हॉटस्टार, नेटफ्लिक्स और अमेज़ॅन प्राइम वीडियो को यह ख़रीदने का अच्छा मौका है। ज्ञात हो कि ज़ी का उद्यम मूल्य 3,400 करोड़ रुपये (4.8 बिलियन डॉलर) से अधिक है और लगभग 35% एबिटडा मार्जिन (Ebitda margins) है। 

IL&FS
Zee
Zee5
Zee Sale
Subhash Chandra
Essel Group
Short Term Borrowings
Sun Pharmaceutical Industries
Reliance Jio Infocomm
Netflix
Amazon

Related Stories

राज्यसभा सांसद बनने के लिए मीडिया टाइकून बन रहे हैं मोहरा!

जारी रहेगी पारंपरिक खुदरा की कीमत पर ई-कॉमर्स की विस्फोटक वृद्धि

फ़ेसबुक पर 23 अज्ञात विज्ञापनदाताओं ने बीजेपी को प्रोत्साहित करने के लिए जमा किये 5 करोड़ रुपये

मोदी का मेक-इन-इंडिया बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा श्रमिकों के शोषण का दूसरा नाम

गिग वर्कर्स के क़ानूनी सशक्तिकरण का वक़्त आ गया है

रश्मि रॉकेट : महिला खिलाड़ियों के साथ होने वाले अपमानजनक जेंडर टेस्ट का खुलासा

इससे पहले बड़ी टेक कंपनियां क़ाबू से बाहर हो जाएं, उन पर लगाम कसने की ज़रूरत!

स्केटर गर्ल : दलित लड़की की अपने सपनों को पूरा करने की कहानी

मास्टरस्ट्रोक: 56 खाली पन्नों की 1200 शब्दों में समीक्षा 

गिग वर्करों पर कैसा रहा लॉकडाउन का प्रभाव?


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 975 नए मामले, 4 मरीज़ों की मौत  
    16 Apr 2022
    देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामलो ने चिंता बढ़ा दी है | दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि सरकार कोरोना पर अपनी नजर बनाए रखे हुए हैं, घबराने की जरूरत नहीं। 
  • सतीश भारतीय
    मध्यप्रदेश: सागर से रोज हजारों मरीज इलाज के लिए दूसरे शहर जाने को है मजबूर! 
    16 Apr 2022
    सागर के बुन्देलखण्ड मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशियलिटी की सुविधा नहीं है। जिससे जिले की आवाम बीमारियों के इलाज के लिए नागपुर, भोपाल और जबलपुर जैसे शहरों को जाने के लिए बेबस है। 
  • शारिब अहमद खान
    क्या यमन में युद्ध खत्म होने वाला है?
    16 Apr 2022
    यमन में अप्रैल माह में दो अहम राजनीतिक उथल-पुथल देखने को मिला, पहला युद्धविराम की घोषणा और दूसरा राष्ट्रपति आबेद रब्बू मंसूर हादी का सत्ता से हटना। यह राजनीतिक बदलाव क्या यमन के लिए शांति लेकर आएगा ?
  • ओमैर अहमद
    मंडल राजनीति को मृत घोषित करने से पहले, सीएए विरोध प्रदर्शनों के दौरान अंबेडकर की तस्वीरों को याद करें 
    15 Apr 2022
    ‘मंदिर’ की राजनीति ‘जाति’ की राजनीति का ही एक दूसरा स्वरूप है, इसलिए उत्तर प्रदेश के चुनाव ने मंडल की राजनीति को समाप्त नहीं कर दिया है, बल्कि ईमानदारी से इसके पुनर्मूल्यांकन की ज़रूरत को एक बार फिर…
  • सोनिया यादव
    बीएचयू: लाइब्रेरी के लिए छात्राओं का संघर्ष तेज़, ‘कर्फ्यू टाइमिंग’ हटाने की मांग
    15 Apr 2022
    बीएचयू में एक बार फिर छात्राओं ने अपने हक़ के लिए की आवाज़ बुलंद की है। लाइब्रेरी इस्तेमाल के लिए छात्राएं हस्ताक्षर अभियान के साथ ही प्रदर्शन कर प्रशासन पर लड़कियों को शिक्षा से वंचित रखने का आरोप…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License