NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
जल्दबाजी में जीएसटी लागू करने की जिद से विपक्ष खफा, कपड़ा कारोबारी भी हड़ताल पर
जीएसटी लाने की मोदी सरकार की जल्दबाजी और विपक्षी दलों की ओर से इसके लांचिंग कार्यक्रम के बहिष्कार की आशंका ने अजीब हालात पैदा कर दिए हैं।
सबरंग इंडिया
03 Jul 2017
जल्दबाजी में जीएसटी लागू करने की जिद से विपक्ष खफा, कपड़ा कारोबारी भी हड़ताल पर

जीएसटी लाने की मोदी सरकार की जल्दबाजी और विपक्षी दलों की ओर से इसके लांचिंग कार्यक्रम के बहिष्कार की आशंका ने अजीब हालात पैदा कर दिए हैं। देश में जीएसटी के खिलाफ कई जगह हड़ताल हो रही है और आगे भी कारोबारियों की ओर से इसके विरोध की संभावना बनी हुई है।

तृणमूल कांग्रेस ने जीएसटी कार्यक्रम की लांचिंग के बहिष्कार का ऐलान कर दिया है। कांग्रेस ने लांचिंग कार्यक्रम के लिए कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखाई है। कांग्रेस इसमें शामिल होगी, कहना मुश्किल है। उसने बुधवार की रात अपने कुछ वरिष्ठ नेताओं से सलाह-मशविरा किया। इसे लेकर वह बाकी विपक्षी दलों से भी बातचीत कर लेना चाहती है। वैसे ममता बनर्जी की ओर से बहिष्कार की घोषणा के बाद कांग्रेस पर भी विरोध का दबाव बढ़ गया है। वामपंथी दलों ने सरकार से पूछा है कि जीएसटी लागू करने के लिए उसने क्या तैयारियां की हैं। उनका कहना था कि सभी पक्ष आंदोलन कर रहे हैं। जब लोग परेशान हो रहे हों तो आप इसे एक मनोरंजन का कार्यक्रम नहीं बना सकते।

कांग्रेस ने कहा कि राष्ट्रपति की मौजूदगी में प्रधानमंत्री का जीएसटी को लागू करना कतई सही नहीं है। सरकार परंपराओं को निर्वाह भले न करे लेकिन हम अनुरोध करते हैं कि वरिष्ठता का ख्याल रखा जाए। याद रहे कि जीएसटी जैसे सुधारों के सूत्रधार राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी रहे हैं। उन्हीं के वित्त मंत्री रहते इस बिल को आगे बढ़ाया गया था। लेकिन उनकी मौजूदगी में पीएम मोदी से जीएसटी लांच कराना ठीक नहीं लगता।

इधर, फैब्रिक पर पांच फीसदी जीएसटी का विरोध कर रहे व्यापारियों ने दूसरे दिन भी हड़ताल जारी रखी। इस वजह से दिल्ली, कानपुर, आगरा, फिरोजाबाद, झांसी, कोलकाता, इरोड, सूरत, अहमदाबाद, भावनगर और राजकोट में भी दुकानें बंद रहीं। दरअसल कपड़ा व्यापारियों ने तीन दिन की हड़ताल का आह्वान किया था। व्यापारियों का कहना था कि जीएसटी काउंसिल बैठक में अगर उनकी समस्याएं नहीं सुलझेंगी तो वे हड़ताल आगे भी जारी रख सकते हैं। जीएसटी लागू करने की मुकम्मल तैयारी न होने और इससे जुड़ी दिक्कतों के सामने आने के बाद एक बार फिर कारोबारी वर्ग में इसका विरोध बढ़ सकता है। विपक्षी दल बार-बार कह रहे हैं सरकार अधूरी तैयारियों के साथ जीएसटी लागू करना चाहती है। खुद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि जीएसटी लागू करने में दिक्कतें आएंगी। जाहिर है आने वाले दिनों में जीएसटी को लेकर विरोध भी बढ़ेगा और कारोबारी समेत आम लोगों को दिक्कतें आएंगी। लेकिन सरकार जिद में इसे 1 जुलाई से लागू करने पर अड़ी हुई है। 

Courtesy: सबरंग इंडिया
भाजपा
जीएसटी
अरुण जेटली

बाकी खबरें

  • Ukraine
    स्टुअर्ट ब्राउन
    यूक्रेन: एक परमाणु संपन्न राज्य में युद्ध के खतरे
    03 Mar 2022
    यूक्रेन के ऊपर रूस के आक्रमण से परमाणु युद्ध का खतरा वास्तविक बन गया है। लेकिन क्या होगा यदि देश के 15 परमाणु उर्जा रिएक्टरों में से एक भी यदि गोलीबारी की चपेट में आ जाए?
  • banaras
    विजय विनीत
    यूपी का रणः मोदी के खिलाफ बगावत पर उतरे बनारस के अधिवक्ता, किसानों ने भी खोल दिया मोर्चा
    03 Mar 2022
    बनारस में ऐन चुनाव के वक्त पर मोदी के खिलाफ आंदोलन खड़ा होना भाजपा के लिए शुभ संकेत नहीं है। इसके तात्कालिक और दीर्घकालिक नतीजे देखने को मिल सकते हैं। तात्कालिक तो यह कि भाजपा के खिलाफ मतदान को बल…
  • Varanasi District
    तारिक़ अनवर
    यूपी चुनाव : बनारस की मशहूर और अनोखी पीतल पिचकारी का कारोबार पड़ रहा है फीका
    03 Mar 2022
    बढ़ती लागत और कारीगरों की घटती संख्या के कारण पिचकारी बनाने की पारंपरिक कला मर रही है, जिसके चलते यह छोटा उद्योग ज़िंदा रहने के लिए संघर्ष रहा है।
  • migrants
    एपी
    एक सप्ताह में 10 लाख लोगों ने किया यूक्रेन से पलायन: संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी
    03 Mar 2022
    संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायोग (यूएनएचसीआर) के आंकड़ों के अनुसार, पलायन करने वाले लोगों की संख्या यूक्रेन की आबादी के दो प्रतिशत से अधिक है। विश्व बैंक के अनुसार 2020 के अंत में यूक्रेन की आबादी…
  • medical student
    एम.ओबैद
    सीटों की कमी और मोटी फीस के कारण मेडिकल की पढ़ाई के लिए विदेश जाते हैं छात्र !
    03 Mar 2022
    विशेषज्ञों की मानें तो विदेशों में मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए जाने की दो मुख्य वजहें हैं। पहली वजह है यहां के सरकारी और प्राइवेट कॉलेजों में सीटों की संख्या में कमी और दूसरी वजह है प्राइवेट कॉलेजों…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License