NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लिए जीओएम का गठन
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख, केंद्रशासित प्रदेशों के रूप में 31 अक्टूबर को अस्तित्व में आएंगे। सूत्रों ने कहा कि मंत्री समूह दोनों केंद्रशासित प्रदेशों में उठाए जाने वाले विभिन्न विकास, आर्थिक और सामाजिक कदमों के बारे में सुझाव देगा।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
28 Aug 2019
जम्मू-कश्मीर

केंद्र सरकार ने दो केंद्रशासित प्रदेशों-जम्मू कश्मीर और लद्दाख में विकास, सामाजिक और आर्थिक मुद्दों को देखने के लिए बुधवार को एक मंत्री समूह (जीओएम) का गठन किया।

जम्मू कश्मीर और लद्दाख, केंद्रशासित प्रदेशों के रूप में 31 अक्टूबर को अस्तित्व में आएंगे।

केंद्र ने गत पांच अगस्त को जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को खत्म कर राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों-जम्मू कश्मीर और लद्दाख में बांटने का फैसला किया था।

सरकार के सूत्रों ने बताया कि कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, प्रधानमंत्री कार्यालय में मंत्री जितेंद्र सिंह और पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस समूह में शामिल हैं।

समूह जम्मू कश्मीर से संबंधित मुद्दों को देखेगा।

सूत्रों ने कहा कि मंत्री समूह दोनों केंद्रशासित प्रदेशों में उठाए जाने वाले विभिन्न विकास, आर्थिक और सामाजिक कदमों के बारे में सुझाव देगा।

जम्मू कश्मीर पुनर्गठन कानून 2019 के तहत दो केंद्रशासित प्रदेश-जम्मू कश्मीर और लद्दाख31 अक्टूबर को अस्तित्व में आएंगे। संसद ने इस महीने कानून को मंजूरी दी थी।

सूत्रों ने बताया कि जीओएम की पहली बैठक सितंबर के पहले सप्ताह में होगी।

जम्मू कश्मीर को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटने और वहां जल्द से जल्द स्थिति को सामान्य बनाने के तौर-तरीकों पर चर्चा करने के लिए गत मंगलवार को कम से कम 15 केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के सचिवों ने बैठक की थी।

गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि बैठक में स्थिति को जल्द से जल्द सामान्य बनाने के लिए जम्मू कश्मीर में केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन और शुरू की जाने वाली पहलों का आकलन किया गया।

अधिकारी ने कहा कि मंगलवार की बैठक में दोनों प्रदेशों में संपत्ति और श्रमशक्ति के बंटवारे और विकास कार्यक्रमों को लेकर प्रमुखता से चर्चा की गई।

उन्होंने बताया कि दोनों प्रदेशों, खासकर लद्दाख क्षेत्र में आवश्यक वस्तुओं के भंडारण के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर भी चर्चा की गई।

कश्मीर घाटी में हाई स्कूल खुले, छात्र नदारद

उधर, कश्मीर घाटी के उन क्षेत्रों में बुधवार को हाई स्कूल खोल दिए गए जहां पर प्रतिबंधों में ढील दी गई है। बहरहाल, छात्र नदारद रहे।

जम्मू्-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने के फैसले के बाद से लागू प्रतिबंधों की वजह से घाटी के हाई स्कूल तीन हफ्ते से ज्यादा समय से बंद थे।

अधिकारियों ने बताया कि आज सबुह हाई स्कूल खोल दिए गए। बहरहाल इन स्कूलों में कर्मचारियों की सीमित उपस्थिति देखी गई।

घाटी के 81 थाना क्षेत्रों से लोगों के आवाजाही पर लगी रोक भी हटाने का दावा किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि घाटी में संचार पर रोक में कुछ हद तक ढील गई है। सुधरते हालात के मद्देनजर अधिकतर इलाकों में लैंडलाइन फोन सेवा बहाल कर दी गई है।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

Kashmir Crisis
Article 370
GOM
Supreme Court
violence in kashmir
Kashmir
Jammu and Kashmir
Indian govt
BJP
narendra modi on kashmir

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

कश्मीर में हिंसा का नया दौर, शासकीय नीति की विफलता

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट


बाकी खबरें

  • आजम खान की रिहाई के लिए एएमयू में मार्च
    भाषा
    आज़म ख़ान की रिहाई के लिए एएमयू में मार्च
    27 Jul 2021
    उत्तर प्रदेश के रामपुर से लोकसभा सदस्य और प्रदेश के पूर्व मंत्री आजम खान को जमानत नहीं दिए जाने के विरोध में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में मार्च निकाला।
  • असम-मिजोरम सीमा विवाद
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
    असम-मिज़ोरम सीमा विवाद: असम के पांच पुलिसकर्मियों की मौत, विपक्ष उठा रहा है गंभीर सवाल
    27 Jul 2021
    असम पुलिस के कम से कम पांच जवानों की मौत हो गई और एक पुलिस अधीक्षक समेत 60 अन्य घायल हो गए। दोनों पक्षों ने हिंसा के लिए एक-दूसरे की पुलिस को जिम्मेदार ठहराया और केंद्र के हस्तक्षेप की मांग की। इन…
  • टोक्यो ओलिम्पिक में सूर्य नमस्कार किया गया? नहीं, ये पुराना वीडियो है
    अर्चित मेहता
    टोक्यो ओलिम्पिक में सूर्य नमस्कार किया गया? नहीं, ये पुराना वीडियो है
    27 Jul 2021
    ये वीडियो 2015 में मंगोलिया में आयोजित हुए योग कार्यक्रम का है. ये कार्यक्रम ‘आर्ट ऑफ़ लिविंग’ ने आयोजित किया था. इस योग समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उपस्थित थे. प्रधानमंत्री मोदी के…
  • दिल्ली:चंद घंटे की बारिश में कई जगह जलजमाव,सरकारी दावों की खुली पोल
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    दिल्ली: चंद घंटे की बारिश में कई जगह जलजमाव,सरकारी दावों की खुली पोल
    27 Jul 2021
    राष्ट्रीय राजधानी में मंगलवार सुबह भारी बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में जलजमाव हो गया। बारिश के कारण सड़कों पर पानी भरने से यातायात भी प्रभावित हुआ।  
  • बिहार: कोविड-19 के ख़िलाफ़ लड़ाई में आड़े आते लोगों का डर और वैक्सीन का अभाव
    सौरव कुमार
    बिहार: कोविड-19 के ख़िलाफ़ लड़ाई में आड़े आते लोगों का डर और वैक्सीन का अभाव
    27 Jul 2021
    जहां बिहार के ग्रामीण इलाक़ों में टीके को लेकर अफ़वाहों और अंधविश्वासों के कारण टीकाकरण दर बेहद मामूली रही है और टीकों की बर्बादी हुई है, वहीं पटना सहित बिहार के शहरी क्षेत्रों में वैक्सीन की कमी ने…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License