NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
जम्मू-कश्मीर : हड़ताल पर गए ट्रांसपोर्टरों ने यात्री किराया बढ़ाने की मांग की
ऑल जम्मू-कश्मीर ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष टीएस वजीर के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी शहर के जनरल बस स्टैंड के सामने मुख्य सड़क पर जमा हुए और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की और सड़क पर टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया।
भाषा
28 Apr 2021
जम्मू-कश्मीर : हड़ताल पर गए ट्रांसपोर्टरों ने यात्री किराया बढ़ाने की मांग की
image courtesy ; tribuneindia.com

कोविड-19 महामारी के चलते सार्वजनिक परिवहनों को 50 प्रतिशत क्षमता के साथ चलाने के जम्मू-कश्मीर प्रशासन के आदेश के खिलाफ हड़ताल पर गए दर्जनों ट्रांसपोर्टरों ने बुधवार को यहां प्रदर्शन किया और ‘आर्थिक संकट’ से गुजर रहे इस क्षेत्र को बचाने के लिए यात्री किराए में वृद्धि करने की मांग की।


ऑल जम्मू-कश्मीर ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष टीएस वजीर के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी शहर के जनरल बस स्टैंड के सामने मुख्य सड़क पर जमा हुए और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की और सड़क पर टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया।

उल्लेखनीय है कि प्रशासन द्वारा सार्वजनिक परिवहनों में सीट क्षमता के 50 प्रतिशत यात्रियों को ही ले जाने के आदेश से नाराज निजी ट्रांसपोर्टर 21 अप्रैल से ही अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं।

उनका कहना है कि वे ईंधन के दाम में बेतहाशा वृद्धि और महामारी से पहले ही वे घाटे का सामना कर रहे हैं और ऐसे में 50 प्रतिशत क्षमता से वाहनों को चलाना उनके लिए व्यावहारिक नहीं है।

वजीर ने कहा, ‘‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि केंद्र शासित प्रदेश का प्रशासन निरंकुश की तरह व्यवहार कर रहा है। हड़ताल के तीसरे दिन हमने परिवहन आयुक्त से मुलाकात की थी और सरकार को अपने प्रस्ताव पेश किए थे लेकिन अबतक कोई फैसला नहीं हुआ है।’’

 


बाकी खबरें

  • नीलांजन मुखोपाध्याय
    यूपी: योगी 2.0 में उच्च-जाति के मंत्रियों का दबदबा, दलितों-पिछड़ों और महिलाओं की जगह ख़ानापूर्ति..
    02 Apr 2022
    52 मंत्रियों में से 21 सवर्ण मंत्री हैं, जिनमें से 13 ब्राह्मण या राजपूत हैं।
  • अजय तोमर
    कर्नाटक: मलूर में दो-तरफा पलायन बन रही है मज़दूरों की बेबसी की वजह
    02 Apr 2022
    भारी संख्या में दिहाड़ी मज़दूरों का पलायन देश भर में श्रम के अवसरों की स्थिति को दर्शाता है।
  • प्रेम कुमार
    सीबीआई पर खड़े होते सवालों के लिए कौन ज़िम्मेदार? कैसे बचेगी CBI की साख? 
    02 Apr 2022
    सवाल यह है कि क्या खुद सीबीआई अपनी साख बचा सकती है? क्या सीबीआई की गिरती साख के लिए केवल सीबीआई ही जिम्मेदार है? संवैधानिक संस्था का कवच नहीं होने की वजह से सीबीआई काम नहीं कर पाती।
  • पीपल्स डिस्पैच
    लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया
    02 Apr 2022
    इज़रायल के क़ब्ज़े वाले क्षेत्रों में और विदेशों में रिफ़्यूजियों की तरह रहने वाले फ़िलिस्तीनी लोग लैंड डे मनाते हैं। यह दिन इज़रायली क़ब्ज़े के ख़िलाफ़ साझे संघर्ष और वापसी के अधिकार की ओर प्रतिबद्धता का…
  • मोहम्मद सज्जाद, मोहम्मद ज़ीशान अहमद
    भारत को अपने पहले मुस्लिम न्यायविद को क्यों याद करना चाहिए 
    02 Apr 2022
    औपनिवेशिक काल में एक उच्च न्यायालय के पहले मुस्लिम न्यायाधीश, सैयद महमूद का पेशेवराना सलूक आज की भारतीय न्यायपालिका में गिरते मानकों के लिए एक काउंटरपॉइंट देता है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License