NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
जम्मू-कश्मीर से लद्दाख को अलग करने का फ़ैसला ‘शर्मनाक’ : माकपा
केंद्र सरकार ने पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को खत्म करने की घोषणा की थी, जो राज्य को संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत मिला था।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
30 Oct 2019
माकपा

माकपा ने केंद्र सरकार द्वारा 31 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर से लद्दाख को औपचारिक रूप से अलग घोषित किए जाने के फ़ैसले को "शर्मनाक" बताया है और कहा है कि राज्य का विभाजन यहां के लोगों की राय जाने बिना कर दिया गया।

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के पोलित ब्यूरो ने बुधवार को जारी एक बयान में कहा, "माकपा अनुच्छेद 370 को खत्म करने के साथ ही जम्मू-कश्मीर राज्य के विभाजन और उसके दर्जे को घटाने का पुरजोर विरोध करती है।"

बयान में कहा गया, "ये भारतीय लोकतंत्र के लिए एक शर्मनाक दिन है कि राज्य के लोगों या उसकी विधानसभा से राय लिए बिना एक राज्य को विभाजित किया गया और उससे पूर्ण राज्य का दर्जा छीना गया।"

केंद्र सरकार ने पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को खत्म करने की घोषणा की थी, जो राज्य को संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत मिला था।

इस संबंध में संसद द्वारा पारित और राष्ट्रपति की मंजूरी प्राप्त एक विधेयक के मुताबिक 31 अक्टूबर से जम्मू-कश्मीर का दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विभाजन हो जाएगा।

बयान में कहा गया, "यह संविधान के अनुच्छेद तीन का खुला उल्लंघन है और देश के संघीय ढांचे सहित संवैधानिक मूल्यों को मानने वाले लोगों के लिए इस दिन खुशी मनाने जैसा कुछ नहीं है।"

आपको बता दें कि इससे पहले जब यूरोपीय संघ के प्रतिनिधिमंडल को कश्मीर दौरे पर बुलाया गया था तब भी माकपा अध्यक्ष सीताराम येचूरी ने ट्वीट कर सरकार के इस क़दम की निंदा की थी।

 

It is an affront to the Indian Parliament and its sovereignty, that while Indian MPs and political leadership are denied the freedom of visit the valley, those in the state not allowed to even step out of their homes, reportedly some “private visit” by foreign MPs is facilitated. pic.twitter.com/GRNZewQflz

— Sitaram Yechury (@SitaramYechury) October 29, 2019

(भाषा से इनपुट के साथ)

CPIM
kashmir reorganization
cpim polit bureau
jammu-kashmir
laddakh

Related Stories

त्रिपुरा: सीपीआई(एम) उपचुनाव की तैयारियों में लगी, भाजपा को विश्वास सीएम बदलने से नहीं होगा नुकसान

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

श्रृंगार गौरी के दर्शन-पूजन मामले को सुनियोजित रूप से ज्ञानवापी मस्जिद-मंदिर के विवाद में बदला गयाः सीपीएम

झारखंड : हेमंत सरकार को गिराने की कोशिशों के ख़िलाफ़ वाम दलों ने BJP को दी चेतावनी

मुंडका अग्निकांड: लापता लोगों के परिजन अनिश्चतता से व्याकुल, अपनों की तलाश में भटक रहे हैं दर-बदर

शाहीन बाग़ : देखने हम भी गए थे प तमाशा न हुआ!

शाहीन बाग़ ग्राउंड रिपोर्ट : जनता के पुरज़ोर विरोध के आगे झुकी एमसीडी, नहीं कर पाई 'बुलडोज़र हमला'

LIC के कर्मचारी 4 मई को एलआईसी-आईपीओ के ख़िलाफ़ करेंगे विरोध प्रदर्शन, बंद रखेंगे 2 घंटे काम

जम्मू-कश्मीर: अधिकारियों ने जामिया मस्जिद में महत्वपूर्ण रमज़ान की नमाज़ को रोक दिया

कोलकाता : वामपंथी दलों ने जहांगीरपुरी में बुलडोज़र चलने और बढ़ती सांप्रदायिकता के ख़िलाफ़ निकाला मार्च


बाकी खबरें

  • रौनक छाबड़ा
    महानगरों में बढ़ती ईंधन की क़ीमतों के ख़िलाफ़ ऑटो और कैब चालक दूसरे दिन भी हड़ताल पर
    19 Apr 2022
    व्यावसायिक चालकों ने पेट्रोल, डीज़ल और सीएनजी की बढ़ती क़ीमतों के विरोध में अपनी वाहन सेवा को लंबित रखा।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    करौली हिंसा पर फैक्ट फाइंडिंग:  संघ-भाजपा पर सुनियोजित ढंग से हिंसा भड़काने का आरोप
    19 Apr 2022
    सीपीएम ने जारी की फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट। रिपोर्ट के मुताबिक राजस्थान के करौली में 2 अप्रैल को जो साम्प्रदायिक दंगे की घटना हुई वह पूरी तरह से प्रायोजित और सुनियोजित थी।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बलिया: पत्रकारों की रिहाई के लिए आंदोलन तेज़, कलेक्ट्रेट घेरने आज़मगढ़-बनारस तक से पहुंचे पत्रकार व समाजसेवी
    19 Apr 2022
    मंगलवार को बलिया के अलावा आज़मगढ़, मऊ, ग़ाज़ीपुर और बनारस से बड़ी संख्या में पत्रकार व समाजसेवी कलेक्ट्रेट पहुंचे और डीएम व एसपी के दफ्तरों का घेराव किया। पत्रकारों का भारी हुजूम जुटने की वजह से…
  • विजय विनीत
    बनारस: ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में वीडियोग्राफी पर रोक, फ़िलहाल नहीं जाएगा कमीशन
    19 Apr 2022
    ‘श्रृंगार गौरी में रोजाना दर्शन पूजन को परंपरा का हिस्सा कतई न बनाया जाए। सिर्फ चैत्र नवरात्रि के दिन ही वहां दर्शन-पूजन की मान्यता है। ज्ञानवापी मस्जिद की बैरिकेडिंग में सिर्फ मसुलमान या…
  • आज का कार्टून
    8 साल की उपलब्धि : ...और नहीं बस और नहीं !
    19 Apr 2022
    अगर एक आम आदमी से मोदी सरकार की आठ साल की उपलब्धियां पूछी जाएं, तो वह क्या जवाब देगा? हम कुछ नहीं कहेंगे, आप ख़ुद सोचिए। सोचिए कि अगर वह आम आदमी आप हैं और आप एक अंधभक्त नहीं हैं तो ईमानदारी से आपका…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License