NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
जम्मू कश्मीर प्रशासन ने पंजीकरण के लिए अलग विभाग बनाये जाने का बचाव किया
जम्मू कश्मीर उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन के जम्मू चैप्टर ने इस फैसले और उच्च न्यायालय जम्मू को उसके मौजूदा स्थान से जम्मू के बाहरी क्षेत्र जनीपुर में स्थानांतरित किये जाने के प्रस्तावित कदम के खिलाफ हड़ताल का आह्वान किया है।
भाषा
05 Nov 2019
jammu and kashmir
Image Courtesy: jkbarassociation

जम्मू कश्मीर प्रशासन ने पंजीकरण के लिए एक अलग विभाग बनाये जाने संबंधी फैसले का मंगलवार को बचाव किया।

इस फैसले के तहत विभिन्न दस्तावेजों को पंजीकृत करने के लिए अदालतों से उनकी शक्तियों को वापस ले लिया गया है। इस फैसले के खिलाफ जम्मू क्षेत्र के ज्यादातर स्थानों पर वकीलों की अनिश्चितकालीन हड़ताल पांचवे दिन भी जारी रही।

जम्मू कश्मीर उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन के जम्मू चैप्टर ने इस फैसले और उच्च न्यायालय जम्मू को उसके मौजूदा स्थान से जम्मू के बाहरी क्षेत्र जनीपुर में स्थानांतरित किये जाने के प्रस्तावित कदम के खिलाफ हड़ताल का आह्वान किया है।

हड़ताल के कारण उच्च न्यायालय और अधीनस्थ अदालतों में मंगलवार को पांचवें दिन भी कामकाज प्रभावित रहा।

तत्कालीन राज्यपाल सत्यपाल मलिक की अध्यक्षता में राज्य प्रशासनिक परिषद (एसएसी) ने गत 23 अक्टूबर को एक नये विभाग का सृजन किये जाने को मंजूरी दी थी।

यह विभाग राजस्व विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण में अपना कामकाज करेगा। यह विभाग बिक्री, उपहार, पट्टे और वसीयत जैसी अचल संपत्तियों से संबंधित दस्तावेजों के पंजीकरण की परेशानी रहित और तीव्र सेवा नागरिकों को उपलब्ध करायेगा।

Jammu and Kashmir
Bar association
Jammu and Kashmir administration
separate departments for registration

Related Stories

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

कश्मीर में हिंसा का नया दौर, शासकीय नीति की विफलता

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

कश्मीरी पंडितों के लिए पीएम जॉब पैकेज में कोई सुरक्षित आवास, पदोन्नति नहीं 

यासीन मलिक को उम्रक़ैद : कश्मीरियों का अलगाव और बढ़ेगा

आतंकवाद के वित्तपोषण मामले में कश्मीर के अलगाववादी नेता यासीन मलिक को उम्रक़ैद

जम्मू में आप ने मचाई हलचल, लेकिन कश्मीर उसके लिए अब भी चुनौती

जम्मू-कश्मीर परिसीमन से नाराज़गी, प्रशांत की राजनीतिक आकांक्षा, चंदौली मे दमन


बाकी खबरें

  • daily
    न्यूज़क्लिक टीम
    एसकेएम का सरकार को अल्टीमेटम, कोरोना अपडेट और अन्य ख़बरें
    07 Oct 2021
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हमारी नज़र संयुक्त किसान मोर्चा ने सरकार को दिया अल्टीमेटम और अन्य ख़बरों पर।
  • Supreme Court Asks: Why no Arrest in Lakhimpur Killings?
    न्यूज़क्लिक टीम
    सुप्रीम कोर्ट की सख्ती: लखीमपुर में गिरफ्तारी क्यों नहीं ?
    07 Oct 2021
    बोल के लब आज़ाद हैं तेरे के इस कार्यक्रम में अभिसार शर्मा लखीमपुर मामले पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बारे में बात कर रहे हैं, और बात कर रहे हैं कि किस तरह बीजेपी के प्रवक्ता लगतार किसानों को टारगेट कर…
  • Tribal Settlement Near Tamil Nadu Temple Uprooted
    श्रुति एमडी
    तमिलनाडु: उजाड़ दी गईं मंदिर से सटी आदिवासी बस्तियां 
    07 Oct 2021
    11 इरुलर आदिवासी परिवारों ने आरोप लगाया है कि यह जगह उन्हें स्थायी रिहाइश के लिए जमीन के पट्टे दिए जाने तक रहने के लिए दी गई थी।
  • SC
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    लखीमपुर नरसंहार: न्यायालय ने उप्र सरकार से पूछा क्या आरोपी गिरफ़्तार किए गए हैं?
    07 Oct 2021
    प्रधान न्यायाधीश एन वी रमणा, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से पेश हुए वकील को इस बारे में स्थिति रिपोर्ट में जानकारी देने का निर्देश दिया।
  • delhi violence
    सबरंग इंडिया
    दिल्ली हिंसा मामले में पुलिस की जांच की आलोचना करने वाले जज का ट्रांसफर
    07 Oct 2021
    अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विनोद यादव ने पिछले कुछ महीनों में दिल्ली पुलिस के कई अधिकारियों को फटकार लगाई थी, और कुछ मामलों में पुलिस गवाहों की विश्वसनीयता पर संदेह करते हुए जमानत भी दे दी थी।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License