NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
समाज
भारत
राजनीति
जंतर-मंतर से चंद्रशेखर का मोदी सरकार के खिलाफ ‘ऐलान-ए-जंग’
तमाम आशंकाओं के बीच शुक्रवार को जंतर-मंतर पर बहुजन हुंकार रैली हुई जिसमें चंद्रशेखर ने कहा "ये मनुवादी व्यवस्था 4 'अ' के बल पर चलती है: असामानता, असत्य, अन्याय और अपमान। हमें इस व्यवस्था को ख़त्म करना है और लाल क़िले पर नीला झंडा फहराना है।"
सत्यम् तिवारी
15 Mar 2019
जंतर-मंतर से चंद्रशेखर का मोदी सरकार के खिलाफ ‘ऐलान-ए-जंग’
भीम आर्मी संस्थापक चंद्रशेखर हुंकार रैली को संबोधित करते हुए

दलित अधिकारों के सवाल पर आज 15 मार्च को भीम आर्मी की बहुजन हुंकार रैली आख़िरकार जंतर मंतर पर पहुँची। ये रैली जो 11 मार्च को सहारनपुर से शुरू हुई थी, उस दौरान कई घटनाएँ हुई थीं, जिसकी वजह से आज जंतर मंतर पर होने वाले आयोजन को लेकर शंका पैदा हो रही थी। 

बता दें कि भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर को 12 मार्च को देवबंद में पुलिस द्वारा रोक लिया गया था, और गिरफ़्तार कर लिया गया था। जिसके बाद उनकी तबीयत ख़राब हुई और उन्हें मेरठ में अस्पताल में भर्ती किया गया। उसके बाद पुलिस ने चंद्रशेखर, छात्र संगठन आइसा अध्यक्षा सुचेता डे, आइसा उपाध्यक्ष फ़रहान सहित कई लोगों के नाम FIR दर्ज कर ली थी। जिसके बाद आज 15 मार्च की रैली में उनके आने पर शंका ज़ाहिर की जा रही थी। लेकिन आज रैली हुई और चंद्रशेखर वहाँ मौजूद थे। 

11 मार्च से भीम आर्मी द्वारा शुरू की गई इस रैली में देश भर से भीम आर्मी के कार्यकर्ता आज जंतर मंतर पर जमा थे। भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर के लिए उनके समर्थकों का उत्साह देखने लायक था। दलितों के अधिकारों के सवाल पर, और पिछले 5 सालों पर दलितों पर हुए अत्याचार के विरोध में सारे देश से तमाम दलित संगठन इस रैली में हिस्सा लेने आए थे। इसके अलावा आइसा अध्यक्षा सुचेता डे, उपाध्यक्ष फ़रहान और जेएनयूएसयू के अध्यक्ष एन साई बालाजी भी मौजूद थे। 

भीम आर्मी महाकोर कमेटी के अध्यक्ष राजू धनके ने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए कहा, "पिछले 5 सालों में दलितों के ऊपर कई अत्याचार हुए हैं। बीजपी से ज़्यादा दलित विरोधी कोई और सरकार इस देश में आज तक नहीं आई है। मोदीजी ने कहा था कि अच्छे दिन आएंगे। लेकिन अच्छे दिन किसके आए हैं? दलितों-पिछड़ों के अच्छे दिन नहीं आए हैं।" भीम कोरेगांव के सवाल पर राजू धनके ने कहा, "वो हमारे पुरखों की निशानी है, जिसे नष्ट करने का षड्यंत्र महाराष्ट्र की राज्य सरकार और देश की केंद्र सरकार कर रही है। संभाजी भिड़े को तो प्रधानमंत्री अपना गुरु बताते हैं।"

रैली में विभिन्न जगहों से शामिल हुए दलित संगठनों के नेताओं ने जनता को संबोधित किया। सब की बातों में दलित अधिकारों की बात और मौजूदा सरकार की दलित विरोधी नीतियों के विरोध में आवाज़ उठाने की अपील जनता से की गई। 

IMG_7619-1024.jpg

अंत में भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर ने जनता को संबोधित किया। चंद्रशेखर, जो सीधे अस्पताल से रैली में शामिल होने आए, बीमार थे और उन्हें बोलने में तकलीफ़ हो रही थी। बावजूद इसके चंद्रशेखर ने जनता को संबोधित किया। भाषण की शुरुआत करते हुए चंद्रशेखर सहित मंच पर मौजूद सभी दलित नेताओं ने संविधान को अपने हाथ में रखा था और चंद्रशेखर ने सभी से अपील की कि अपने-अपने घरों में संविधान को रखें। 

आज 15 मार्च को दलित नेता कांशीराम का जन्मदिन है। अपने भाषण कि शुरुआत चंद्रशेखर ने कांशीराम और बाबा साहब भीम राव अंबेडकर को याद करते हुए की।

चंद्रशेखर ने कहा, "हम बहुजन समाज के लोग आज मिल के एलान-ए-जंग कर रहे हैं। जितनी ताक़त लगा सकते हैं लगा लीजिये, दिल्ली की गद्दी इस बार आपको छूने भी नहीं देंगे। मैं 16 महीने से हर रात ये सोचा करता था कि मैं कब अपने लोगों के बीच में अपनी बात रखूँगा। आज मैं आपके बीच खड़ा हूँ।"

बता दें कि यूपी पुलिस ने चंद्रशेखर के नाम एफआईआर दर्ज कर ली है, जिस पर उन्होंने कहा, "UP पुलिस और प्रशासन हमसे डर गया है, इसीलिए उन्होंने हमारी रैली रोकी। मुझे अपने बारे में कोई सफ़ाई नहीं देनी है। मैं बहुजन समाज के लिए ईमानदार हूँ और मैं पूरी ईमानदारी के साथ बहुजन समाज के लिए काम करूंगा। मैं कांशीराम और अंबेडकर के सपनों को पूरा करने के लिए काम करूंगा। जीऊँगा भी बहुजन समाज के लिए और मरूँगा भी बहुजन समाज के लिए।"

चंद्रशेखर ने बनारस से नरेंद्र मोदी के सामने चुनाव लड़ने का एलान कर दिया है। कांशीराम को याद करते हुए उन्होंने कहा, "कांशीराम ने अपनी सारी संपत्ति समाज के नाम कर दी थी। आज का कोई नेता ऐसा कर सकता है? मैं आज इस मंच से ऐलान करता हूँ कि मेरी सारी संपत्ति समाज की है। मैं उन सभी से निवेदन करता हूँ जिन्हें दलितों के लिए पीड़ा होती है, वो आएँ और हमारे साथ शामिल हों। मैं आप सबका धन्यवाद देता हूँ जो देश भर से भीम आर्मी के कार्यकर्ता आज यहाँ आए हैं। याद रखिए कि संघर्ष में सब अकेले होते हैं, लेकिन जब सफलता मिल जाती है तो काफिले साथ होते हैं।" 

अंत में उन्होंने कहा, "ये मनुवादी व्यवस्था 4 'अ' के बल पर चलती है: असामानता, असत्य, अन्याय और अपमान। हमें इस व्यवस्था को ख़त्म करना है और लाल क़िले पर नीला झण्डा फहराना है।" 

 

युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "क्या युवा बिकाऊ है? क्या युवाओं को, अंबेडकरवाद को कोई ख़रीद सकता है? मैं संविधान बचाने के लिए लड़ रहा हूँ। ये हमें जेलों से डराने कि कोशिश कर रहे हैं। बाबा साहब ने कहा था कि ये इक्कीसवीं सदी हमारी है। आज युवाओं को संकल्प लेना है कि हमारे रहबर कांशीराम और बाबा साहब अंबेडकर के सपनों के लिए हमें इस मनुवादि सत्ता को ख़त्म करने के लिए लड़ना होगा।"

Bhim Army
Chandrashekhar
Bahujan Hunkar Rally
Narendra modi
Lok Sabha Elections 2019
Yogi Adityanath
yogi government
Bhim rao Ambedkar

Related Stories

बात बोलेगी: मुंह को लगा नफ़रत का ख़ून

सद्भाव बनाम ध्रुवीकरण : नेहरू और मोदी के चुनाव अभियान का फ़र्क़

एक व्यापक बहुपक्षी और बहुआयामी दृष्टिकोण की आवश्यकता

हम भारत के लोगों की असली चुनौती आज़ादी के आंदोलन के सपने को बचाने की है

हम भारत के लोग : इंडिया@75 और देश का बदलता माहौल

हम भारत के लोग : हम कहां-से-कहां पहुंच गये हैं

संविधान पर संकट: भारतीयकरण या ब्राह्मणीकरण

झंझावातों के बीच भारतीय गणतंत्र की यात्रा: एक विहंगम दृष्टि

आज़ादी के अमृत महोत्सव वर्ष में हमारा गणतंत्र एक चौराहे पर खड़ा है

हम भारत के लोग: झूठी आज़ादी का गणतंत्र!


बाकी खबरें

  • putin
    अब्दुल रहमान
    मिन्स्क समझौते और रूस-यूक्रेन संकट में उनकी भूमिका 
    24 Feb 2022
    अति-राष्ट्रवादियों और रूसोफोब्स के दबाव में, यूक्रेन में एक के बाद एक आने वाली सरकारें डोनबास क्षेत्र में रूसी बोलने वाली बड़ी आबादी की शिकायतों को दूर करने में विफल रही हैं। इसके साथ ही, वह इस…
  • russia ukrain
    अजय कुमार
    यूक्रेन की बर्बादी का कारण रूस नहीं अमेरिका है!
    24 Feb 2022
    तमाम आशंकाओं के बाद रूस ने यूक्रेन पर हमला करते हुए युद्ध की शुरुआत कर दी है। इस युद्ध के लिए कौन ज़िम्मेदार है? कौन से कारण इसके पीछे हैं? आइए इसे समझते हैं। 
  • up elections
    अब्दुल अलीम जाफ़री
    उत्तर प्रदेश चुनाव: ज़मीन का मालिकाना हक़ पाने के लिए जूझ रहे वनटांगिया मतदाता अब भी मुख्यधारा से कोसों दूर
    24 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश में चल रहे विधानसभा चुनाव के छठे चरण का मतदान इस इलाक़े में होना है। ज़मीन के मालिकाना हक़, बेरोज़गारी और महंगाई इस क्षेत्र के कुछ अहम चुनावी मुद्दे हैं।
  • ayodhya
    अरुण कुमार त्रिपाठी
    यूपी चुनाव: अयोध्यावादियों के विरुद्ध फिर खड़े हैं अयोध्यावासी
    24 Feb 2022
    अयोध्या में पांचवे दौर में 27 फरवरी को मतदान होना है। लंबे समय बाद यहां अयोध्यावादी और अयोध्यावासी का विभाजन साफ तौर पर दिख रहा है और धर्म केंद्रित विकास की जगह आजीविका केंद्रित विकास की मांग हो रही…
  • mali
    पवन कुलकर्णी
    माली से फ़्रांसीसी सैनिकों की वापसी साम्राज्यवाद के ख़िलाफ़ ऐतिहासिक जीत है
    24 Feb 2022
    माली से फ़्रांसीसी सैनिकों को हटाने की मांग करने वाले बड़े पैमाने के जन-आंदोलनों का उभार 2020 से जारी है। इन आंदोलनों की पृष्ठभूमि में, माली की संक्रमणकालीन सरकार ने फ़्रांस के खिलाफ़ लगातार विद्रोही…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License