NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
झारखण्ड : एयरपोर्ट बनाने के लिए तोड़े गए दलितों के घर , 2 लोगों की मौत
ये सभी 105 परिवार बेघर होने के बाद से वहीँ टैंटों में रहने को मजबूर हैं I 6 जनवरी इस दलित गाँव की देवकी देवी की ठण्ड से मौत हो गयी और इसके दो दिन बाद 8 जनवरी को इस गाँव के निवासी पोचा मांझी की भी इसी वजह से मौत हुई I
ऋतांश आज़ाद
22 Jan 2018

झारखण्ड से एक अमानवीय घटना सामने आयी है जहाँ 105 दलितों के घर उजाड़े जाने के बाद 2 लोगों की मौत हो गयी है I अक्टूबर में झारखण्ड के देवघर ज़िले के बाबूपुर गाँव में 105 दलितों और पास ही के गाँव में 28 मुसलमानों के घर उजाड़ दिए गए थे I प्रशासन द्वारा ये कहा जा रहा है कि ये कार्यवाही इसीलिए की गयी है क्योंकि वहाँ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाया जा रहा है I

लेकिन गाँव वालों का कहना है कि उन्हें न तो पहले इस बात की सूचना दी गयी और न ही उन्होंने गैरकानूनी ढंग से इस ज़मीन पर कब्ज़ा किया हुआ था I पीड़ित परिवार के मनोज ने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए कहा “अक्टूबर में जब हमारे घर तोड़े गये तो हमें कोई नोटिस नहीं दिया गया, हम रातों रात बेघर हो गए I हमें न तो कोई मुआवज़ा दिया गया है और न ही हमे फिर से बसाया गया I हमारे और बगल के एक मुस्लिम गाँव के आलावा 20 और गाँव को तोड़ा गया है लेकिन उन सभी को मुआवज़ा मिला है I”

jharkhand

ये सभी 105 परिवार बेघर होने के बाद से वहीँ टैंटों में रहने को मजबूर हैं I 6 जनवरी इस दलित गाँव की देवकी देवी की ठण्ड से मौत हो गयी और इसके दो दिन बाद 8 जनवरी को इस गाँव के निवासी पोचा मांझी की भी इसी वजह से मौत हुई I पोचा मांझी 48 वर्षीय खेत मज़दूर थे और देवकी देवी 45 वर्षीय थीं I जब ये मामला बढ़ने लगा तो सरकार ने कहा कि इन दोनों की मौत बीमारी से हुई है सर्दी से नहीं I सरकार का ये कहना है कि उन्होंने पोचा मांझी को मुआवज़े के 58 लाख रुपये दिए थे , पर सवाल ये उठता है कि फिर हो इस तरह टेंट में क्यों रह रहे थे I एक  स्थानीय संस्था  "दलित अधिकार मंच" ने वहाँ जाकर जब पड़ताल की तो उन्हें मृतकों के परिवारवालों ने कहा कि ये बातें सरासर झूठ है ,इस बातचीत का दलित अधिकार मंच ने विडियो भी जारी किया है I

jharkhand

jharkhand

इन दोनों गाँवों में ज़्यादातर लोग या तो खेत मज़दूर या दिहाड़ी मज़दूर हैं, इन सभी के पक्के मकानों को तोडा गया है और जनवरी की सर्दी में यहाँ रहना जानलेवा साबित हो रहा है I बताया जा रहा है अक्टूबर में जब ये मकान तोड़े गए तो उसी दिन एक बच्चे की डिलीवरी वहाँ हो रही थी I

jharkhand

पीड़ित परिवार के मनोज का कहना है कि गाँव वालों की करीब 10 एकड़ खेती की ज़मीन भी ले ली गयी है और उन्हें इसके मुआवज़े के तौर पर बहुत की कम रकम मिली है I दलित अधिकार मंच द्वारा बनाये गए विडियो में इस गाँव वालों की लाचारी साफ़ देखी जा सकती है इसमें से एक औरत का कहना है “जब से घर तोड़े गए हैं एक भी अधिकारी यहाँ नहीं आया है I” दलित अधिकार मंच के सामजिक कार्यकर्ता और पीड़ित परिवार के लोग लगातार इस मामले में अधिकारियों से मिल रहे हैं I उनकी माँग है कि उन्हें फिर से बसाया जाए , उनके नुक्सान की भरपाई की जाए और उन्हें ज़मीन भी दी जाए I इस घटनाक्रम से झारखण्ड सरकार पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं I अगर ज़मीन खाली करनी ही थी तो पहले नोटिस क्यों नहीं दिया गया ? अगर बाकि गाँवों को मुआवज़ा मिला तो इस दलित और मुस्लिम गाँव को क्यों नहीं दिया गया ? इन दो मौतों के लिए कौन ज़िम्मेदार है ? इन लोगों का पुनर्वास कब किया जायेगा ?

Dalit atrocities
Jharkhand government
BJP
deogarh land grab
deogarh airport

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • punjab
    भाषा सिंह
    पंजाब चुनावः परदे के पीछे के खेल पर चर्चा
    19 Feb 2022
    पंजाब में जिस तरह से चुनावी लड़ाई फंसी है वह अपने-आप में कई ज़ाहिर और गुप्त समझौतों की आशंका को बलवती कर रही है। पंजाब विधानसभा चुनावों में इतने दांव चले जाएंगे, इसका अंदाजा—कॉरपोरेट मीडिया घरानों…
  • Biden and Boris
    जॉन पिलगर
    युद्ध के प्रचारक क्यों बनते रहे हैं पश्चिमी लोकतांत्रिक देश?
    19 Feb 2022
    हाल के हफ्तों और महीनों में युद्ध उन्माद का ज्वार जिस तरह से उठा है वह इसका सबसे ज्वलंत उदाहरण है
  • youth
    असद रिज़वी
    भाजपा से क्यों नाराज़ हैं छात्र-नौजवान? क्या चाहते हैं उत्तर प्रदेश के युवा
    19 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश के नौजवान संगठनों का कहना है कि भाजपा ने उनसे नौकरियों के वादे पर वोट लिया और सरकार बनने के बाद, उनको रोज़गार का सवाल करने पर लाठियों से मारा गया। 
  • Bahubali in UP politics
    विजय विनीत
    यूपी चुनाव: सियासी दलों के लिए क्यों ज़रूरी हो गए हैं बाहुबली और माफ़िया?
    19 Feb 2022
    चुनाव में माफ़िया और बाहुबलियों की अहमियत इसलिए ज्यादा होती है कि वो वोट देने और वोट न देने,  दोनों चीज़ों के लिए पैसा बंटवाते हैं। इनका सीधा सा फंडा होता है कि आप घर पर ही उनसे पैसे ले लीजिए और…
  • Lingering Colonial Legacies
    क्लेयर रॉथ
    साम्राज्यवादी विरासत अब भी मौजूद: त्वचा के अध्ययन का श्वेतवादी चरित्र बरकरार
    19 Feb 2022
    त्वचा रोग विज्ञान की किताबों में नस्लीय प्रतिनिधित्व की ऐतिहासिक कमी ना केवल श्वेत बहुल देशों में है, बल्कि यह पूरी दुनिया में मौजूद है
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License